

पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से उत्तर भारत में मौसम बदला, कई राज्यों में बारिश, बर्फबारी, तेज हवाएं और आंधी-तूफान की स्थिति बनी।
असम और मेघालय में भारी बारिश का अलर्ट जारी, कई जगह जलभराव जैसे हालात बनने की आशंका जताई गई।
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में हल्की बारिश और तेज हवाओं से तापमान में मामूली गिरावट, लेकिन गर्मी से राहत नहीं।
मध्य और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में लू का असर जारी, जबकि तटीय क्षेत्रों में उमस भरा मौसम लोगों को परेशान करेगा।
किसानों को ओलावृष्टि और भारी बारिश से बचाव के लिए फसल सुरक्षित रखने, जल निकासी और सिंचाई प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की सलाह।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के द्वारा आज सुबह, 17 अप्रैल 2026 को जारी ताजा अपडेट में कहा गया है कि पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी स्तर की उपोष्णकटिबंधीय पछुआ हवाओं में एक ट्रफ के रूप में बना हुआ है। यह एक प्रकार की मौसम प्रणाली होती है, जो पश्चिम दिशा से भारत की ओर आती है और खासकर उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करती है। इसके कारण कई राज्यों में बारिश, बर्फबारी, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि जैसी स्थितियां बन रही हैं।
इसके साथ ही ऊपरी वायुमंडल में तेज गति से बहने वाली हवाएं, जिन्हें जेट स्ट्रीम कहा जाता है। इनकी गति लगभग 100 नॉट तक है, जो मौसम में बदलाव कर रही है।
उत्तर-पश्चिम भारत में कैसा रहेगा मौसम?
पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों जैसे जम्मू और कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 17 से 19 अप्रैल के बीच हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है। इन राज्यों के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बौछारें और तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
वहीं 17 से 19 अप्रैल के बीच हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा आज, 17 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि होने का भी अंदेशा जताया गया है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
मैदानी इलाकों में भी मौसमी प्रणालियों का असर देखा जा सकता है। जिसका प्रभाव दिख भी रहा है, आज 17 अप्रैल को दिल्ली-एनसीआर के आसमान में बादलों का कब्जा है। जहां पारे ने 40 डिग्री की छलांग लगा दी थी, लेकिन देश के कुछ इलाकों में मौसम फिर से पलटी मारने वाला है।
मौसम विभाग ने कहा है कि दिल्ली-एनसीआर समेत पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में गरज के साथ हल्की बारिश और वज्रपात के साथ मौसम बदल सकता है। यहां तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है।
राजधानी में बादलों, व बूंदाबांदी के बावजूद भी न्यूनतम तापमान के 23 डिग्री, जबकि अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का पूर्वानुमान लगाया गया है।
पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम का रुख?
पूर्वोत्तर भारत में मौसम काफी सक्रिय बना हुआ है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 17 से 20 अप्रैल तक बारिश और आंधी-तूफान के आसार हैं। इन इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
आज, 17 अप्रैल को असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने के आसार हैं। इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। विभाग ने यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इससे जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 17 से 20 अप्रैल के बीच गरज के साथ बारिश हो सकती है।
पूर्वी भारत में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
पूर्वी भारत के राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा में भी मौसम बदलता हुआ दिखाई देगा। पश्चिम बंगाल में 17 अप्रैल को गरज के साथ बारिश हो सकती है।
बिहार में 18 अप्रैल को हल्की बारिश की संभावना है, जबकि ओडिशा में 17 से 21 अप्रैल तक बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने का भी खतरा बना रहेगा।
दक्षिण भारत में क्या बदलेगा मौसम?
दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम का असर देखा जा रहा है। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। यहां गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। तटीय कर्नाटक में 17 से 20 अप्रैल के बीच बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। इसलिए लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।
तापमान में बदलाव
तापमान में उतार-चढ़ाव की बात करें तो मौसम विभाग ने कहा है कि उत्तर भारत में अभी कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। तापमान लगभग सामान्य बना रहेगा। मध्य भारत में 17 से 19 अप्रैल के बीच तापमान में लगभग दो डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद 20 और 21 अप्रैल को तापमान में थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। महाराष्ट्र और गुजरात में 19 अप्रैल के बाद तापमान में कमी आने की संभावना है। बाकी हिस्सों में तापमान सामान्य बना रहेगा।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 16 अप्रैल, 2026 को उत्तर प्रदेश के बांदा में अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सारसवा में न्यूनतम तापमान 14.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कहां चलेंगी गर्म हवाएं और कहां पड़ेगी उमस भरी गर्मी?
कुछ राज्यों में गर्मी और उमस की स्थिति भी बनी हुई है। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में लू चलने का अंदेशा जताया गया है।वहीं तटीय इलाकों जैसे गुजरात, ओडिशा, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा। इससे लोगों को असहजता महसूस हो सकती है।
किसानों के लिए सलाह
इस मौसम के दौरान किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जिन क्षेत्रों में ओलावृष्टि की आशंका है, वहां फसलों को बचाने के लिए जाल या कवर का उपयोग करना चाहिए।
पकी हुई फसलों को तुरंत काटकर सुरक्षित स्थान पर रख लेना चाहिए, ताकि बारिश या ओलों से नुकसान न हो। जहां भारी बारिश के आसार हैं, वहां खेतों में पानी निकालने की उचित व्यवस्था करनी चाहिए।
गर्मी वाले क्षेत्रों में फसलों को नियमित रूप से पानी देना जरूरी है। सुबह और शाम के समय सिंचाई करना अधिक फायदेमंद होता है। मिट्टी की नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग का उपयोग भी किया जा सकता है।
कुल मिलाकर इस समय भारत के कई हिस्सों में मौसम बदलता हुआ नजर आ रहा है। उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और बर्फबारी हो रही है, जबकि पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भी बारिश का असर है।
कुछ क्षेत्रों में जहां बारिश राहत दे रही है, वहीं कुछ जगहों पर भारी बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान की आशंका है। दूसरी ओर, मध्य और पश्चिम भारत में गर्मी और लू लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
ऐसे में सभी लोगों, खासकर किसानों को मौसम की जानकारी लेते रहना चाहिए और उसके अनुसार अपने काम की योजना बनानी चाहिए। सावधानी और तैयारी से ही मौसम के प्रभाव को कम किया जा सकता है।