

पश्चिमी राजस्थान से 19 सितंबर के आसपास मानसून की विदाई शुरू होने का पूर्वानुमान, कई राज्यों में बारिश जारी रहेगी।
पूर्वोत्तर, उत्तर भारत और दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान, येलो अलर्ट जारी किया गया।
राजधानी में बादल छाए रहने और बारिश की संभावना, तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने तथा वज्रपात का भी अंदेशा।
खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था करें किसान, तैयार फसल सुरक्षित रखें और बारिश के दौरान दवाओं का छिड़काव टालें।
देश के कई इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून का असर अभी बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से 15 सितंबर, 2026 की सुबह जारी पूर्वानुमान के अनुसार, राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए मौसम की स्थितियां अनुकूल होने लगी हैं। पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी करीब 19 सितंबर के आसपास शुरू हो सकती है। हालांकि कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने का अनुमान है।
राजस्थान में बना कम दबाव का क्षेत्र
15 सितंबर की सुबह दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके आसपास कच्छ तथा दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान के हिस्सों में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ था। इसके कारण राजस्थान और आसपास के इलाकों में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। कम दबाव वाले क्षेत्र से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण भी ऊंचाई तक फैला हुआ है।
वहीं, मानसून ट्रफ दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से लेकर कच्छ और दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान के पास बने कम दबाव वाले क्षेत्र के केंद्र, फिर अजमेर, ग्वालियर, सुल्तानपुर, बांकुड़ा और दीघा से होकर गुजर रही है। इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रही है। इसके कारण इन इलाकों में बादल बनने और बारिश होने की संभावना बनी हुई है। वहीं मानसून ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ की मौजूदगी के कारण कुछ इलाकों में बादल, बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
कई राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने आज, 15 सितंबर, 2026 को कई राज्यों में भारी बारिश का अंदेशा जताया है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, केरल, सौराष्ट्र और कच्छ, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम तथा तमिलनाडु-पुडुचेरी में भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने इन सभी राज्यों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।
इन इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम की जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने और सड़क यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में भी बदल सकता है मौसम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में मौसम का मिजाज बदल गया है। सोमवार को दिल्ली में बारिश का अनुमान था, लेकिन राजधानी के ज्यादातर हिस्सों में बारिश नहीं हुई। हालांकि नोएडा और गाजियाबाद के कुछ इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग के द्वारा आज, मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर में भी भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। सुबह के समय आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। लोगों को उमस से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन बादलों के कारण मौसम दिनभर बदला हुआ रह सकता है।
आंधी और बिजली गिरने का भी खतरा
देश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ आंधी चलने का भी अंदेशा जताया गया है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, बिहार, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान और जम्मू और कश्मीर, लद्दाख के कुछ हिस्सों में बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए।
तापमान में उतार-चढ़ाव
मौसम विभाग के अनुसार असम और मेघालय तथा रायलसीमा के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रहा। वहीं अंडमान और निकोबार, असम और मेघालय, बिहार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र और तमिलनाडु-पुडुचेरी के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 5.1 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया।
जैसलमेर सबसे गर्म
14 सितंबर, 2026 को सबसे अधिक अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस राजस्थान के जैसलमेर में दर्ज किया गया। वहीं मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस महाराष्ट्र के येवतमाल में दर्ज हुआ। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के अलग-अलग तेवर देखने को मिल रहे हैं।
कई इलाकों में हुई अच्छी बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 14 सितंबर सुबह 8:30 बजे से 15 सितंबर सुबह 5:30 बजे तक छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में 60 मिमी बारिश दर्ज की गई। गुजरात के अहमदाबाद में 50 मिमी बारिश हुई। वहीं सौराष्ट्र-कच्छ के राजकोट में भी 50 मिमी और पोरबंदर में 40 मिमी बारिश दर्ज की गई।
किसानों और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह
बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए किसानों को खेतों में पानी की निकासी का उचित इंतजाम करना चाहिए। तैयार फसल, अनाज और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखना जरूरी है। बारिश के दौरान कीटनाशक या अन्य दवाओं का छिड़काव करने से बचना चाहिए। फसलों में रोग और कीटों की निगरानी भी जरूरी है।
आम लोगों को गरज-चमक और बिजली के दौरान पेड़, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहना चाहिए। भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचना चाहिए। कुल मिलाकर, मानसून धीरे-धीरे वापसी की ओर बढ़ रहा है, लेकिन फिलहाल देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। लोगों और किसानों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखते हुए जरूरी सावधानी बरतने की जरूरत है।