

देशभर में मानसून सक्रिय, गुजरात-महाराष्ट्र में रेड अलर्ट, कई राज्यों में भारी बारिश, पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा।
पश्चिमी विक्षोभ व मानसून के असर से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में तेज बारिश जारी, सड़कें बंद, यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह।
असम में बाढ़ से हालात गंभीर, 5.64 लाख लोग प्रभावित, 872 गांव जलमग्न, राहत और बचाव कार्य जारी।
दिल्ली-एनसीआर में दिनभर बादल और बारिश के आसार, तापमान सामान्य से कम लेकिन अधिक नमी के कारण उमस बनी रहेगी।
किसानों को खेतों से पानी निकालने, फसल सुरक्षित रखने और भारी बारिश के दौरान सिंचाई व छिड़काव टालने की सलाह।
देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आज, 23 जुलाई 2026 की सुबह को जारी ताजा अपडेट में कहा है कि गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पूर्वोत्तर भारत समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश का भी अंदेशा जताया गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई जगह बाढ़, जलभराव और भूस्खलन जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय, पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के मुताबिक, जम्मू और आसपास के इलाकों के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ अब भी सक्रिय है। इसके कारण जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। ऊपरी वायुमंडल में बना यह चक्रवाती परिसंचरण और उससे जुड़ा ट्रफ पश्चिमी हिमालयी इलाकों में नमी पहुंचा रहा है। इसके कारण कुछ हिस्सों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं।
दिल्ली-एनसीआर में दिनभर बादल, बारिश के आसार
दिल्ली-एनसीआर में सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए हुए हैं। हवा में नमी अधिक होने के कारण लोगों को उमस का भी सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि आज दिनभर कई इलाकों में बारिश हो सकती है। बारिश के कारण अधिकतम तापमान 29 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। तापमान सामान्य से कम रहने के बावजूद अधिक नमी के कारण लोगों को गर्मी और चिपचिपाहट महसूस हो सकती है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन से बढ़ी परेशानी
लगातार हो रही बारिश ने पहाड़ी राज्यों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू और कश्मीर में कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। इसके कारण जान माल का नुकसान व कई सड़कें और राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गई हैं। यातायात प्रभावित होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश और भूस्खलन के कारण माता वैष्णो देवी और केदारनाथ यात्रा पर भी असर पड़ा है। कई मार्ग बंद होने से यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और मार्गों को खोलने का काम जारी है।
असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर
असम में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। ब्रह्मपुत्र नदी और उसकी सहायक नदियां उफान पर हैं। कई जिलों में गांवों का संपर्क टूट गया है और हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में अब तक बाढ़ से 31 लोगों की मौत होने की खबर है। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट और जोरहाट शामिल हैं। करीब 5.64 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। 872 गांव अब भी जलमग्न हैं, जबकि 24 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पानी में डूब चुकी है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और पुलिस की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और राहत सामग्री वितरित की जा रही है।
आज कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने आज, 23 जुलाई, 2026 को गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ हिस्सों में भयंकर बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में 204.5 से अधिक बारिश होने का अंदेशा जताया गया है।
इसके अलावा आज, पूर्वी राजस्थान, कोंकण और गोवा, मध्य प्रदेश तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका व्यक्त की गई है। इन राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।
वहीं आज, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, असम और मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, पंजाब, विदर्भ, सौराष्ट्र-कच्छ और पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। विभाग इन सभी राज्यों में भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। कुछ राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी अंदेशा जताया गया है।
तापमान की स्थिति
कल, 22 जुलाई, 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मैदानी इलाकों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान तमिलनाडु के मदुरै में 41.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान महाराष्ट्र के यवतमाल में 17.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मानसून सक्रिय रहने के कारण देश के अधिकतर इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम बना हुआ है, जबकि कई इलाकों में अधिक नमी के कारण उमस का अहसास जारी है।
कई जगहों पर अच्छी बारिश दर्ज
पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। मेघालय के चेरापूंजी में 100 मिमी और असम के उत्तर लखीमपुर में 90 मिमी वर्षा दर्ज की गई। जम्मू और कश्मीर के कटरा में 90 मिमी तथा काजीगुंड में 70 मिमी बारिश हुई। वहीं जम्मू, बनिहाल, बटोट और पहलगाम में भी अच्छी वर्षा रिकॉर्ड की गई। महाराष्ट्र के नासिक और मुंबई में भी भारी बारिश हुई।
लोगों और किसानों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। जलभराव वाले क्षेत्रों और तेज बहाव वाली नदियों या नालों को पार करने का प्रयास न करें। बिजली चमकने के समय खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। वाहन सावधानी से चलाएं और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।
किसानों को सलाह दी गई है कि जिन फसलों की कटाई तैयार है, उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखें। खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करें। भारी बारिश की आशंका को देखते हुए फिलहाल सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव टाल दें। पशुओं को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखें तथा पर्याप्त चारा और साफ पानी की व्यवस्था करें।