पश्चिमी विक्षोभ से पहाड़ों पर ओले-बारिश, दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में हीटवेव और चिपचिपी गर्मी बरकरार

पश्चिमी विक्षोभ से पहाड़ों में बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि, जबकि मैदानी इलाकों में बढ़ती तपन, लू और उमस भरी गर्मी का प्रकोप
जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद तथा हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि होने का अंदेशा जताया गया है।
जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद तथा हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि होने का अंदेशा जताया गया है।
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सारांश
  • पश्चिमी विक्षोभ के कारण जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में बारिश, बर्फबारी और 17 अप्रैल को ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है।

  • दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तापमान 39 से 41 डिग्री तक पहुंचने से तेज गर्मी और लू जैसी स्थिति बनेगी।

  • पूर्वोत्तर भारत में 16 से 19 अप्रैल के बीच कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलेंगी।

  • पश्चिम बंगाल और ओडिशा में तेज आंधी और बारिश की संभावना, कुछ इलाकों में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

  • देश के कई हिस्सों में लू और उमस भरा मौसम बना रहेगा, जिससे लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिलेगी और स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।

भारत में मौसम लगातार बदल रहा है और अप्रैल के इस समय में गर्मी तेजी से बढ़ रही है। मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, यानी 16 अप्रैल 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, इस समय एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के ऊपर बना हुआ है। इसके साथ ही एक नया और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ 16 अप्रैल की रात से पश्चिमी हिमालयी इलाकों के मौसम को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा ऊपरी स्तर पर तेज हवाओं वाली उपोष्णकटिबंधीय जेट स्ट्रीम भी उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर बह रही है, जिससे मौसम के पैटर्न पर असर पड़ रहा है।

उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?

पश्चिमी हिमालयी इलाकों खासकर जम्मू और कश्मीर, लद्दाख और आसपास के पहाड़ी इलाकों में मौसम बिल्कुल अलग है। यहां 16 से 19 अप्रैल के बीच हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर बर्फबारी हो सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिनकी गति 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में बताया है कि 17 अप्रैल को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद तथा हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि हो सकती है

यह बदलाव मुख्य रूप से पश्चिमी विक्षोभ के कारण हो रहा है। यह प्रणाली पहाड़ों में नमी लाती है और बारिश या बर्फबारी करवाती है। इससे वहां के तापमान में थोड़ी गिरावट भी आ सकती है।

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ती गर्मी

दूसरी ओर, दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में पारा चढ़ने लगा है। दिन का तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जो सामान्य से तीन से पांच डिग्री ज्यादा है। दोपहर के समय तेज धूप के कारण सड़कें तपती नजर आएंगी और बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है।

हालांकि आसमान में हल्के बादल दिखाई दे सकते हैं, लेकिन इससे गर्मी में ज्यादा राहत मिलती नहीं दिख रही है। आने वाले कुछ दिनों में तापमान और बढ़ेगा और 18 अप्रैल तक यह स्थिति बनी रह सकती है। इसके बाद भी तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।

पूर्वोत्तर भारत में आंधी और बारिश

पूर्वोत्तर भारत जैसे असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में मौसम अस्थिर बना रहेगा। यहां 16 से 19 अप्रैल के बीच कई जगहों पर बारिश हो सकती है। इसके साथ गरज-चमक और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

अरुणाचल प्रदेश में भी इस दौरान बिजली गिरने की आशंका है। इस तरह का मौसम इस समय आम है, क्योंकि यह मानसून से पहले का समय होता है जब अचानक आंधी और बारिश होती है।

पूर्वी भारत में तेज हवाएं और बारिश

पश्चिम बंगाल, ओडिशा और सिक्किम में भी मौसम बदलता रहेगा। यहां कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

खासतौर पर पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों में 16 अप्रैल को तेज आंधी चलने का अंदेशा है, जहां हवा की गति 50 से 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इससे पेड़ गिरने या बिजली बाधित होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

दक्षिण भारत में हल्की बारिश

दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों, खासकर कर्नाटक में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तटीय और आंतरिक कर्नाटक में 16 से 19 अप्रैल के बीच गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।

दक्षिण के बाकी राज्यों में मौसम सामान्य रहेगा, लेकिन गर्मी और नमी का असर बना रहेगा। इससे लोगों को उमस महसूस हो सकती है, जो असुविधाजनक होती है।

तापमान में बदलाव का रुझान

पूरे देश में तापमान का रुझान अलग-अलग क्षेत्रों में अलग है। उत्तर भारत में तापमान तीन से चार डिग्री तक बढ़ सकता है। मध्य भारत में भी दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

पूर्वोत्तर भारत में फिलहाल तापमान स्थिर रहेगा, लेकिन 17 अप्रैल के बाद इसमें धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी। वहीं महाराष्ट्र और गुजरात में 19 अप्रैल के बाद तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 15 अप्रैल, 2026 को महाराष्ट्र के अकोला में अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के गुरदासपुर में न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

लू या हीटवेव और उमस की आशंका

कुछ राज्यों में हीटवेव यानी लू चलने की आशंका जताई गई है। इनमें छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तर आंतरिक कर्नाटक शामिल हैं। यहां लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

इसके अलावा आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, गुजरात, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में गर्म और उमस भरा मौसम रहेगा। यह स्थिति शरीर को ज्यादा थका देती है और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने किसानों के लिए भी कई महत्वपूर्ण सलाह दी हैं। खासकर जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में जहां ओलावृष्टि की आशंका है, वहां फलों और सब्जियों की फसलों को बचाने के लिए ओले से सुरक्षा देने वाले जाल का उपयोग करना चाहिए।

जहां फसल पक चुकी है, उसे जल्द काटकर सुरक्षित स्थान पर रख लेना चाहिए। ज्यादा गर्मी के कारण मिट्टी जल्दी सूख जाती है, इसलिए हल्की और बार-बार सिंचाई करना जरूरी है। सिंचाई सुबह या शाम के समय करना अधिक फायदेमंद होता है।

फसलों को गर्मी से बचाने के लिए मल्चिंग यानी भूसे या पत्तों से ढकने की तकनीक का उपयोग करना चाहिए, जिससे मिट्टी में नमी बनी रहती है। नई फसलों को बचाने के लिए छाया जाल का उपयोग भी किया जा सकता है।

अप्रैल के इस समय में भारत के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तरह का मौसम देखने को मिल रहा है। जहां पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी हो रही है, वहीं मैदानी इलाकों में गर्मी तेजी से बढ़ रही है। पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में आंधी-तूफान का असर है, जबकि दक्षिण भारत में हल्की बारिश और उमस बनी हुई है।

ऐसे में लोगों को अपने क्षेत्र के मौसम के अनुसार सावधानी बरतनी चाहिए। खासकर गर्मी से बचाव के उपाय अपनाना जरूरी है, ताकि स्वास्थ्य पर कोई बुरा असर न पड़े।

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