

पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में बारिश बर्फबारी, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में लू का प्रकोप
दिल्ली-एनसीआर में तापमान 44 डिग्री के करीब, हीटवेव का येलो अलर्ट जारी, दोपहर में बाहर निकलना जोखिम भरा
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश की चेतावनी, असम मेघालय में तेज तूफान और 70 किमी प्रति घंटे तक हवाएं चलने का अंदेशा
बिहार, बंगाल और ओडिशा में आंधी बारिश का दौर जारी, बिजली गिरने का खतरा, किसानों को सतर्क रहने की सलाह
महाराष्ट्र में बारिश और ओलावृष्टि के आसार, फसलों को नुकसान की आशंका, किसानों को सुरक्षा उपाय अपनाने का सुझाव
मौसम विभाग के द्वारा आज, 24 अप्रैल 2026 को जारी ताजा अपडेट में कहा गया है कि पश्चिमी विक्षोभ मध्य स्तरों पर पछुआ हवाओं में एक ट्रफ के रूप में सक्रिय है। इसका असर जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी इलाकों में साफ देखा जा रहा है।
कैसा रहेगा उत्तर भारत का मौसम?
पश्चिमी विक्षोभ के चलते 24 और 25 अप्रैल को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में और 24 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश में, गरज, के साथ हल्की से मध्यम बारिश व ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने का पूर्वानुमान लगाया गया है। साथ ही उत्तर के इन पहाड़ी राज्यों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने तथा बिजली गिरने का अंदेशा भी जताया गया है।
वहीं उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में गर्मी अपने चरम पर है। आज 24 अप्रैल को दिल्ली, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में हीटवेव यानी लू चलने का अंदेशा जताया गया है। रात में भी गर्मी बनी रह सकती है, जिसे "वार्म नाइट" कहा जाता है।
दिल्ली-एनसीआर में तापमान लगातार 40 डिग्री के ऊपर बना हुआ है, जिससे गर्मी बढ़ रही है, इसके कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए लू या हीटवेव की चेतावनी जारी की है। इसके चलते ‘येलो अलर्ट’ घोषित किया गया है। येलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम सामान्य से ज्यादा गंभीर हो सकता है और लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर में करीब आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हालांकि ये हवाएं बहुत तेज नहीं हैं, इसलिए गर्मी से ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
दोपहर के समय हीटवेव का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है। खासकर 24 अप्रैल को गर्मी अपने चरम पर होगी, जब तापमान 43 से 44 डिग्री तक पहुंच सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
हालांकि 26 से 28 अप्रैल के बीच उत्तर भारत के कुछ मैदानी राज्यों में मौसम बदल सकता है। विभाग ने यहां हल्की बारिश और आंधी-तूफान की आशंका जताई है। इससे तापमान थोड़ा कम होगा और गर्मी से मामूली राहत मिल सकती है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश के आसार
पूर्वोत्तर भारत में इस समय मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय है। असम और मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और मिजोरम जैसे राज्यों में लगातार बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ वज्रपात होने की भी आशंका जताई गई है।
कुछ इलाकों में तेज तूफान भी आ सकते हैं, जिनकी रफ्तार 50 से 70 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। विभाग ने यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए और खुले में जाने से बचना चाहिए।
पूर्वी भारत में मौसम की स्थिति
मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी मौसम बदलता रहेगा। यहां हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने के आसार हैं। 24 अप्रैल से लेकर महीने के अंत तक इस तरह का मौसम बना रह सकता है। यह बारिश किसानों के लिए फायदेमंद भी हो सकती है, लेकिन तेज हवाएं और बिजली नुकसान भी पहुंचा सकती हैं।
दक्षिण भारत में कैसा रहेगा मौसम का रुख?
दक्षिण भारत में भी कुछ जगहों पर बारिश देखने को मिलेगी। केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। हालांकि यहां ज्यादा तेज बारिश नहीं होगी, लेकिन लोगों को अचानक बदलते मौसम का सामना करना पड़ेगा।
पश्चिम भारत में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
महाराष्ट्र और आसपास के इलाकों में 24 और 25 अप्रैल को बारिश और आंधी-तूफान के आसार हैं। कुछ जगहों पर ओलावृष्टि यानी ओले भी गिर सकते हैं। इससे फसलों को नुकसान हो सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों को बचाने के लिए जरूरी कदम उठाएं और पकी हुई फसल को जल्द सुरक्षित जगह पर रखें।
तापमान में उतार-चढ़ाव
विभाग ने कहा है कि उत्तर भारत में 26 अप्रैल तक तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा, लेकिन उसके बाद बारिश के कारण इसमें थोड़ी गिरावट आएगी।
मध्य भारत में तापमान थोड़ा बढ़ेगा और फिर स्थिर रहेगा। पूर्वी भारत में 26 अप्रैल के बाद तापमान कम हो सकता है। कुल मिलाकर देश के ज्यादातर हिस्सों में तापमान में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन कुछ जगहों पर गर्मी बनी रहेगी।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 23 अप्रैल, 2026 को राजस्थान के श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के गुरदासपुर में न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
लू या हीटवेव, गर्म रातें और उमस भरी गर्मी के आसार
देश के कई हिस्सों में लू या हीटवेव चलने का अंदेशा जताया गया है। आज 24 अप्रैल को बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, झारखंड, केरल और माहे, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और विदर्भ के अलग-अलग इलाकों में लू चलने की आशंका जताई गई है।
वहीं आज, 24 अप्रैल को तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, गुजरात, कोंकण और गोवा, ओडिशा तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के अलग-अलग हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की आशंका जताई गई है।
दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी पीछा नहीं छोड़ने वाली है। विभाग की मानें तो आज 24 अप्रैल को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, ओडिशा तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में रातें गर्म रहने का अंदेशा जताया गया है। ऐसे में नींद में खलल पड़ सकती है, जिससे स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है।
इस गर्मी का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को ज्यादा सावधानी की जरूरत है। ज्यादा देर धूप में रहने से चक्कर आना, कमजोरी और डिहाइड्रेशन हो सकता है।
सावधानियां और सुझाव
गर्मी से बचने के लिए लोगों को ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। घर से बाहर निकलते समय सिर को ढकना चाहिए और हल्के कपड़े पहनने चाहिए। दोपहर के समय बाहर जाने से बचना बेहतर होता है। पेय पदार्थ जैसे नींबू पानी, छाछ और लस्सी शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं। खेतों में काम करने वाले लोगों को भी बीच-बीच में आराम करना चाहिए।
किसानों के लिए सलाह
किसानों को मौसम के अनुसार अपनी फसलों का ध्यान रखना चाहिए। जहां बारिश या ओलावृष्टि के आसार हैं, वहां फसल को सुरक्षित रखना जरूरी है।
गर्मी वाले इलाकों में हल्की और बार-बार सिंचाई करनी चाहिए। इससे मिट्टी में नमी बनी रहती है और फसल को नुकसान नहीं होता। मल्चिंग का उपयोग भी किया जा सकता है ताकि पानी जल्दी न सूखे।
इस समय भारत का मौसम काफी बदलता हुआ है। कहीं बारिश है तो कहीं तेज गर्मी। पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसम प्रणालियों के कारण यह बदलाव हो रहा है। लोगों को मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या में बदलाव करना चाहिए और सावधानी बरतनी चाहिए।