अरुणाचल, असम व मेघालय में भारी बारिश, कई राज्यों में बौछारें व ओलावृष्टि की आशंका

इस मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ता है। ओलावृष्टि और तेज हवाओं से फसलों को नुकसान हो सकता है
अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश के आसार, लोगों को सावधानी बरतने और सुरक्षित रहने की सलाह दी गई।
अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश के आसार, लोगों को सावधानी बरतने और सुरक्षित रहने की सलाह दी गई।फोटो साभार :आई-स्टॉक
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सारांश
  • पश्चिमी विक्षोभ कमजोर होने के बावजूद देशभर में मौसम अस्थिर, कई राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का असर जारी।

  • अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश, लोगों को सावधानी बरतने और सुरक्षित रहने की सलाह दी गई।

  • पूर्वी राजस्थान में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

  • छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और तेलंगाना में आंधी, तेज हवाएं और ओलावृष्टि के आसार, किसानों को सतर्क रहने की सलाह।

  • अगले कुछ दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव, उत्तर-पश्चिम में पहले वृद्धि फिर गिरावट, अन्य क्षेत्रों में भी बदलाव संभव।

मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, यानी एक अप्रैल 2026 को जारी ताजा अपडेट में कहा गया है कि पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पाकिस्तान और जम्मू के आसपास के इलाकों में सक्रिय है, जो अब कमजोर पड़ गया है। लेकिन इसका असर अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसके कारण मौसमीय अस्थिरता बनी हुई है, जिससे कई राज्यों में मौसम बदल रहा है।

इसके अलावा राजस्थान के आसपास एक ऊपरी हवा का चक्रवात भी बना हुआ है, जो अब उत्तर-पूर्व राजस्थान की ओर खिसक गया है। साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में चक्रवाती प्रसार जारी है। यह प्रणाली भी मौसम को प्रभावित कर रही है। पूर्वोत्तर भारत के ऊपर तेज गति से चलने वाली हवाओं का एक समूह, जिसे जेट स्ट्रीम कहा जाता है, सक्रिय है। इसकी वजह से वहां पर भारी बारिश और तूफान की स्थिति बन रही है।

किन राज्यों में कैसा रहेगा मौसम?

आज, एक अप्रैल, 2026 को राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। हवा की रफ्तार के 30 से 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने के आसार हैं। जबकि उत्तर भारत के पहाड़ी तथा मैदानी इलाकों में मौसम के शुष्क रहने का पूर्वानुमान है।

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश की आशंका व्यक्त की गई है, यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। विभाग ने इन राज्यों में लोगों को सावधानी बरतने का सुझाव दिया है। साथ ही मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर के कई इलाकों में गरज के साथ बौछारें पड़ने तथा बिजली गिरने का भी अंदेशा जताया है

मध्य भारत के कुछ राज्यों जैसे छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और तेलंगाना में आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। इन जगहों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिनकी गति 50 से 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके अलावा ओडिशा, झारखंड, मध्य प्रदेश, कर्नाटक तथा केरल और माहे में वज्रपात के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का अंदेशा है।

मौसम विभाग की किसानों के लिए सलाह

इस मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ता है। ओलावृष्टि और तेज हवाओं से फसलों को नुकसान हो सकता है। इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी पकी हुई फसलों की जल्द से जल्द कटाई कर लें और उन्हें सुरक्षित स्थान पर रख दें।

फल और सब्जियों की फसलों को बचाने के लिए जाल या कवर का उपयोग करना चाहिए। इससे ओलों से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। भारी बारिश वाले इलाकों में खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करना बहुत जरूरी है। अगर पानी खेतों में जमा हो जाएगा, तो फसल खराब हो सकती है।

तेज हवाओं के समय पौधों को सहारा देना भी जरूरी है, ताकि वे गिर न जाएं। सब्जियों और छोटे पौधों को खास ध्यान देने की जरूरत है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि अगले कुछ दिनों में तापमान में भी बदलाव देखने को मिलेगा। उत्तर-पश्चिम भारत में पहले तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होगी, लेकिन उसके बाद इसमें गिरावट आ सकती है।

मध्य भारत में तापमान धीरे-धीरे कम होगा, जबकि पूर्वी भारत में पहले हल्की गिरावट और फिर बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में भी तापमान में थोड़ी गिरावट आने की संभावना है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 31 मार्च, 2026 को मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के अमृतसर में न्यूनतम तापमान 15.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

पिछले 24 घंटे में कहां-कहां बरसे बादल?

पिछले 24 घंटों के दौरान असम और मेघालय, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब और तटीय कर्नाटक के अधिकतर हिस्सों में बादल बरसे।

वहीं कल, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी राजस्थान, जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख, झारखंड, ओडिशा, पश्चिमी मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, पूर्वी उत्तर प्रदेश और तेलंगाना के कई हिस्सों में भी बारिश हुई या गरज के साथ बौछारें देखी गई। जबकि देश के बाकी हिस्सों में मौसम शुष्क रहा।

पिछले 24 घंटे में कहां कितने बरसे बादल?

पिछले 24 घंटों में धुबरी में 5 सेमी, गुवाहाटी और चेरापूंजी हर जगह 2 सेमी, अगरतला में 2 सेमी, पोर्ट ब्लेयर में 1 सेमी, नई दिल्ली और हिसार हर जगह 1 सेमी, गडग में 1 सेमी, लखनऊ में 1 सेमी तथा पटियाला में 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

अलग-अलग तरह की मौसमीय प्रणालियों के चलते इस समय देश के कई हिस्सों में मौसम अस्थिर बना हुआ है। कहीं भारी बारिश हो रही है, तो कहीं आंधी और ओलावृष्टि की आशंका है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर किसानों को।

मौसम की जानकारी पर ध्यान देना और समय रहते आवश्यक कदम उठाना बहुत जरूरी है। इससे जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है। आने वाले दिनों में मौसम धीरे-धीरे सामान्य हो सकता है, लेकिन फिलहाल सावधानी ही सबसे बेहतर उपाय है।

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