जानिए, कहां पहुंचा मानसून, कहां चलेगी आंधी, क्या है आज के लिए मौसम का पूर्वानुमान

कई राज्यों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि के आसार, उत्तर भारत में लू का प्रकोप जारी, अगले कुछ दिनों में कई राज्यों में मानसून देगा दस्तक
आज, 10 जून, 2026 को हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों में लू चलने का अंदेशा जताया गया है।
आज, 10 जून, 2026 को हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों में लू चलने का अंदेशा जताया गया है।
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सारांश
  • कई राज्यों में बारिश, आंधी और बिजली की चेतावनी, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में लू जारी।

  • दिल्ली-एनसीआर में बारिश और तेज हवाओं से गर्मी से मामूली राहत, लेकिन गरज-चमक और आंधी का खतरा बरकरार।

  • दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले चार-पांच दिनों में महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, ओडिशा और अन्य राज्यों में आगे बढ़ सकता है।

  • पूर्वोत्तर भारत, केरल, कर्नाटक और तेलंगाना में भारी बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में जलभराव की आशंका।

  • हिमालयी राज्यों, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11-12 जून को ओलावृष्टि का अंदेशा।

देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक ओर उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में लू और भीषण गर्मी का असर बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर कई इलाकों में बारिश, आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के द्वारा आज सुबह, 10 जून, 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, ऊपरी हवा में बने चक्रवाती परिसंचरण और अन्य सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण आने वाले दिनों में देश के अधिकतर इलाकों में मौसम सक्रिय रहेगा। वहीं दक्षिण-पश्चिम मानसून के भी अगले चार से पांच दिनों के दौरान कई नए राज्यों में आगे बढ़ने की संभावना है।

उत्तर भारत में बारिश और आंधी के आसार

मौसम विभाग ने उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रहने की आशंका जताई है। उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों में 10 से 16 जून तक बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू और कश्मीर में भी बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा पूर्वी राजस्थान में भी 10 से 16 जून के बीच कहीं-कहीं बारिश होने का अनुमान है। इन राज्यों के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अंदेशा जताया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

11 जून से पश्चिमी हिमालयी इलाकों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। इसके कारण हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में मौसम फिर से बदल सकता है।

मौसम विभाग ने 11 और 12 जून को इन राज्यों में गरज चमक के साथ आंधी चलने, बारिश होने तथा कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 12 जून को ओले गिरने की आशंका जताई गई है।

दिल्ली-एनसीआर में आंधी-बारिश, गर्मी से मामूली राहत

कल, नौ जून, 2026 को देर रात तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने राजधानी दिल्ली और एनसीआर के लोगों को भी भीषण गर्मी से कुछ राहत दी है। इसने तापमान में गिरावट ला दी, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।

बारिश के साथ आसमान में बिजली भी चमकी और कई इलाकों में तेज हवाएं चलीं। इससे पहले दिन भर लोगों को गर्म हवाओं और उमस का सामना करना पड़ा था। दिल्ली का अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.5 डिग्री अधिक था।

मौसम विभाग के अनुसार आज, 10 जून को भी आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और दोपहर या शाम के समय गरज-चमक की गतिविधियों के जारी रहने की आशंका है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चल सकती हैं।

तेज हवाओं के कारण धूल उड़ने, पेड़ों की कमजोर शाखाएं टूटने तथा यातायात प्रभावित होने की आशंका है। गरज के साथ कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बिजली चमकने की भी आशंका बनी हुई है। वहीं आज, दिल्ली में अधिकतम तापमान के 44 डिग्री तक पहुंचने की आशंका है, जबकि न्यूनतम तापमान के 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने के आसार हैं।

मानसून की रफ्तार बढ़ी, अगले 4-5 दिनों में कई राज्यों में आगे बढ़ने की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। अगले चार से पांच दिनों के दौरान मानसून मध्य अरब सागर के कुछ और हिस्सों में पहुंच सकता है। इसके साथ ही महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश तथा तमिलनाडु के शेष इलाकों में भी मानसून के आगे बढ़ने की संभावना है।

मौसम विभाग का कहना है कि मानसून दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के साथ-साथ पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में भी सक्रिय हो सकता है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी मानसून के पहुंचने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।

स्रोत : भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी)

पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट

विभिन्न मौसमीय प्रणालियों और दक्षिण-पश्चिम मानसून के चलते आज, 10 जून, 2026 को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 155.6 से 204.4 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।

वहीं आज, बिहार, तेलंगाना, केरल, कर्नाटक, कोंकण-गोवा, तमिलनाडु तथा पूर्वोत्तर के कई इलाकों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। विभाग ने इन राज्यों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़ और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा

विभाग के द्वारा कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका व्यक्त की गई है। बिहार और पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। आंध्र प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु सहित कई राज्यों में भी बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है।

मौसम विभाग का कहना है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहना चाहिए। किसानों को भी खेतों में काम करते समय सावधानी बरतनी चाहिए।

तापमान में उतार-चढ़ाव जारी, श्रीगंगानगर रहा देश का सबसे गर्म शहर

मौसम विभाग के द्वारा जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि आने वाले दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में तापमान में बदलाव देखने को मिलेगा। उत्तर-पश्चिम भारत में 11 जून तक अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने के आसार हैं। इसके बाद 12 और 13 जून को तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि 14 और 15 जून को फिर से तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने का अनुमान है।

मध्य भारत में भी 10 जून तक अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने का पूर्वानुमान है। इसके बाद तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

पूर्वी भारत में 10 जून तक तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है। हालांकि 11 से 13 जून के बीच अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की कमी आ सकती है। इसके बाद तापमान लगभग स्थिर रहने का अनुमान है। देश के अन्य हिस्सों में 14 जून तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है और मौसम लगभग सामान्य बना रह सकता है।

मौसम विभाग के मुताबिक, नौ जून 2026 को राजस्थान का श्रीगंगानगर देश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं मैदानों में महाराष्ट्र के जेऊर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

हीटवेव या लू का असर बरकरार

हालांकि कई राज्यों में बारिश हो रही है, लेकिन कुछ राज्यों में हीटवेव या लू चलने के आसार बने हुए हैं। आज, 10 जून, 2026 को हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों में लू चलने का अंदेशा जताया गया है

वहीं आज, कोंकण और गोवा तथा ओडिशा के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरे मौसम की स्थिति बने रहने के आसार हैं। समुद्र से आने वाली नमी और उच्च तापमान के कारण लोगों को अत्यधिक पसीना, बेचैनी और असहजता का सामना करना पड़ सकता है।

विभाग ने लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

किसानों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि जहां बारिश की संभावना है वहां फिलहाल सिंचाई न करें। तेज हवाओं और ओलावृष्टि की आशंका वाले इलाकों में तैयार फसलों की कटाई जल्द पूरी कर लें और सुरक्षित स्थान पर भंडारण करें।

सब्जी, फल और अन्य बागवानी फसलों को सहारा देकर सुरक्षित किया जाए। पशुपालकों को अपने पशुओं को सुरक्षित शेड में रखने और पर्याप्त स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने की सलाह दी गई है।

कुल मिलाकर आने वाले दिनों में देश के अधिकतर इलाकों में मौसम सक्रिय रहने वाला है। कहीं बारिश राहत देगी तो कहीं लू, आंधी-तूफान, बिजली गिरने और ओलावृष्टि परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में लोगों और किसानों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देते हुए आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए।

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