कमजोर पड़ा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’, कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी व ओलावृष्टि का अलर्ट

चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ कमजोर पड़कर डीप डिप्रेशन में तब्दील हो गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज शाम तक यह निम्न दबाव यानी लो प्रेशर के क्षेत्र में बदल सकता है
जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल तथा उत्तराखंड 29 से दो नवंबर को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल तथा उत्तराखंड 29 से दो नवंबर को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। फोटो साभार: आईस्टॉक
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सारांश
  • चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ कमजोर पड़कर डीप डिप्रेशन में तब्दील, आज शाम तक कम दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना।

  • बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश व पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट।

  • दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में 29-30 अक्टूबर को 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका।

  • दक्षिण अंडमान सागर में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय, अगले 24 घंटों में नया कम दबाव क्षेत्र बनने के आसार।

  • पश्चिमी विक्षोभ से उत्तर भारत में बारिश, पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में आंधी-ओलावृष्टि का खतरा, किसानों को सतर्क रहने की सलाह।

बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ अब कमजोर होकर डीप डिप्रेशन में बदल गया है। हालांकि इसके कमजोर पड़ने के बावजूद देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बिगड़ा रह सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से आज, 29 अक्टूबर, 2026 की सुबह जारी ताजा अपडेट के अनुसार, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। वहीं, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में तेज हवाओं, गरज-चमक और ओलावृष्टि को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा ‘अर्नब’

मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ पिछले छह घंटों के दौरान करीब 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर की ओर बढ़ा। यह 28 अक्टूबर की रात 11:30 बजे डीप डिप्रेशन में तब्दील हो चुका था। उस समय इसका केंद्र उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश, दक्षिणी ओडिशा, दक्षिण छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर तेलंगाना के आसपास था।

यह प्रणाली ओडिशा के मलकानगिरी से लगभग 60 किमी दक्षिण में स्थित थीं। मौसम विभाग का अनुमान है कि 29 अक्टूबर की शाम तक इसके और कमजोर पड़कर कम दबाव वाले क्षेत्र में बदलने की संभावना है। यानी तूफान की ताकत घट रही है, लेकिन इससे जुड़ी बारिश और खराब मौसम का असर कुछ इलाकों में बना रह सकता है।

कई राज्यों में भारी बारिश का खतरा

चक्रवाती तूफान 'अर्नब’ के प्रभाव से बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। इन सभी राज्यों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।

वहीं आज, तटीय आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी मौसम खराब रह सकता है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।

विभाग ने अपने ताजा अपडेट में असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई है। वहीं, कुछ इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव क्षेत्र बनने के संकेत

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण अंडमान सागर और आसपास के इलाकों में बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण लगातार सक्रिय है। यह समुद्र तल से करीब 5.8 किमी की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके कारण अगले 24 घंटों के दौरान इसी क्षेत्र में एक नया कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बनने की आशंका जताई गई है।

कम दबाव का क्षेत्र बनने पर समुद्र से नमी वाली हवाएं आसपास के इलाकों की ओर बढ़ सकती हैं, जिससे बादल बनने और बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना रहती है।

पश्चिमी विक्षोभ भी बदलेगा मौसम का मिजाज

उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश और बादलों के पीछे पश्चिमी विक्षोभ की भी भूमिका अहम है। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जबकि मध्य क्षोभमंडल में एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा ट्रफ भी बना हुआ है।

इसके कारण जम्मू और कश्मीर, लद्दाख तथा आसपास के पहाड़ी इलाकों में 29 और 30 अक्टूबर को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। हिमाचल प्रदेश में 29 अक्टूबर से दो नवंबर तक और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में दो नवंबर तक बारिश का पूर्वानुमान है, यहां भी ऊंची-ऊंची पहाड़ियों पर बर्फ गिर सकती है।

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी अलग-अलग दिनों में बारिश और तेज हवाएं देखने को मिल सकती हैं। दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब में 29 और 30 अक्टूबर को गरज के साथ तेजहवाएं चलने के आसार हैं। 50 से 60 किमी प्रति की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के और तेज होकर 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

इन राज्यों में कुछ हिस्सों में ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है। पूर्वी राजस्थान में 29 अक्टूबर को ओलावृष्टि का अंदेशा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश और 30 अक्टूबर को कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। ऐसे मौसम में किसानों को कटी हुई फसल और खुले में रखी कृषि उपज की सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत है।

मछुआरों को समुद्र में सावधानी बरतने की सलाह

बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और पश्चिम बंगाल के तट के आसपास 29 अक्टूबर को 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। मछुआरों को समुद्र में जाते समय मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।

कहीं गर्मी का असर, तो कहीं गिरा पारा

मौसम के बदलते मिजाज के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में भी अंतर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 28 अक्टूबर को गुजरात के भुज में अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक रहा। वहीं, मैदानी इलाकों में हिमाचल प्रदेश के मंडी में न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

एक ओर गुजरात में गर्मी का असर बना हुआ है, तो दूसरी ओर पहाड़ी इलाकों से सटे हिस्सों में सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ने लगी है। आने वाले दिनों में बारिश, तेज हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कई इलाकों में तापमान में बदलाव देखने को मिल सकता है।

कुल मिलाकर, ‘अर्नब’ कमजोर जरूर पड़ रहा है, लेकिन देश के कई इलाकों में बारिश, बिजली, तेज हवाओं और ओलावृष्टि का दौर जारी रह सकता है। लोगों को स्थानीय मौसम अलर्ट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने का सुझाव दिया गया है।

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