अरुणाचल में भारी बारिश, अकोला व कलबुर्गी में पारा 44 डिग्री पार, जानें पूरे देश का हाल

मध्य महाराष्ट्र, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और रायलसीमा में लू, गुजरात, केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और तटीय इलाकों में गर्म और उमस भरे मौसम का अंदेशा
मध्य महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक और रायलसीमा में लू का खतरा, जबकि तटीय राज्यों में उमस भरा मौसम परेशान करेगा।
मध्य महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक और रायलसीमा में लू का खतरा, जबकि तटीय राज्यों में उमस भरा मौसम परेशान करेगा।
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सारांश
  • आज, 15 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, हिमालयी इलाकों में बारिश, बर्फबारी, तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ मौसम अस्थिर रहेगा।

  • अरुणाचल प्रदेश में 15 अप्रैल को भारी बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में जलभराव और फसलों को नुकसान की आशंका।

  • अकोला और कलबुर्गी में तापमान 44 डिग्री पार, देश के कई हिस्सों में गर्मी तेजी से बढ़ती हुई दर्ज की गई।

  • मध्य महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक और रायलसीमा में लू का खतरा, जबकि तटीय राज्यों में उमस भरा मौसम परेशान करेगा।

  • किसानों को बारिश, गर्मी और तेज हवाओं से बचाव के लिए फसल कटाई, सिंचाई और सुरक्षित भंडारण की सलाह दी गई।

भारत में मौसम लगातार बदल रहा है और अप्रैल के मध्य में एक नई मौसमीय प्रणाली सक्रिय होने जा रही है। 15 अप्रैल 2026 की रात से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों के मौसम को प्रभावित करेगा।

इसके साथ ही दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान और राजस्थान के इलाकों में तथा देश के कुछ अन्य हिस्सों में बना चक्रवाती प्रसार भी देश के कई इलाकों में मौसम को प्रभावित करेगा। इस समय उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर तेज गति वाली उपोष्णकटिबंधीय जेट स्ट्रीम भी सक्रिय है, जिससे मौसम में अस्थिरता बढ़ रही है।

पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में मौसम

उपरोक्त मौसमीय प्रणालियों के चलते 15 से 18 अप्रैल के बीच जम्मू और कश्मीर, लद्दाख तथा आसपास के पहाड़ी इलाकों में मौसम बदलने वाला है। इन हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। इसके साथ ही गरज के साथ बिजली चमकने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अंदेशा जताया गया है। इस दौरान पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि फिसलन और दृश्यता में कमी आ सकती है।

उत्तर के मैदानी इलाकों के अधिकतर इलाकों में मौसम शुष्क और साफ रहने वाला है, गर्मी के बढ़ने का अंदेशा है। दिल्ली-एनसीआर में मौसमी बदलाव देखें तो आज यहां तेज धूप रहेगी। अधिकतम तापमान के 40 डिग्री व न्यूनतम तापमान के 21 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है। वहीं फरीदाबाद के सबसे गर्म रहने के आसार जताए गए हैं। मौसम विभाग की मानें तो दिल्ली-एनसीआर में अब भीषण गर्मी के आसार हैं।

पूर्वोत्तर भारत में बारिश

पूर्वोत्तर में मौसम के बदलाव की बात करें तो 15 से 18 अप्रैल के बीच असम और मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश का दौर जारी रहेगा। यहां हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की गति 30 से 50 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है।

खासकर अरुणाचल प्रदेश में आज, यानी 15 अप्रैल को भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। यहां 64.5 से 155.5 मिमी तक बरस सकते हैं बादल। इससे कुछ हिस्सों में जलभराव और फसलों को नुकसान हो सकता है।

पूर्वी भारत में मौसम की स्थिति

पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में भी मौसम सक्रिय रहेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 15 से 18 अप्रैल तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 15 से 17 अप्रैल के बीच पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों में बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। इन राज्यों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे आम जीवन प्रभावित हो सकता है।

दक्षिण भारत में मौसम

दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों, खासकर कर्नाटक में 15 और 16 अप्रैल को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तटीय और आंतरिक कर्नाटक में 15 से 18 अप्रैल तक बिजली गिरने के आसार हैं। हालांकि बाकी हिस्सों में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखेगा, लेकिन मौसम पूरी तरह शांत भी नहीं रहेगा।

अन्य राज्यों में मौसम का मिजाज

देश के बाकी हिस्सों में इस समय कोई खास मौसमी गतिविधि देखने को नहीं मिलेगी। ज्यादातर इलाकों में मौसम शुष्क रहेगा। हालांकि तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी जरूर देखने को मिलेगी, जिससे गर्मी का असर बढ़ेगा।

तापमान में वृद्धि

मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि 15 से 18 अप्रैल के बीच उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान चार से पांच डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। मध्य और पूर्वी भारत में तापमान दो से चार डिग्री तक बढ़ने की आशंका है। दक्षिण भारत और महाराष्ट्र में भी तापमान दो से तीन डिग्री तक बढ़ सकता है। इस बढ़ते तापमान के कारण लोगों को गर्मी का ज्यादा अहसास होगा और दिन में बाहर निकलना कठिन हो सकता है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 14 अप्रैल, 2026 को महाराष्ट्र के अकोला और कर्नाटक के कलबुर्गी में अधिकतम तापमान 44.0 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के आदमपुर में न्यूनतम तापमान 13.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कहां रहेगा लू और उमस भरा मौसम?

मौसम विभाग की मानें तो मध्य महाराष्ट्र, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और रायलसीमा में लू चलने का अंदेशा है। इन राज्यों में लोगों को धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है। वहीं गुजरात, केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और तटीय इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम रहेगा। इससे लोगों को असहजता महसूस हो सकती है और स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है।

किसानों के लिए सलाह

अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसल जैसे गोभी, मटर, सरसों और आलू को समय पर काट लें और सुरक्षित स्थान पर रख दें। खेतों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था करना भी जरूरी है ताकि फसल को नुकसान न हो।

गर्मी से बचाव के उपाय

ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में किसानों को हल्की सिंचाई करने की सलाह दी गई है। धान, मक्का, दाल और सब्जियों की फसलों में नमी बनाए रखना जरूरी है। आम, काजू और लीची के पेड़ों में भी पर्याप्त नमी बनाए रखना चाहिए ताकि गर्मी का असर कम हो।

तेज हवाओं से बचाव

जहां गरज के साथ तेज हवाएं चलने के आसार हैं, वहां किसानों को अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित जगहों पर रखने का सुझाव दिया गया है। अगर फसल खेत में ही है तो उसे तिरपाल से ढकने की सलाह दी गई है। इसके अलावा पेड़-पौधों और सब्जियों को सहारा देना चाहिए ताकि वे तेज हवा में गिर न जाएं।

कुल मिलाकर, अप्रैल के इस समय में देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तरह का मौसम देखने को मिलेगा। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी होगी, पूर्व और उत्तर-पूर्व में गरज-चमक के साथ बारिश होगी, जबकि बाकी हिस्सों में गर्मी बढ़ेगी। ऐसे में लोगों और किसानों दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है ताकि वे मौसम के प्रभाव से बच सकें और अपनी दिनचर्या को सुरक्षित तरीके से जारी रख सकें।

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