

दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण देशभर में बारिश, आंधी, तूफान, ओलावृष्टि और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7-8 अप्रैल को तेज हवाएं, बारिश और ओले गिरने का अंदेशा है।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में 7 से 10 अप्रैल तक भारी बारिश, बर्फबारी और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में तेज हवाओं, बिजली और गरज के साथ बारिश का दौर अगले चार दिनों तक जारी रहेगा।
मौसम के प्रभाव से उत्तर भारत में तापमान 3 से 5 डिग्री घटेगा, फिर 9 से 12 अप्रैल के बीच बढ़ने लगेगा।
मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, यानी छह अप्रैल 2026 को जारी बुलेटिन में बताया गया है कि इस समय दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं। पहला जम्मू और कश्मीर और उसके आसपास के इलाकों में बना हुआ है और दूसरा कैस्पियन सागर के पास विकसित हुआ है।
साथ ही देश के कई हिस्सों में ऊपरी हवा में चक्रवाती प्रसार भी बना हुआ है इसके अलावा पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम चल रही है, जो मौसम को और अधिक सक्रिय बना रहा है। इन सभी कारणों से भारत के कई राज्यों में बारिश, आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और तापमान में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है।
उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम?
पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों जैसे जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में सात से 10 अप्रैल के बीच भारी बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है। इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। इसके अलावा इन इलाकों में बिजली गिरने और तेज हवाओं का असर देखा जा सकता है। कुछ जगहों पर ओलावृष्टि का भी अंदेशा भी जताया गया है।
इन राज्यों में भूस्खलन और रास्तों में रुकावट जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
वहीं मैदानी इलाकों पर भी मौसमीय प्रणालीयों का असर दिखेगा। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सात और आठ अप्रैल 2026 को गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने तथा ओले गिरने का अंदेशा जताया गया है। इन राज्यों में तेज हवा चल सकती है, जिसकी गति 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है। इससे मौसम ठंडा हो जाएगा और तापमान में गिरावट आएगी।
पूर्वी भारत के मौसम का मिजाज
पूर्वी भारत जैसे झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश के दौर के जारी रहने की संभावना है। यहां गरज के साथ बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ जगहों पर तेज तूफान भी आ सकता है, जिसमें हवा की गति 60 से 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
पूर्वोत्तर भारत में कैसी रहेगी मौसम की स्थिति?
पूर्वोत्तर भारत में भी अगले चार दिनों तक बारिश और तूफान का दौर जारी रहेगा। अरुणाचल प्रदेश में आज, सात अप्रैल को भारी बारिश होने के आसार हैं। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। इन सज्यों में भी बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा बना रहेगा।
मध्य और पश्चिम भारत में मौसम
मध्य भारत के राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ तूफान की आशंका जताई गई है। यह स्थिति अगले तीन से चार दिनों तक बनी रह सकती है।
पश्चिम भारत के गुजरात में आज, यानी सात अप्रैल को हल्की बारिश और गरज के साथ मौसम बदल सकता है। हालांकि यहां असर कम रहेगा, लेकिन मौसम में बदलाव महसूस किया जा सकता है।
दक्षिण भारत में कैसा रहेगा मौसम का रुख?
दक्षिण भारत के राज्यों जैसे तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में भी हल्की बारिश और गरज के साथ तूफान की आशंका है। सात से नौ अप्रैल के बीच इन राज्यों में तेज हवाएं चल सकती हैं। तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम भी बना रह सकता है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
इस मौसम प्रणाली के कारण उत्तर भारत में सात और आठ अप्रैल को तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। इसके बाद नौ से 12 अप्रैल के बीच तापमान फिर से बढ़ेगा।
पूर्वी भारत में भी पहले तापमान में हल्की गिरावट आएगी और फिर धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी। मध्य और पश्चिम भारत में फिलहाल ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन आने वाले दिनों में तापमान बढ़ सकता है।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, छह अप्रैल, 2026 को आंध्र प्रदेश के नांदयाल में अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद में न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
किसानों के लिए सलाह
इस मौसम में किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ओलावृष्टि और तेज हवाओं से फसलों को नुकसान हो सकता है। इसलिए किसानों को चाहिए कि वे अपनी तैयार फसलों को जल्द से जल्द काटकर सुरक्षित स्थान पर रख लें।
फलों और सब्जियों के पौधों को सहारा देना चाहिए ताकि तेज हवा से वे गिर न जाएं। खेतों में पानी जमा न हो, इसके लिए उचित निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए। ओलों से बचाव के लिए जाल या ढकने का उपयोग करना भी फायदेमंद रहेगा।
सावधानियां
इस समय देश के कई इलाकों में मौसम के खराब रहने के आसार हैं। लोगों को गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने के समय खुले में जाने से बचना चाहिए। तेज हवा के दौरान पेड़ों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहना चाहिए।
कुल मिलाकर, देश में इस समय मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसम प्रणालियों के कारण कई राज्यों में बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि हो रही है।
उत्तर भारत में इससे गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं अन्य क्षेत्रों में भी मौसम सुहावना हो सकता है। हालांकि कुछ जगहों पर यह मौसम परेशानी भी पैदा कर सकता है, इसलिए सावधानी और सतर्कता बहुत जरूरी है।