पश्चिमी विक्षोभ व मानसून का दोहरा असर, कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी व ओलावृष्टि का अलर्ट

कई राज्यों में बारिश, आंधी, ओलावृष्टि, लू व उमस भरे मौसम का अलर्ट, किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह
असम और मेघालय, सिक्किम समेत पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी, कई इलाकों में ऑरेंज अलर्ट।
असम और मेघालय, सिक्किम समेत पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी, कई इलाकों में ऑरेंज अलर्ट।फोटो साभार: आईस्टॉक
Published on
सारांश
  • पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और मानसून के मिले-जुले असर से कई राज्यों में बारिश, आंधी, बिजली गिरने व ओलावृष्टि की आशंका।

  • दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर-पश्चिम भारत में तेज हवाओं, गरज-चमक और हल्की बारिश का अलर्ट, लोगों को सावधानी बरतने की सलाह।

  • असम, मेघालय, सिक्किम समेत पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी, कई इलाकों में ऑरेंज अलर्ट।

  • अगले चार-पांच दिनों में तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में मानसून आगे बढ़ सकता है।

  • बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में लू का खतरा, किसानों को फसल सुरक्षा की सलाह।

देश के कई इलाकों में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आज 18 जून 2026 से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम पर असर डालना शुरू करेगा। इसके साथ ही चक्रवाती परिसंचरण और सक्रिय मानसून के मिले जुले असर के कारण कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि के आसार बन रहे हैं। कुछ हिस्सों में मानसून की गति धीमी हुई है, लेकिन पूर्वी और दक्षिणी भारत में यह अभी भी सक्रिय बना हुआ है।

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में गरज-चमक, धूलभरी आंधी व ओलावृष्टि का अलर्ट

इन मौसमीय प्रणालियों को देखते हुए मौसम विभाग ने आज, 18 जून, 2026 को हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर तथा चंडीगढ़ में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अंदेशा जताया है। वहीं, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की भी आशंका है

राजस्थान के कुछ इलाकों में स्थिति ज्यादा गंभीर हो सकती है। यहां 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज आंधी के साथ हवा की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी चलने की भी चेतावनी जारी की गई है

दिल्ली-एनसीआर में आंधी और हल्की बारिश के आसार

वहीं आज, 18 जून, 2026 को दिल्ली-एनसीआर में पूरे दिन आसमान में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। शाम या रात के समय कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें या हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अंदेशा जताया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। धूल भरी हवाएं चलने से लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट

विभाग ने आज, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गोवा और कोंकण में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान लगाया है। बिहार और ओडिशा में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी आने की आशंका है।

पूर्वी और दक्षिणी भारत में भारी बारिश का अंदेशा

मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में आज, असम और मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका व्यक्त की है। इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है।

वहीं आज, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, केरल, तमिलनाडु, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन सभी राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। विभाग ने यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

समुद्र में न जाएं मछुआरे

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में तेज हवाएं और खराब मौसम बने रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने मछुआरों को चेतावनी दी है कि वे अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाएं। समुद्री इलाकों में 40 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका है।

जानें कहां पहुंचा मानसून

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा वर्तमान में अरब सागर से होते हुए हरनई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फुलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर तक बनी हुई है। इसका मतलब है कि मानसून इन इलाकों तक पहुंच चुका है और आगे बढ़ने की प्रक्रिया जारी है।

विभाग की मानें तो अगले चार से पांच दिनों के दौरान मानसून के और आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। यानी तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के शेष हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में मानसून की बारिश पहुंच सकती है। मानसून के आगे बढ़ने के साथ इन राज्यों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है।

स्रोत : भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी)

तापमान में उतार-चढ़ाव जारी, प्रयागराज रहा सबसे गर्म

मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि मध्य भारत में 19 जून तक अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे वृद्धि होने की आशंका है। इसके बाद तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। वहीं पूर्वी भारत में 18 जून तक तापमान लगभग स्थिर रह सकता है, लेकिन 19 से 21 जून के बीच अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके बाद तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।

महाराष्ट्र में भी 19 जून तक अधिकतम तापमान में लगभग दो डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है। हालांकि इसके बाद तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की कमी आने का अनुमान है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 17 जून 2026 को देश के मैदानी इलाकों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 45.0 डिग्री सेल्सियस पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान महाराष्ट्र के जेउर में 20.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

कई राज्यों में लू और उमस भरे मौसम का अलर्ट

देश के कई इलाकों में बारिश और आंधी की गतिविधियों के बीच कुछ राज्यों में भीषण गर्मी का असर भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में लू चलने की आशंका जताई है। इन राज्यों में दिन के समय तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

वहीं आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, कोंकण और गोवा तथा ओडिशा के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम बने रहने का अंदेशा है। ऐसे मौसम में तापमान भले ही बहुत अधिक न हो, लेकिन हवा में नमी बढ़ने से लोगों को अधिक गर्मी महसूस होती है। उमस के कारण थकान, बेचैनी और अत्यधिक पसीना आने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे नियमित रूप से पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें, अनावश्यक रूप से धूप में बाहर निकलने से बचें तथा मौसम से संबंधित ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखें।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

मौसम में अचानक बदलाव को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जिन फसलों की कटाई तैयार हो चुकी है, उन्हें जल्द सुरक्षित जगहों पर पहुंचा देना चाहिए। खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखनी चाहिए ताकि भारी बारिश की स्थिति में पानी जमा न हो।

किसानों को सलाह दी गई है कि बारिश की संभावना होने पर सिंचाई, कीटनाशक और उर्वरक का छिड़काव फिलहाल टाल दें। सब्जियों, बागवानी फसलों और फलों के बगीचों को तेज हवा और ओलावृष्टि से बचाने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय करने चाहिए। पशुपालकों को भी अपने पशुओं को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।

लोगों को सतर्क रहने की जरूरत

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान घरों के अंदर रहने की अपील की है। बिजली चमकने के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। तेज आंधी और धूल भरी हवाओं के दौरान वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि दृश्यता कम हो सकती है।

भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और फिसलन की स्थिति बन सकती है। ऐसे में अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

Down to Earth- Hindi
hindi.downtoearth.org.in