

पश्चिमी राजस्थान से 19 सितंबर के आसपास मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना जताई गई है।
दिल्ली-एनसीआर में उमस भरी गर्मी के बीच बुधवार को कुछ इलाकों में हल्की बारिश और गरज-चमक के आसार हैं।
सौराष्ट्र और उत्तर-पूर्वी अरब सागर के पास बना कम दबाव का क्षेत्र देश के कई हिस्सों में बारिश को प्रभावित कर रहा है।
कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
जैसलमेर में अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री रहा, जबकि बेंगलुरु और तुनी हर जगह 60 मिमी बारिश दर्ज की गई।
देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की गतिविधियां जारी हैं, लेकिन अब इसके धीरे-धीरे लौटने के संकेत भी मिलने लगे हैं। मौसम विभाग की ओर से आज सुबह यानी 16 सितंबर 2026 को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां 19 सितंबर के आसपास अनुकूल हो सकती हैं।
दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। बीच-बीच में बादलों की आवाजाही लगी रहने से मौसम में कुछ बदलाव जरूर महसूस हुआ, लेकिन गर्मी और उमस से राहत नहीं मिली। मौसम विभाग ने आज, बुधवार को भी राजधानी के कुछ इलाकों में हल्की से लेकर भारी बारिश कहीं बूंदाबांदी की संभावना जताई है। विभाग के द्वारा यहां भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
राजधानी में बुधवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान के 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। दिन के समय पूर्वी दिशा से 10 से 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं, दिल्ली, हरियाणा और आसपास के इलाकों में में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
सौराष्ट्र के पास बना कम दबाव का क्षेत्र
मौसम की मौजूदा स्थिति में सौराष्ट्र और उससे लगे उत्तर-पूर्वी अरब सागर के पास बना कम दबाव क्षेत्र अहम है। मौसम विभाग के अनुसार, 16 सितंबर की सुबह साढ़े पांच बजे यह कम दबाव का क्षेत्र सौराष्ट्र और उससे सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर के ऊपर था। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 9.4 किमी की ऊंचाई तक फैला हुआ है।
मानसून ट्रफ भी अब इस कम दबाव क्षेत्र के केंद्र से होकर गुजर रही है। यह ट्रफ डीसा, गुना, सतना, डाल्टनगंज, जमशेदपुर और दीघा से होते हुए उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। मौसम की इस स्थिति का असर देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के रूप में देखने को मिल रहा है।
वहीं जम्मू और आसपास के इलाकों में बना पश्चिमी विक्षोभ अब कमजोर पड़ गया है। करीब 3.1 किमी की ऊंचाई पर मौजूद इसका चक्रवाती परिसंचरण अब पहले की तुलना में कम प्रभावी रह गया है।
कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने आज, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, केरल, तमिलनाडु तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अंदेशा जताया है। इन सभी राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।
इसके अलावा कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, केरल और तमिलनाडु में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। वहीं, आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी गरज के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
जैसलमेर में 39.6 डिग्री तापमान
देश के कुछ हिस्सों में बारिश के बीच गर्मी का असर भी बना हुआ है। 15 सितंबर, 2026 को देश के मैदानी इलाकों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस जैसलमेर में दर्ज किया गया। वहीं असम के हाफलोंग में सबसे कम न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहा। रायलेसीमा के कई इलाकों में तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। तेलंगाना और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया।
कई इलाकों में हुई अच्छी बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कल सुबह 8:30 बजे से आज सुबह 5:30 बजे तक देश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के बेंगलुरु और तटीय आंध्र प्रदेश के तुनी दोनों जगहों पर 60 मिमी बारिश हुई।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पोर्ट ब्लेयर, पूर्वी राजस्थान के अजमेर, लक्षद्वीप के मिनिकॉय तथा असम और मेघालय के धुबरी हर जगह 20 मिमी बारिश दर्ज की गई।
किसानों और आम लोगों के लिए सलाह
किसान जिन इलाकों में भारी बारिश के आसार हैं वहां खेतों में जलभराव से बचाव की व्यवस्था रखें और कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें। तेज हवाओं और गरज-चमक के दौरान खेतों में काम करने से बचें। मौसम साफ होने पर ही कृषि कार्य करें।
आम लोग बारिश और बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें। वाहन चालक फिसलन भरी सड़कों पर सावधानी से वाहन चलाएं। उमस भरी गर्मी में पर्याप्त पानी पीते रहें और दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।