दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में लू के थपेड़े व गर्म रातें, पूर्वोत्तर में भारी बारिश

उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान बढ़ने से हालात मुश्किल, गर्म हवाएं और लू का प्रकोप, तटीय हिस्सों में उमस भरी गर्मी, अरुणाचल प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश के आसार
बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, झारखंड, पंजाब, उत्तर प्रदेश और विदर्भ में भीषण गर्म हवाएं चलने के आसार
बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, झारखंड, पंजाब, उत्तर प्रदेश और विदर्भ में भीषण गर्म हवाएं चलने के आसार फोटो साभार: सीएसई
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सारांश
  • दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में लू का असर बढ़ा, तापमान 40 डिग्री पार, दिन के साथ रात में भी गर्मी का सितम

  • अरुणाचल प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, जबकि असम और मेघालय में भी तेज बारिश के आसार

  • बिहार, ओडिशा और महाराष्ट्र में गरज-चमक, आंधी और तेज हवाओं के साथ मौसम खराब रहने की आशंका

  • उत्तर-पश्चिम भारत जैसे हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में तापमान के 3 से 4 डिग्री तक बढ़ने का अंदेशा

  • कई राज्यों में हीटवेव और गर्म रातों का अलर्ट, लोगों को सावधानी बरतने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचने की सलाह जारी

भारत में इन दिनों मौसम तेजी से बदल रहा है। एक ओर पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश हो रही है, तो दूसरी ओर उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में गर्मी और सितम ढाएगी, दिन तो दिन रात में भी देश के कई इलाकों में गर्मी का प्रकोप बना रहेगा।

मौसम विभाग के द्वारा आज, 21 अप्रैल 2026 को जारी ताजा अपडेट में कहा गया है कि इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जो जम्मू और कश्मीर के आसपास बना हुआ है। इसका प्रभाव पहाड़ी इलाकों में देखा जा रहा है। हालांकि इसका असर उत्तर के मैदानी इलाकों में बहुत कम है। यही कारण है कि उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों में बारिश नहीं हो रही है और तापमान लगातार बढ़ रहा है।

इसके साथ ही एक मजबूत जेट स्ट्रीम भी उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय है, जिससे मौसम शुष्क बना हुआ है और गर्म हवाएं चल रही हैं। यह स्थिति गर्मी को और बढ़ाने का काम कर रही है।

पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश

देश के पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम बिल्कुल अलग है। अरुणाचल प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है। विभाग ने अरुणाचल में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं असम और मेघालय में भी बादलों के जमकर बरसने के आसार हैं। इन दोनों राज्यों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बरस सकते हैं बादल।

इन इलाकों में लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भरने की समस्या हो सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों की सही देखभाल करें और पानी निकासी की व्यवस्था बनाए रखें। अधिक बारिश से सड़क और यातायात पर भी असर पड़ सकता है।

देश के अन्य हिस्सों में आंधी और बारिश

पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने के आसार हैं। बिहार में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा ओडिशा, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में भी गरज-चमक के साथ मौसम खराब हो सकता है। इन इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी

अब बात करते हैं सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र की, यानी दिल्ली-एनसीआर। यहां गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। तापमान लगातार बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में यह और बढ़ सकता है।

आज, 21 अप्रैल को दिल्ली में अधिकतम तापमान के 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 21 डिग्री रहेगा। दिन के समय तेज धूप और लू चलने का अंदेशा जताया गया।

सबसे बड़ी चिंता यह है कि रात में भी गर्मी कम नहीं हो रही है। इसे "वार्म नाइट" कहा जाता है, जब रात का तापमान भी सामान्य से ज्यादा रहता है। इससे लोगों को राहत नहीं मिल पाती और शरीर थकान महसूस करता है।

देशभर में पारे की छलांग

उत्तर-पश्चिम भारत, जिसमें दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान शामिल हैं, वहां 21 से 24 अप्रैल के बीच अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है।

मध्य भारत के राज्यों जैसे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 23 अप्रैल से 26 अप्रैल के बीच तापमान में दो से तीन डिग्री की वृद्धि हो सकती है। यानी शुरुआत में मौसम थोड़ा स्थिर रहेगा, लेकिन बाद में गर्मी बढ़ेगी।

मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वोत्तर भारत जैसे असम और अरुणाचल प्रदेश में 21 और 22 अप्रैल तक तापमान सामान्य बना रहेगा। इसके बाद 23 से 26 अप्रैल के बीच तापमान में दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि इन राज्यों में बारिश होने के कारण गर्मी का असर उतना ज्यादा महसूस नहीं होगा।

महाराष्ट्र में 22 से 24 अप्रैल के बीच तापमान स्थिर रहेगा और इसके बाद 25 और 26 अप्रैल को फिर से दो से तीन डिग्री की वृद्धि देखने को मिल सकती है।गुजरात में भी 24 से 26 अप्रैल के बीच तापमान में दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 20 अप्रैल, 2026 को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के गुरदासपुर में न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कहां-कहां चलेगी हीटवेव, उमस भरा मौसम, कहां रहेंगी गर्म रातें?

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई राज्यों में हीटवेव यानी लू चल सकती है। इसमें बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, झारखंड, पंजाब, उत्तर प्रदेश और विदर्भ शामिल हैं। इन राज्यों में पारा ऊंची छलांग मार सकता है और गर्म हवाएं लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकती हैं। खासकर दोपहर के समय बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है।

वहीं तटीय आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, केरल और माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के अलग-अलग इलाकों में मौसम के गर्म और उमस भरे रहने का प्रबल अंदेशा है

कुछ राज्यों में दिन के साथ साथ रात में भी गर्मी पीछा नहीं छोड़ेगी। इन राज्यों में छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, मध्य प्रदेश, ओडिशा, विदर्भ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश शामिल हैं, जहां रात के समय मौसम के गर्म रहने की आशंका जताई गई है।

स्वास्थ्य पर असर

तेज गर्मी का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। लंबे समय तक धूप में रहने से हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग इस मौसम में ज्यादा प्रभावित होते हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि लोग दिन के सबसे गर्म समय में बाहर जाने से बचें। अगर बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को ढककर रखें और पानी साथ रखें।

गर्मी से बचाव के उपाय

इस मौसम में खुद को सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए, चाहे प्यास लगे या नहीं। इसके अलावा घर पर बने पेय जैसे नींबू पानी, छाछ और लस्सी पीना फायदेमंद होता है। हल्के और ढीले कपड़े पहनें और धूप में ज्यादा देर तक न रहें। घर को ठंडा रखने की कोशिश करें और जरूरत पड़ने पर पंखा या कूलर का उपयोग करें।

किसानों के लिए सलाह

गर्मी और बारिश दोनों ही फसलों पर असर डालते हैं। जहां बारिश ज्यादा हो रही है, वहां पानी निकासी का ध्यान रखना जरूरी है। वहीं जहां गर्मी ज्यादा है, वहां हल्की सिंचाई करते रहना चाहिए।

किसानों को सलाह दी गई है कि वे सुबह या शाम के समय सिंचाई करें ताकि पानी जल्दी सूखे नहीं। फसलों को बचाने के लिए मल्चिंग और छाया का भी उपयोग किया जा सकता है।

कुल मिलाकर देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम अलग-अलग रूप दिखा रहा है। पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश हो रही है, जबकि उत्तर भारत में गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। खासकर दिल्ली-एनसीआर में लोगों को आने वाले दिनों में और ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।

मौसम की इस स्थिति को देखते हुए सभी लोगों को सतर्क रहना चाहिए और जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए, ताकि गर्मी और अन्य मौसम संबंधी समस्याओं से बचा जा सके।

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