मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश व पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में बाढ़ का खतरा

पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बहुत भारी बारिश के आसार, अचानक बाढ़ की आशंका
मध्य प्रदेश में भारी बारिश का रेड अलर्ट, कई जिलों में अत्यधिक बारिश से बाढ़ और जलभराव का खतरा बढ़ा।
मध्य प्रदेश में भारी बारिश का रेड अलर्ट, कई जिलों में अत्यधिक बारिश से बाढ़ और जलभराव का खतरा बढ़ा।फोटो साभार: आईस्टॉक
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सारांश
  • मध्य प्रदेश में भारी बारिश का रेड अलर्ट, कई जिलों में अत्यधिक बारिश से बाढ़ और जलभराव का खतरा बढ़ा।

  • उत्तर प्रदेश के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 204 मिमी तक बारिश और अचानक बाढ़ की आशंका जताई गई।

  • पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान, पहाड़ी और नदी वाले इलाकों में बढ़ी चिंता।

  • दिल्ली समेत उत्तर भारत में भारी बारिश के आसार, उत्तराखंड और हिमाचल में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ा।

  • कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका, आंध्र प्रदेश में तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से तीन सितम्बर, 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में बना कम दबाव का क्षेत्र अभी भी उसी इलाके में बना हुआ है। इसके कारण मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी है।

मौसम विभाग के मुताबिक, यह कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके चलते दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्य प्रदेश के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही कुछ हिस्सों में तेज बारिश और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है।

मानसून ट्रफ देश के कई हिस्सों से होकर गुजर रही है। समुद्र तल पर बनी यह ट्रफ श्रीगंगानगर, रोहतक, फुरसतगंज, प्रयागराज और उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश में बने कम दबाव के क्षेत्र के केंद्र से होते हुए रांची और दीघा तक पहुंच रही है।

इस बीच पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। मानसून ट्रफ, कम दबाव के क्षेत्र से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ जैसे मौसमी प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। इन प्रणालियों के कारण कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और कुछ जगहों पर तेज हवाएं चलने की आशंका बनी हुई है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा खतरा

मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है। यहां अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश तथा कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश होने का अंदेशा जताया है। विभाग ने यहां बारिश के लिए ऑरेंज से लेकर रेड अलर्ट तक जारी किया है। यहां 204.5 मिमी से अधिक बरस सकते हैं बादल। जबकि सतना, जबलपुर और सागर जैसे इलाकों में पहले ही अच्छी बारिश दर्ज की गई है।

बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने और छोटी नदियों तथा नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का खतरा

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, जौनपुर, फतेहपुर, कौशांबी, बांदा और चित्रकूट समेत कई जिलों में बारिश हो सकती है। इन जिलों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने इन इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ के खतरे की आशंका जताई है। लगातार बारिश होने पर खेतों, सड़कों और निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में महोबा, झांसी और ललितपुर में भी अचानक बाढ़ का खतरा बताया गया है। लोगों को नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अंदेशा जताया गया है। विभाग ने इन राज्यों में भी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां भी यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बादलों के बरसने के आसार हैं।

बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में भी भारी बारिश

भारी बारिश का असर बिहार और पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों में भी दिखाई देगा। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कुछ हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। जबकि बिहार में तेज बारिश के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। ऐसे में पहाड़ी और नदी किनारे के इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

दिल्ली और उत्तर भारत में भी बारिश

विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि आज, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बादलों के जमकर बरसने के आसार हैं। इन सभी राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने कहा है कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में तेज बारिश के कारण सड़क यातायात प्रभावित होने और स्थानीय स्तर पर भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।

कई राज्यों में आंधी और बिजली की चेतावनी

बारिश के साथ कई राज्यों में गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग इलाकों में वज्रपात का अंदेशा जताया गया है

वहीं आज, आंध्र प्रदेश में गरज के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक और जम्मू और कश्मीर, लद्दाख में भी 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

कहां रहा सामान्य से अधिक तापमान?

देश के कई इलाकों में बारिश के बीच तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, तेलंगाना और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा ऊपर दर्ज किया गया। पुडुचेरी और कराईकल में भी कुछ जगहों पर दिन का तापमान सामान्य से काफी अधिक रहा।

रात के तापमान में भी बढ़ोतरी

असम और मेघालय, बिहार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा सौराष्ट्र और कच्छ के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। यानी इन इलाकों में रात के समय भी मौसम सामान्य की तुलना में ज्यादा गर्म रहा।

मौसम विभाग के मुताबिक, दो सितंबर, 2026 को देश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान तमिलनाडु के पलायमकोट्टई में दर्ज किया गया। यहां तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान असम के हाफलोंग में 17.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कई इलाकों में हुई अच्छी बारिश

पिछले 24 घंटे के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सतना में 90 मिमी, जबलपुर में 70 मिमी और सागर में 60 मिमी बारिश हुई। असम के सिलचर में 80 मिमी तथा कोलकाता के अलीपुर में भी 80 मिमी बारिश दर्ज की गई। अंबाला और पंतनगर हर जगह 60-60 मिमी बारिश हुई।

किसानों और आम लोगों के लिए सलाह

भारी बारिश की आशंका को देखते हुए किसान खेतों में जलनिकासी की उचित व्यवस्था रखने और निचले खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने का इंतजाम करने की सलाह दी गई है। फसलों में सिंचाई फिलहाल रोकने का सुझाव भी दिया गया है। तेज हवा और बारिश के दौरान खेतों में जाने से बचें। कटी हुई फसल और कृषि उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें। बिजली चमकने के समय पेड़ या खुले स्थान के नीचे खड़े न होने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने आम लोगों से भी भारी बारिश के दौरान सावधानी बरतने और बिजली चमकने के समय खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है। आने वाले 24 घंटे मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों के लिए अहम रहेंगे।

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