

गुजरात में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी, कई जिलों में 204.5 मिलीमीटर से अधिक बारिश होने का अनुमान है।
सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया।
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड में बारिश की संभावना, कई इलाकों में 17 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहेगा।
किसानों को जलभराव से फसल बचाने, तैयार उपज ढकने और तेज बारिश व बिजली के दौरान खेतों से दूर रहने की सलाह।
कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी, लोगों से मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील।
देश के कई इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। मौसम विभाग की ओर से आज सुबह, 13 सितंबर, 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण छत्तीसगढ़ और आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र अब दक्षिण छत्तीसगढ़ तथा उससे सटे विदर्भ के ऊपर है। इसके अगले 24 घंटे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से विदर्भ, मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
मानसून ट्रफ इस समय जैसलमेर, कोटा, बैतूल और दक्षिण छत्तीसगढ़ तथा आसपास के विदर्भ में बने कम के दबाव क्षेत्र के केंद्र से होकर गुजर रही है। इसके बाद यह कलिंगपट्टनम होते हुए मध्य-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक पहुंच रही है। इसके प्रभाव से मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।
दक्षिण भारत में दक्षिण आंतरिक कर्नाटक से तमिलनाडु होते हुए मन्नार की खाड़ी तक बनी ट्रफ भी सक्रिय है। वहीं, पश्चिमी विक्षोभ जम्मू और आसपास के इलाकों में चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण देश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
गुजरात में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने आज, 13 सितंबर, 2026 को गुजरात में भारी से बहुत भारी बारिश तथा कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश का अंदेशा जताया है। विभाग ने गुजरात के कुछ जिलों में ऑरेंज तथा कुछ में बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। यहां 204.5 मिमी से अधिक बारिश हो सकती है। गुजरात में बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाओं का अंदेशा जताया गया है।
वहीं आज, सौराष्ट्र और कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है। इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक पानी बरस सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम खराब होने के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।
वहीं, आज विदर्भ, मराठवाड़ा, कोंकण और गोवा तथा पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली समेत उत्तर भारत में भी बरस सकते हैं बादल
मौसम विभाग के अनुसार, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली तथा पंजाब में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। आज, 13 सितंबर को उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 13 से 17 सितंबर के बीच बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। उत्तर भारत के इन इलाकों में बारिश के साथ बादल गरजने और बिजली चमकने की घटनाएं भी हो सकती हैं। लोगों को खुले स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों में भी असर
आज, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है। वहीं आज, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इन सभी राज्यों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बरस सकते हैं बादल।
मौसम विभाग की मानें तो आज, आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तेज आंधी के साथ हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेलंगाना और तमिलनाडु-पुडुचेरी में भी गरज और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।
कई राज्यों में गर्मी और उमस का असर
बारिश के बीच देश के कुछ हिस्सों में गर्मी और उमस का असर भी बना हुआ है। केरल और माहे में कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम रहने कि आशंका है। पश्चिमी राजस्थान, सौराष्ट्र-कच्छ और तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। राजस्थान के बाड़मेर में सबसे अधिक 40.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। वहीं कई राज्यों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से काफी अधिक रहा। लोगों को गर्मी और उमस के दौरान पर्याप्त पानी पीने तथा दोपहर में अनावश्यक धूप में निकलने से बचने की सलाह दी जाती है।
किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
बारिश को देखते हुए किसानों को खेतों में जलभराव नहीं होने देना चाहिए और तैयार फसल को सुरक्षित, ढके स्थान पर रखना चाहिए। खुले में रखी उपज को तिरपाल से ढकें। तेज बारिश और बिजली चमकने के दौरान खेतों में काम न करें। खाद, कीटनाशक का छिड़काव और सिंचाई बारिश के समय टालें। कृषि यंत्र, चारा और पशुओं को सुरक्षित रखें। बिजली चमकने पर पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदानों से दूर रहें और पक्के भवन में शरण लें। तेज हवाओं में कमजोर पेड़ों और पुराने भवनों से बचें। वाहन चालक जलभराव वाली सड़कों पर सावधानी बरतें।
मौसम विभाग ने लोगों और किसानों से स्थानीय मौसम की जानकारी पर नजर रखने और चेतावनी के अनुसार सावधानी बरतने की अपील की है। बारिश के दौरान सतर्कता ही जनजीवन और फसलों को नुकसान से बचाने का सबसे बेहतर उपाय है।