

पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर भारत में मौसम बदला, बारिश, आंधी, बिजली और ओलावृष्टि की गतिविधियां बढ़ीं।
अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश, कई इलाकों में 70 किमी प्रति घंटा तक की हवाएं।
हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश व बर्फबारी, जबकि बिहार, झारखंड और पश्चिमी राजस्थान में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि।
जेट स्ट्रीम और चक्रवाती प्रसार के कारण मौसम अस्थिर, देशभर में अगले कुछ दिनों तक आंधी, बारिश और तेज हवाएं जारी रहेंगी।
तेज हवाओं और ओलावृष्टि से फसलों, पेड़ों, बिजली की लाइनों को नुकसान के आसार, लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह।
मौसम विभाग के द्वारा आज, 6 अप्रैल 2026 को जारी ताजा अपडेट में कहा गया है कि इस समय पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान और पंजाब के आसपास के इलाकों में सक्रिय है। यह ऊपरी वायुमंडल में मौजूद है और इसके साथ एक ट्रफ भी बना हुआ है। यही कारण है कि उत्तर भारत में मौसम अचानक बदल रहा है।
देश के कई हिस्सों में चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। इसका मतलब है कि हवा गोल-गोल घूम रही है, जिससे वातावरण में मौसमीय अस्थिरता बढ़ती है। इस वजह से बादल बनते हैं और बारिश, आंधी तथा बिजली गिरने की आशंका बढ़ जाती है।
साथ ही ऊपरी वायुमंडल में बहुत तेज गति से जेट स्ट्रीम बह रही है। इस समय यह मध्य और पूर्वी भारत के ऊपर सक्रिय है और इसकी गति लगभग 80 नॉट्स है। यह मौसम प्रणालियों को मजबूत बनाती है और तूफानी हवाओं को बढ़ावा देती है।
उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
उपरोक्त मौसमीय प्रणालियों के चलते आज, 6 अप्रैल 2026 को उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने का पूर्वानुमान है। इसके साथ गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। वहीं मैदानी इलाकों के पंजाब व राजस्थान में भी बारिश और आंधी का असर रहेगा। पश्चिमी राजस्थान में ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है।
दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम थोड़ा बदल सकता है। आसमान में बादल छाए रह सकते हैं, हल्की बारिश हो सकती है और तेज हवाएं चल सकती हैं। तापमान में थोड़ी गिरावट भी देखने को मिल सकती है।
पूर्वी भारत में मौसम का रुख
पूर्वी भारत में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रहेगा। बिहार और झारखंड में आंधी, बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। यहां छह और आठ अप्रैल को तेज आंधी चल सकती है, जिसमें हवा की गति 60 से 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इन राज्यों में ओलावृष्टि होने का भी अंदेशा जताया गया है।
पूर्वोत्तर भारत में मौसम की स्थिति
पूर्वोत्तर भारत में अगले पांच दिनों तक लगातार बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं आज 6 अप्रैल को अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है। यहां विभाग ने बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अरुणाचल में 64.5 से 155.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। विभाग ने कहा की भारी बारिश के कारण यहां जलभराव और भूस्खलन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
मध्य भारत का मौसम
मध्य भारत में भी हल्की से मध्यम बारिश और आंधी के आसार हैं। अगले पांच दिनों तक यहां मौसम अस्थिर रह सकता है। हालांकि भारी बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
दक्षिण भारत में कैसा रहेगा मौसम?
दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी बारिश और आंधी का असर देखने को मिलेगा। तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
वहीं आज, छह अप्रैल को तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल केरल और माहे तथा तटीय आंध्र प्रदेश में बादलों के जमकर बरसने के आसार हैं। इन राज्यों में बादलों के 64.5 से 155.5 मिमी तक बरसने का पूर्वानुमान है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
मौसम विभाग के द्वारा जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि उत्तर-पश्चिम भारत में आज, छह अप्रैल को तापमान में दो से चार डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद सात और आठ अप्रैल को तापमान में गिरावट आएगी। फिर नौ से 11 अप्रैल के बीच तापमान फिर से बढ़ सकता है। पूर्वी भारत में तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी, जबकि बाकी क्षेत्रों में ज्यादा बदलाव नहीं होगा।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, पांच अप्रैल, 2026 को आंध्र प्रदेश के तिरुपति में अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के अमृतसर में न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
ओलावृष्टि और आंधी से नुकसान की आशंका
ओलावृष्टि और तेज हवाओं का असर बहुत गंभीर हो सकता है। इससे पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं और बड़े पेड़ भी गिर सकते हैं। बिजली और संचार लाइनें प्रभावित हो सकती हैं। कच्चे मकानों और झोपड़ियों को नुकसान पहुंच सकता है। खुले में मौजूद लोगों और पशुओं को चोट लग सकती है।
कृषि पर असर
तेज हवाएं और ओले फसलों के लिए बहुत नुकसानदायक होते हैं। गेहूं, सब्जियां और फलदार पेड़ इससे प्रभावित हो सकते हैं। केले और पपीते के पेड़ों को ज्यादा नुकसान हो सकता है। खड़ी फसलों को गिरने का खतरा रहता है।
किसानों के लिए सलाह
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी फसलों को सुरक्षित रखें। कटाई के बाद फसल को खुले में न छोड़ें, बल्कि उसे सुरक्षित स्थान पर रखें या तिरपाल से ढक दें। खेतों में पानी जमा न होने दें और निकासी की व्यवस्था रखें। कमजोर पौधों को सहारा दें ताकि वे तेज हवाओं में गिर न जाएं।
आम लोगों के लिए सावधानियां
आंधी और बारिश के दौरान लोगों को सावधान रहने का सुझाव दिया गया है। खुली जगहों में खड़े न रहें और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें। बिजली गिरने के समय मोबाइल का कम उपयोग करें और सुरक्षित स्थान पर रहें। ढीली वस्तुओं को घर के अंदर सुरक्षित रखें।
इस समय देश में मौसम काफी सक्रिय है और कई इलाकों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का अंदेशा बना हुआ है। यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसम प्रणालियों के कारण हो रहा है।
लोगों और किसानों को सावधानी बरतनी चाहिए ताकि नुकसान से बचा जा सके। आने वाले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, इसलिए सतर्क रहना बहुत जरूरी है।