

कई राज्यों में तापमान 42 डिग्री पार, लू का असर तेज, लोगों को सतर्क रहने और बचाव के उपाय अपनाने की सलाह
दिल्ली-एनसीआर में अगले तीन दिन भीषण गर्मी, तापमान 41 से 44 डिग्री तक, येलो अलर्ट जारी, हीटवेव के आसार
अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है
महाराष्ट्र में बारिश के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी, फसलों को नुकसान का खतरा, किसानों को सावधानी बरतने का सुझाव
देशभर में मौसम का मिला-जुला असर, कहीं गर्मी, लू व उमस तो कहीं बारिश, लोगों को मौसम के अनुसार सतर्क रहने की जरूरत
भारत के अधिकतर राज्यों में तापमान बढ़ने के साथ तेज गर्मी व लू का प्रकोप देखा जा रहा है। वहीं कुछ राज्यों, खासकर पूर्वोत्तर भारत में बारिश और आंधी का दौर जारी है जिसके चलते यहां तपिश कम महसूस की जा रही हैं। मौसम विभाग ने आज सुबह, यानी 22 अप्रैल 2026 को जारी पूर्वानुमान में देश के विभिन्न इलाकों के लिए मौसम संबंधी अलग-अलग चेतावनियां जारी की हैं। इस समय सबसे ज्यादा असर गर्मी और बारिश दोनों का एक साथ देखने को मिल रहा है।
उत्तर-पश्चिम भारत में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
उत्तर-पश्चिम भारत के दिल्ली-एनसीआर में मौसम अभी साफ और सूखा बना हुआ है। दिन में तेज धूप निकल रही है और तापमान लगातार बढ़ रहा है। अधिकतम तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के आसपास बना हुआ है। आने वाले तीन दिनों में तापमान और बढ़ सकता है और यह 41 से 44 डिग्री तक पहुंच सकता है।
मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। तेज गर्मी के कारण लू या हीटवेव चलने के आसार हैं। रात में भी गर्मी कम नहीं हो रही है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी मौसम के शुष्क बने रहने का पूर्वानुमान है। कई इलाकों में गर्म हवाएं चल सकती हैं।
उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी इलाकों में मौसम बदलने वाला है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही आंधी और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। हवा की गति 30 से 50 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है। विभाग ने कहा है कि 23 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे इन इलाकों में मौसम खराब हो सकता है। इसका असर 24 और 25 अप्रैल को ज्यादा देखने को मिलेगा।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश
मध्य और पूर्वोत्तर भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम सक्रिय है। साथ ही देश के कई हिस्सों में ऊपरी हवाओं का चक्रवाती प्रसार जारी है। इन मौसमीय प्रणालियों के कारण पूर्वोत्तर भारत में मौसम काफी खराब रहने वाला है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में लगातार बारिश हो रही है और आज भी यहां भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।
यहां तेज आंधी और बिजली गिरने का भी अंदेशा जताया गया है। जबकि कुछ जगहों पर हवा की गति 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों को सुरक्षित जगह पर रखें और खेतों में पानी निकलने का उचित इंतजाम करें।
पूर्वी भारत में बारिश और आंधी
पूर्वी भारत के राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में भी बारिश और आंधी का असर देखने को मिलेगा। यहां गरज के साथ बारिश होगी और तेज हवाएं चलेंगी। बिहार में भी तेज आंधी और तूफान की आशंका जताई गई है।
कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है, जिससे लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं, इसलिए खुले में जाने से बचना चाहिए।
मध्य भारत में कैसा रहेगा मौसम?
मध्य भारत में फिलहाल हल्की बारिश और आंधी की स्थिति बनी हुई है। लेकिन आने वाले दिनों में यहां तापमान बढ़ने लगेगा। गर्मी धीरे-धीरे तेज होगी और लोगों को गर्म मौसम का सामना करना पड़ेगा। यहां ज्यादा बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन गर्मी बढ़ने से परेशानी जरूर बढ़ेगी।
दक्षिण भारत में हल्की बारिश
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में गरज के साथ बारिश की संभावना है। इसके साथ ही तेज हवाएं भी चल सकती हैं। यह बारिश गर्मी से थोड़ी राहत दे सकती है, लेकिन कुछ जगहों पर आंधी से नुकसान भी हो सकता है।
पश्चिम भारत में बारिश और ओलावृष्टि
पश्चिम भारत के राज्यों जैसे महाराष्ट्र और गोवा में भी मौसम बदल रहा है। यहां बारिश के साथ आंधी और तेज हवाएं चल सकती हैं। खासकर महाराष्ट्र में ओलावृष्टि होने की आशंका जताई गई है।
ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हो सकता है। इसलिए किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पकी हुई फसलों को जल्दी काटकर सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए।
तापमान में बढ़ोतरी
देश के कई इलाकों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। खासकर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में तापमान दो से चार डिग्री तक बढ़ सकता है। इससे गर्मी और ज्यादा महसूस होगी। गुजरात और महाराष्ट्र में भी तापमान धीरे-धीरे बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में पूरे देश में गर्मी का असर बना रहेगा।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 21 अप्रैल, 2026 को उत्तर प्रदेश के बांदा में अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद में न्यूनतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
लू या हीटवेव और उमस भरी गर्मी तथा गर्म रातें
कई राज्यों में लू या हीटवेव चलने का अंदेशा जताया गया। बिहार, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, मध्य प्रदेश, पंजाब तथा उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में गर्म हवाएं चल सकती हैं। इससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
कुछ जगहों पर रात में भी तापमान ज्यादा रहेगा, जिसे गर्म रात कहा जाता है। इनमें छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़ तथा दिल्ली के अलग-अलग इलाके शामिल हैं जहां गर्मी लोगों के नींद में खलल डाल सकती है। इससे लोगों को आराम नहीं मिल पाता और नींद में परेशानी होती है।
वहीं तटीय इलाकों, खासकर तटीय आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, केरल और माहे, ओडिशा तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में लोगों को गर्म और उमस भरा मौसम झेलना पड़ेगा।
किसानों के लिए सलाह
मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए किसानों को खास ध्यान रखने की जरूरत है। जहां गर्मी ज्यादा है, वहां फसलों को पानी देना जरूरी है। हल्की और बार-बार सिंचाई करने से फसलें सुरक्षित रह सकती हैं।
जहां बारिश ज्यादा हो रही है, वहां खेतों से पानी निकालने का इंतजाम करना चाहिए। ओलावृष्टि वाले क्षेत्रों में फसलों को बचाने के लिए जाल या कवर का इस्तेमाल करना चाहिए।
कुल मिलाकर, भारत में इस समय मौसम बहुत बदलता हुआ दिखाई दे रहा है। कहीं तेज गर्मी है तो कहीं भारी बारिश हो रही है। लोगों को अपने-अपने क्षेत्र के मौसम के अनुसार सावधानी बरतनी चाहिए।
गर्मी से बचने के लिए पानी ज्यादा पीना चाहिए और धूप में कम निकलना चाहिए। वहीं बारिश और आंधी वाले इलाकों में सुरक्षित स्थान पर रहना जरूरी है। आने वाले दिनों में मौसम का यह बदलाव जारी रहने की संभावना है।