कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, पहाड़ों में बढ़ा खतरा, लोगों से सतर्क रहने की सलाह

दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में अगले 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट, हिमाचल-उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन का खतरा बढ़ा, लोगों से सतर्क रहने की अपील
आज, हिमाचल प्रदेश तथा  जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने यहां बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।
आज, हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने यहां बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।
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सारांश
  • अगले 48 घंटे कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में रेड अलर्ट, उत्तराखंड में चारधाम यात्रा फिलहाल स्थगित।

  • दिल्ली-एनसीआर में बारिश से मौसम सुहावना, कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी, लोगों को सतर्क रहने की सलाह।

  • हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित, भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बढ़ा, प्रशासन अलर्ट पर।

  • देशभर में मानसून फिर सक्रिय, कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश के आसार, किसानों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह।

  • कोलकाता समेत कई शहरों में अच्छी बारिश दर्ज, नदियों का जलस्तर बढ़ा, निचले इलाकों में जलभराव से लोगों की परेशानी बढ़ी।

देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और पश्चिमी तटीय राज्यों तक कई इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार, 21 जुलाई, 2026 की सुबह हुई बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली, वहीं हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड तथा जम्मू और कश्मीर में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।

दिल्ली-एनसीआर में बारिश से मिली राहत

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में मंगलवार सुबह कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट आई। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

उत्तराखंड में 98 सड़कें बंद

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से हालात मुश्किल बने हुए हैं। पहाड़ी इलाकों में कई जगह भूस्खलन हुआ है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 98 सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे कई क्षेत्रों का संपर्क टूट गया है।

चारधाम यात्रा मार्गों पर भी लगातार बारिश और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा को फिलहाल रोक दिया है। मौसम सामान्य होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।

हिमाचल में रेड अलर्ट

हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और सिरमौर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश होने के आसार हैं।

इसके अलावा ऊना, हमीरपुर और शिमला जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने और पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

जम्मू-कश्मीर में हालात गंभीर

जम्मू और कश्मीर में लगातार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण पिछले दो दिनों में 24 लोगों की जान जा चुकी है। छह लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। कई जगहों पर राहत और बचाव कार्य जारी है।

भारी बारिश की आशंका को देखते हुए श्री अमरनाथ यात्रा, माता वैष्णो देवी यात्रा, रियासी स्थित शिवखोड़ी और किश्तवाड़ के सार्थल की धार्मिक यात्राएं लगातार दूसरे दिन भी स्थगित रहीं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से मौसम सामान्य होने तक यात्रा न करने की अपील की है।

आज इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार आज, हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने यहां बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इन पहाड़ी राज्यों में 204.5 मिमी से अधिक बरस सकते हैं बादल।

इसके अलावा आज, 21 जुलाई, 2026 को असम और मेघालय, बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। इन सभी राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है। विभाग ने यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग की मानें तो आज, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई इलाकों में भी भारी बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने इन सभी राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।

वहीं आज, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

तापमान में आई गिरावट

बारिश के कारण कई राज्यों में तापमान सामान्य से नीचे आ गया है। हालांकि 20 जुलाई को राजस्थान के श्रीगंगानगर में सबसे अधिक 42.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं ओडिशा के बौध में मैदानी इलाकों का सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

बारिश का सिलसिला जारी रहने से आने वाले दिनों में उत्तर भारत और मध्य भारत के कई हिस्सों में गर्मी से और राहत मिलने की संभावना है।

कई जगह हुई अच्छी बारिश

पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिम बंगाल के कोलकाता (दमदम) में 160 मिमी बारिश दर्ज की गई। मालदा में 130 मिमी, प्रयागराज में 100 मिमी, जम्मू और कश्मीर के कटरा और छत्तीसगढ़ के पेंड्रा रोड में हर जगह 80 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। हिमाचल प्रदेश के नाहन, बिहार के फारबिसगंज और दमन में हर जगह 60 मिमी वर्षा हुई।

लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर रखे हुए है।

लोगों और किसानों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। भारी बारिश के समय अनावश्यक यात्रा से बचें और जलभराव वाले रास्तों से न गुजरें। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका वाले जगहों से दूर रहें। गरज-चमक के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों।

किसानों को सलाह दी गई है कि जिन इलाकों में लगातार बारिश हो रही है वहां खेतों से पानी निकालने की व्यवस्था करें। बारिश के दौरान सिंचाई और कीटनाशकों का छिड़काव न करें। तैयार फसलों की कटाई मौसम साफ होने पर करें और अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखें। पशुओं को सूखी और सुरक्षित जगह पर रखें तथा मौसम की ताजा जानकारी के आधार पर ही खेती से जुड़े कार्य करें।

देश के कई हिस्सों में अगले दो दिन मौसम चुनौतीपूर्ण रह सकता है। ऐसे में सावधानी और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी हर नई सूचना पर नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें।

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