

सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ से उत्तर भारत में बारिश, आंधी, तेज हवाएं, तापमान गिरा, लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली।
मौसम विभाग ने कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया, मौसम हुआ सुहावना।
दिल्ली-एनसीआर समेत पंजाब, हरियाणा में तेज हवाएं और बारिश, कुछ हिस्सों में 60-70 किमी प्रति घंटे तक आंधी की चेतावनी।
पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा, असम-मेघालय में ऑरेंज अलर्ट, जलभराव और भूस्खलन की आशंका बढ़ी।
राजस्थान में धूल भरी आंधी, हिमाचल में ओलावृष्टि, पहाड़ों पर बारिश, उचाई वाले इलाकों में बर्फबारी।
देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के द्वारा आज सुबह, यानी 29 अप्रैल 2026 को जारी ताजा अपडेट के अनुसार, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत सहित देश के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का सिलसिला शुरू हो गया है। इस बदलाव से जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं कई इलाकों में खराब मौसम के कारण परेशानी भी बढ़ी है।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ इस समय पछुआ हवाओं में एक ट्रफ के रूप में 5.8 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है। इसके साथ ही ऊपरी हवा में चक्रवाती और उल्टा चक्रवाती प्रसार भी बन रहा है, जिससे मौसम और अधिक अस्थिर हो गया है। यही कारण है कि अचानक बादल छा रहे हैं, तेज हवाएं चल रही हैं और कई जगहों पर गरज के साथ बारिश हो रही है।
उत्तर-पश्चिम भारत में सबसे ज्यादा असर
उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में इस मौसमीय प्रणाली का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ-साथ ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी भी हो सकती है। इन राज्यों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के भी आसार हैं। यही नहीं मौसम विभाग ने आज, 29 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि होने का भी अंदेशा जताया है।
वहीं मैदानी इलाकों के पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। खासकर आज, 29 अप्रैल को इन राज्यों में आंधी की गति 60 से 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इससे पेड़ों के गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है।
राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी चेतावनी
राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में बारिश के साथ धूल भरी आंधी चलने की आशंका जताई गई है। 29 अप्रैल को यहां धूल भरी आंधी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। वहीं उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में भी अलग-अलग समय पर बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। इससे तापमान में कमी आएगी, लेकिन मौसम की अनिश्चितता बनी रहेगी।
दिल्ली-एनसीआर में बदला मौसम
राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर के इलाकों में आज, 29 अप्रैल की सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। आसमान में बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाओं ने लोगों को राहत दी। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश, गरज-चमक और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तापमान में गिरावट के कारण लोगों को कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।
आज दिल्ली में अधिकतम तापमान के 38 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान के 27 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने का पूर्वानुमान लगाया गया है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का खतरा
पूर्वोत्तर भारत में अगले पांच दिनों तक व्यापक स्तर पर बारिश होने की संभावना है। असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 155.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है। इससे जलभराव और भूस्खलन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। वहीं आज, अरुणाचल प्रदेश में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बरस सकते हैं बादल।
पूर्वी और मध्य भारत में भी मौसमीय असर
पूर्वी भारत के राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी है। बारिश की बात करें तो 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश होने का पूर्वानुमान है। इससे किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मध्य भारत के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इससे तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी।
दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर
दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी मौसम बदल रहा है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। केरल और तमिलनाडु में कुछ हिस्सों में भारी बारिश भी हो सकती है। कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों में ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है।
तापमान में गिरावट से राहत
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। पूर्वी और मध्य भारत में भी तापमान में थोड़ी कमी आएगी, हालांकि कुछ दिनों बाद फिर से बढ़ोतरी हो सकती है। तटीय क्षेत्रों में गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 28 अप्रैल, 2026 को उत्तर प्रदेश के बांदा में अधिकतम तापमान 45.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद में न्यूनतम तापमान 20.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
लू या हीटवेव, गर्म और उमस भरा मौसम तथा गर्म रातों की चेतावनी
राहत की बात यह है कि विभाग के पूर्वानुमान में आज देश के किसी भी हिस्से में लू या हीटवेव चलने की चेतावनी नहीं दी गई है। जबकि तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु, पुडुचेरी तथा कराईकल के अलग-अलग इलाकों गर्म और उमस भरे मौसम से छुटकारा मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं।
आंधी-तूफानी व बौछारों के बावजूद भी राजस्थान के कुछ हिस्सों में रातें गर्म रहने के आसार हैं। इसके कारण लोगों की नींद में खलल पड़ सकती है और स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।
किसानों के लिए सलाह
मौसम में इस बदलाव को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जिन राज्यों में ओलावृष्टि की आशंका है, वहां फलों और सब्जियों को सुरक्षित रखने के लिए जाल या कवर का उपयोग करना चाहिए। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में खेतों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था करनी जरूरी है, ताकि फसल खराब न हो।
किसानों को सलाह दी गई है कि पकी हुई फसलों की जल्द कटाई कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखें। तेज हवाओं के कारण फसल गिरने का खतरा रहता है, इसलिए पौधों को सहारा देना भी जरूरी है।
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
मौसम विभाग ने आम लोगों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर खड़े रहने से बचना चाहिए और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े नहीं होना चाहिए। तेज हवाओं के दौरान हल्के ढांचे और अस्थायी निर्माण से दूर रहना बेहतर है।
कुल मिलाकर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण देश के अधिकतर इलाकों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। जहां एक ओर बारिश और ठंडी हवाओं से लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है, वहीं दूसरी ओर आंधी, बिजली और भारी बारिश के कारण सतर्क रहने की जरूरत है। आने वाले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रहने की संभावना है, इसलिए सभी को मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखनी चाहिए।