असम-मेघालय से हिमाचल तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, उत्तर भारत में तापमान गिरेगा, वेल्लोर-केरल में झुलसाती व उमस भरी गर्मी जारी

आज, असम और मेघालय, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, हिमाचल प्रदेश और ओडिशा में 155 मिमी से ज्यादा बरस सकते हैं बादल, इन राज्यों में गिर सकते हैं ओले।
असम और मेघालय, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश तथा ओडिशा में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
असम और मेघालय, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश तथा ओडिशा में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
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सारांश
  • पश्चिमी विक्षोभ, ऊपरी हवाओं का चक्रवाती प्रसार व जेट स्ट्रीम के कारण देश के कई हिस्सों में बारिश, आंधी-तूफान व ओलावृष्टि।

  • असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट155 मिमी वर्षा संभव।

  • दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार सहित कई राज्यों में तेज हवाएं, गरज-चमक और ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका।

  • उत्तर भारत में तापमान 3 से 5 डिग्री घटेगा, लेकिन 9 अप्रैल के बाद 5 से 7 डिग्री तक बढ़ेगा।

  • तमिलनाडु के वेल्लोर में तापमान 42 डिग्री पार, जबकि केरल में उमस भरी गर्मी से लोगों की परेशानी बढ़ने की आशंका।

मौसम विभाग के द्वारा आज, आठ अप्रैल 2026 को जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, देश भर में इस समय विभिन्न तरह की मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं, जिनमें पश्चिमी विक्षोभ, ऊपरी हवाओं का चक्रवाती प्रसार व पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत के ऊपर एक शक्तिशाली उपोष्णकटिबंधीय जेट स्ट्रीम भी जारी है। इनके कारण देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, आंधी-तूफान व ओलावृष्टि के आसार हैं।

किन राज्यों में होगी भारी बारिश?

विभाग की मानें तो आज, असम और मेघालय, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, हिमाचल प्रदेश और ओडिशा के कुछ हिस्सों में बादलों के जमकर बरसने का अंदेशा है। इन राज्यों में भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 65.5 से 155.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी देते हुए कहा है कि इन क्षेत्रों में लोगों को सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि अचानक तेज बारिश से जलभराव और अन्य समस्याएं हो सकती हैं।

बारिश के साथ-साथ कई इलाकों में लगातार बादल छाए रहेंगे, जिससे दिन का तापमान भी कम रहेगा और मौसम ठंडा महसूस होगा।

कहां है आंधी, तूफान और ओलावृष्टि का खतरा?

आज, उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में वज्रपात होने, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में गरज के साथ बारिश और ओले गिर सकते हैं।

कुछ राज्यों में तेज हवाएं भी चलेंगी, जिनकी गति 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं, कुछ जगहों पर यह गति 60 से 70 किमी प्रति घंटे में तब्दील होने की आशंका जताई गई है। इतनी तेज हवाएं पेड़ों को गिरा सकती हैं और बिजली की लाइनों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

वहीं दक्षिण भारत में मौसमी बदलाव देखें तो आज, आठ अप्रैल 2026 को आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल तथा तेलंगाना के कुछ हिस्सों में बिजली कड़कने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे के साथ आंधी-तूफान आने की बहुत ज्यादा आसार जताए गए हैं।

तापमान में उतार-चढ़ाव

बारिश, आंधी-तूफान व ओले गिरने से तापमान पर भी साफ असर दिखाई देगा। उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। हालांकि यह राहत ज्यादा समय तक नहीं रहेगी। नौ अप्रैल के बाद तापमान फिर से तेजी से बढ़ेगा और पांच से सात डिग्री तक की वृद्धि हो सकती है। यानी आने वाले दिनों में फिर से गर्मी बढ़ने के आसार हैं।

मध्य और पूर्व भारत में भी तापमान में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिलेगा। शुरुआत में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन बाद में तापमान में उतार-चढ़ाव रिकॉर्ड किया जा सकता है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, सात अप्रैल, 2026 को तमिलनाडु के वेल्लोर में अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ओरई में न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कहां रहेगा गर्म और उमस भरा मौसम?

आज व कल केरल और माहे में लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। इस तरह का मौसम शरीर को थका देता है और स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकता है। इसलिए लोगों को पानी अधिक पीना चाहिए और धूप से बचना चाहिए।

कल कहां बरसे बादल?

पिछले 24 घंटों के दौरान अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, पश्चिमी राजस्थान, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, उत्तराखंड और असम और मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अधिकतर इलाकों में बादल बरसे या गरज के साथ बौछारें पड़ी।

वहीं कल, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, छत्तीसगढ़, गुजरात, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और झारखंड के कई स्थानों पर बारिश हुई या गरज के साथ बौछारें दर्ज की गई, जबकि देश के बाकी हिस्सों में मौसम शुष्क रहा।

बदलते मौसम का लोगों पर असर व जरूरी सावधानियां

इस तरह के मौसम का आम जीवन पर बड़ा असर पड़ता है। तेज हवाओं और आंधी के कारण पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं और कई बार पूरे पेड़ भी गिर जाते हैं। इससे सड़कें बाधित हो सकती हैं और यातायात प्रभावित हो सकता है।

ओलावृष्टि के कारण फसलों को नुकसान हो सकता है और खुले में मौजूद लोगों और पशुओं को चोट लगने का खतरा रहता है। इसके अलावा बिजली और संचार सेवाएं भी बाधित हो सकती हैं, जिससे लोगों को परेशानी हो सकती है। कमजोर मकानों और झोपड़ियों को भी नुकसान पहुंच सकता है। तेज हवाओं के कारण ढीली चीजें उड़ सकती हैं, जो खतरा पैदा कर सकती हैं।

इस खराब मौसम के दौरान सभी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। जब भी आंधी या तूफान आए, तो घर के अंदर ही रहें और खिड़की-दरवाजे बंद रखें। खुले में जाने से बचें और खासकर पेड़ों के नीचे खड़े न हों। बिजली गिरने के समय कंक्रीट की दीवारों से दूर रहें और फर्श पर न लेटें। यात्रा करने से बचें और मौसम की जानकारी लगातार लेते रहें।

किसानों के लिए विशेष सावधानी

इस मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ सकता है। बारिश और तेज हवाओं के कारण खड़ी फसलें गिर सकती हैं और ओलावृष्टि से उन्हें भारी नुकसान हो सकता है।

मौसम विभाग के द्वारा किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें। खेतों में पानी जमा न होने दें और उचित जल निकासी की व्यवस्था करें। जिन पौधों को सहारे की जरूरत है, उन्हें मजबूत सहारा दें ताकि वे तेज हवाओं में गिर न जाएं। फल और सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को भी विशेष ध्यान रखने की जरूरत है, क्योंकि इन फसलों को मौसम का ज्यादा असर होता है।

कुल मिलाकर, पश्चिमी विक्षोभ के साथ-साथ सक्रिय अन्य मौसमीय प्रणालियों के कारण देश के कई हिस्सों में मौसम अस्थिर बना हुआ है। बारिश, आंधी, तेज हवाएं और ओलावृष्टि जैसी घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। इससे तापमान में अस्थायी गिरावट आएगी, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से गर्मी बढ़ेगी।

ऐसे मौसम में सतर्क रहना और जरूरी सावधानियां अपनाना बहुत जरूरी है। सही जानकारी और तैयारी से हम इस मौसम के प्रभाव को कम कर सकते हैं और सुरक्षित रह सकते हैं।

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