

पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान के आसार, जनजीवन प्रभावित होने की आशंका
दिल्ली समेत उत्तर भारत में लू का कहर जारी, दिन के साथ रात में भी गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिल रही
पहाड़ी राज्यों में मौसम ने ली करवट, हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की चेतावनी जारी
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश, कर्नाटक में ओलावृष्टि का अंदेशा, तटीय इलाकों में उमस बढ़ी
मौसम विभाग का अलर्ट जारी, देशभर में बदलते मौसम के बीच कहीं बारिश तो कहीं गर्मी, लोगों को सतर्क रहने की सलाह
देश के मौसम में इन दिनों बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। एक ओर जहां पूर्वोत्तर और उत्तर के पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू लोगों को परेशान कर रही है। मौसम विभाग के द्वारा आज, 25 अप्रैल 2026 को जारी बुलेटिन में कहा गया है कि यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ, जेट स्ट्रीम और ऊपरी हवा के चक्रवाती प्रसार के कारण हो रहा है।
कहां होगी बारिश और कहां हैं आंधी-तूफान के आसार?
मौसम विभाग ने बताया है कि अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बरस सकते हैं बादल। साथ ही असम और मेघालय में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी तेज बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।
वहीं उत्तर के पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू और कश्मीर में भी तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान आने की चेतावनी दी गई है। पहाड़ी इलाकों में मौसम अचानक बदल सकता है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पूर्वी भारत में खराब मौसम
वहीं बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है। कुछ जगहों पर आंधी-तूफान भी आ सकता है। सिक्किम और उत्तर बंगाल में तो हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे नुकसान की आशंका बनी हुई है।
दक्षिण भारत में भी असर
दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में भी मौसम सक्रिय है। कर्नाटक के उत्तरी आंतरिक हिस्सों में ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। इसके अलावा केरल, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। तटीय इलाकों में मौसम उमस भरा रहेगा, जिससे लोगों को असहजता महसूस होगी।
तापमान में उतार-चढ़ाव जारी
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में 27 अप्रैल तक तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद 28 से 30 अप्रैल के बीच तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। उत्तर प्रदेश में पहले तापमान बढ़ेगा, फिर महीने के अंत में कमी आएगी। पूर्वी भारत में तापमान धीरे-धीरे कम होने की संभावना है, जिससे वहां कुछ राहत मिल सकती है।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 24 अप्रैल, 2026 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद में न्यूनतम तापमान 20.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कहां-कहां रहेगा हीटवेव या लू का प्रकोप?
छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और विदर्भ के कई हिस्सों में भीषण गर्मी जारी है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में लू चलने की चेतावनी दी है। दिन के समय तापमान काफी अधिक रहने के आसार हैं, जबकि रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। गर्म हवाओं और बढ़ते तापमान के कारण लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
गर्म और उमस भरे मौसम से परेशानी
बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और तटीय राज्यों में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा। यहां लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। यह स्थिति खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए परेशानी बढ़ा सकती है।
सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। जहां बारिश और तूफान की आशंका है, वहां लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और खुले इलाकों से दूर रहने को कहा गया है। वहीं जिन इलाकों में लू चल रही है, वहां लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए और पर्याप्त पानी पीना चाहिए।
देशभर में मौसम का यह बदलता स्वरूप आने वाले दिनों में भी जारी रह सकता है। कहीं बारिश और तूफान से राहत मिल रही है तो कहीं गर्मी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। ऐसे में जरूरी है कि लोग मौसम की जानकारी लेते रहें और सावधानी बरतें, ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।