बांदा में पारा 45 डिग्री पार, कई राज्यों में लू, ओडिशा में गर्म रातें, यहां भारी वर्षा के आसार

अरुणाचल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम में भारी बारिश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, रायलसीमा और तेलंगाना में लू और भीषण गर्मी का प्रकोप
बिहार, हिमाचल, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने का अनुमान, बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई।
बिहार, हिमाचल, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने का अनुमान, बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई।
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सारांश
  • बांदा में तापमान 45.4 डिग्री पहुंचा, कई राज्यों में लू की चेतावनी, लोगों को गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह।

  • अरुणाचल प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश के आसार, जलभराव और फसलों को नुकसान का खतरा।

  • बिहार, हिमाचल, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने का अनुमान, बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई।

  • उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में ओलावृष्टि की आशंका, किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए जाल और कवर उपयोग करने की सलाह।

  • ओडिशा में गर्म रातों की चेतावनी, तटीय राज्यों में उमस भरा मौसम रहेगा, लोगों को सतर्क रहने और पर्याप्त पानी पीने का सुझाव।

पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी स्तर की उपोष्णकटिबंधीय पछुआ हवाओं में एक ट्रफ के रूप में लगातार जारी है। इसके कारण भारत के कई हिस्सों में इस समय मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक ओर जहां भीषण गर्मी और लू लोगों को परेशान कर रही है, वहीं दूसरी ओर कई हिस्सों में बारिश और आंधी-तूफान की स्थिति बनी हुई है।

मौसम विभाग ने आज सुबह, 18 अप्रैल 2026 को अलग-अलग राज्यों के लिए कई तरह की चेतावनियां जारी की हैं, जिससे साफ है कि आने वाले दिनों में मौसम और भी बदल सकता है।

कहां होगी भारी बारिश और आंधी-तूफान की आशंका

उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम का असर बना हुआ है। जिसके कारण पूर्वोत्तर भारत और पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इन क्षेत्रों में अरुणाचल प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम शामिल हैं जहां भारी बारिश होने के प्रबल आसार जताए गए हैं। इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।

जिससे जलभराव और फसलों को नुकसान होने का खतरा है। इसके साथ ही कई राज्यों में गरज के साथ बौछारें पड़ने, बिजली गिरने और तेज हवाओं की भी चेतावनी दी गई है। इन राज्यों में हवाएं लगभग 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।

वहीं आज, बिहार, आंतरिक कर्नाटक, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलग-अलग इलाकों में वज्रपात होने तथा 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के साथ बारिश का पूर्वानुमान है

इससे पेड़ गिरने, बिजली के खंभों को नुकसान और यातायात में बाधा जैसी समस्याएं हो सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान घर के अंदर रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

कहां है ओलावृष्टि का खतरा?

आज, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि होने का भी अंदेशा जताया गया है। ओले गिरने से फसलों को भारी नुकसान हो सकता है, खासकर फल और सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को अधिक सावधान रहने की जरूरत है। ओलावृष्टि अचानक होती है, इसलिए पहले से तैयारी करना जरूरी है।

तापमान में उछाल

देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में थोड़ी गिरावट के बाद फिर से बढ़ोतरी होने की आशंका व्यक्त की गई है। वहीं पूर्वी भारत में तापमान धीरे-धीरे बढ़ रहा है।

मध्य भारत और महाराष्ट्र में पहले तापमान स्थिर रहेगा, फिर उसमें थोड़ी कमी आ सकती है। कुल मिलाकर देखा जाए तो देश के कई हिस्सों में गर्मी धीरे-धीरे बढ़ रही है, जिससे लोगों को परेशानी हो सकती है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 17 अप्रैल, 2026 को उत्तर प्रदेश के बांदा में अधिकतम तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद में न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

लू और गर्म व उमस भरे मौसम की चेतावनी

विभाग ने कई राज्यों में हीटवेव या लू चलने की आशंका भी जताई है। इनमें छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, रायलसीमा और तेलंगाना शामिल हैं, जहां आज लू चलने की चेतावनी जारी की गई है।

वहीं आज, तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, केरल और माहे, तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के अलग-अलग इलाकों में गर्म और उमस भरे मौसम के रहने के आसार हैं। ऐसे मौसम में पसीना ज्यादा आता है और शरीर जल्दी थक जाता है। इसके अलावा कुछ जगहों पर रात में भी गर्मी बनी रह सकती है, जिससे आराम करना मुश्किल हो सकता है। ओडिशा के कुछ हिस्सों में दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी के प्रकोप बने रहने का अंदेशा जताया गया है

किसानों के लिए सलाह

मौसम की इन परिस्थितियों को देखते हुए किसानों के लिए विशेष सलाह दी गई है। जहां ओलावृष्टि की आशंका है, वहां फसलों को बचाने के लिए जाल या कवर का उपयोग करना चाहिए। पकी हुई फसलों को तुरंत काटकर सुरक्षित स्थान पर रख लेना चाहिए।

जहां भारी बारिश के आसार हैं, वहां खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था सही रखनी चाहिए। इससे फसलें खराब होने से बच सकती हैं। बारिश से पहले फसल की कटाई कर लेना भी एक अच्छा उपाय है।

गर्मी से बचाव के उपाय

जिन क्षेत्रों में लू और ज्यादा गर्मी पड़ रही है, वहां किसानों को हल्की और बार-बार सिंचाई करने की सलाह दी गई है। सुबह और शाम के समय सिंचाई करना ज्यादा फायदेमंद होता है। इससे पानी का सही उपयोग होता है और पौधों को भी राहत मिलती है।

मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग का उपयोग करना चाहिए। छोटे पौधों को बचाने के लिए छाया देने वाले जाल का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। इससे तेज धूप से पौधों को नुकसान नहीं होगा।

आम लोगों के लिए सावधानी

लोगों को भी मौसम के अनुसार सावधानी बरतनी चाहिए। आंधी-तूफान के समय खुले स्थानों से दूर रहना चाहिए और बिजली गिरने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होना चाहिए।

कुछ राज्यों में हीटवेव या लू की आशंका जताई गई है, यह एक खतरनाक स्थिति होती है, जिसमें शरीर का तापमान बहुत बढ़ जाता है और इससे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत होती है।

गर्मी के समय ज्यादा पानी पीना चाहिए और धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए। हल्के और ढीले कपड़े पहनना चाहिए ताकि शरीर ठंडा रह सके। अगर जरूरी हो तभी दोपहर के समय बाहर निकलें।

इस समय देश में मौसम की स्थिति काफी बदलती हुई है। कहीं भारी बारिश और तूफान है, तो कहीं तेज गर्मी और लू का असर है। ऐसे में सतर्क रहना और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना बहुत जरूरी है।

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