उत्तर-पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में गरज के साथ भारी बारिश व ओले गिरने के आसार

आज, पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, हिमाचल, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, पंजाब, उत्तराखंड व पश्चिम मध्य प्रदेश में गरज के साथ ओलावृष्टि होने का अंदेशा है।
आज, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और उत्तराखंड समेत देश के कई इलाकों ओले गिरने की आशंका जताई गई है।
आज, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और उत्तराखंड समेत देश के कई इलाकों ओले गिरने की आशंका जताई गई है।
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सारांश
  • पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, देशभर में बारिश, आंधी, बिजली और ओलावृष्टि की गतिविधियां।

  • उत्तर भारत के पहाड़ी व मैदानी राज्यों में तेज हवाओं संग बारिश, बर्फबारी और कुछ हिस्सों में भारी वर्षा।

  • पूर्वोत्तर राज्यों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश, नदियों का जलस्तर बढ़ने और जलभराव की आशंका।

  • कई राज्यों में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान, पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित और कमजोर मकानों को क्षति पहुंचने का खतरा।

  • किसानों को फसल कटाई जल्द करने और आम लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहकर सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह।

मौसम विभाग के द्वारा आज, 30 मार्च, 2026 को जारी बुलेटिन में कहा गया है कि पश्चिमी विक्षोभ उत्तर ईरान और कैस्पियन सागर के आसपास बना हुआ है। इसके साथ ही ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती प्रसार और तेज गति की जेट स्ट्रीम भी सक्रिय है। इन सभी कारणों से भारत के अलग-अलग राज्यों में बारिश, आंधी, बिजली और ओलावृष्टि का अंदेशा बना हुआ है। इस तरह की मौसमीय स्थिति किसानों, आम लोगों और यातायात पर भी असर डाल सकती है।

उत्तर भारत में मौसम की स्थिति

उत्तर भारत में इस समय मौसम काफी बदला हुआ है। जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। कुछ हिस्सों में भारी बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग ने इन सभी राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 155.5 मिमी तक बरस सकते हैं बादल।

वहीं उत्तर के मैदानी इलाकों जैसे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की गति 30 से 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके कारण तापमान में थोड़ी गिरावट भी महसूस होगी।

ओलावृष्टि और तूफान का खतरा

इस मौसमीय प्रणाली के कारण कई राज्यों में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और उत्तराखंड में ओले गिर सकते हैं। ओलावृष्टि फसलों के लिए बहुत नुकसानदायक होती है। इसके अलावा तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं और बिजली की लाइनें भी प्रभावित हो सकती हैं।

पूर्वोत्तर भारत में मौसमी बदलाव

पूर्वोत्तर भारत में भी इस मौसम का असर देखा जा रहा है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने के आसार हैं। इन राज्यों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश भी हो सकती है। यहां यहां 64.5 से 155.5 मिमी तक बरस सकते हैं बादल। इससे नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और कुछ जगहों पर जलभराव की स्थिति बन सकती है।

पूर्वी भारत की स्थिति

पूर्वी भारत के राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड और ओडिशा में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। यहां हल्की से मध्यम बारिश के साथ बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। तेज हवाओं के कारण लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। इस समय खेतों में खड़ी फसलों पर भी इसका असर पड़ सकता है।

मध्य भारत में मौसम का असर

मध्य भारत के राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी मौसम बदल रहा है। यहां भी बारिश और आंधी की आशंका है। कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि हो सकती है, जिससे किसानों को नुकसान हो सकता है। यह समय रबी की फसलों की कटाई का होता है, इसलिए यह मौसम किसानों के लिए चिंता का कारण बन सकता है।

पश्चिम भारत और महाराष्ट्र में मौसम का मिजाज

महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। खासकर मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में ओलावृष्टि हो सकती है। इससे गेहूं, चना और अन्य फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी तैयार फसलों को जल्दी काटकर सुरक्षित स्थान पर रखें।

दक्षिण भारत में कैसा रहेगा मौसम?

दक्षिण भारत के राज्यों जैसे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। यहां गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ मौसम बदला हुआ रहेगा। हालांकि यहां स्थिति ज्यादा गंभीर नहीं है, लेकिन फिर भी सतर्क रहने की जरूरत है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

मौसम विभाग के मुताबिक, देशभर में लगातार मौसमी बदलाव के कारण कई इलाकों में तापमान में बदलाव देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत में तापमान में थोड़ी गिरावट आई है, जिससे ठंडक महसूस हो रही है। वहीं पूर्वी भारत में तापमान बढ़ने के आसार हैं। मध्य भारत में कुछ दिनों बाद तापमान में कमी आ सकती है। कुल मिलाकर मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 29 मार्च, 2026 को महाराष्ट्र के अकोला में अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद में न्यूनतम तापमान 15.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

किसानों के लिए सलाह

किसानों के लिए यह समय काफी अहम है। कई जगहों पर फसल तैयार है, इसलिए उन्हें जल्द से जल्द कटाई करने का सुझाव दिया गया है। फसलों को सुरक्षित जगहों पर रखना जरूरी है ताकि बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान न हो। बागवानी करने वाले किसानों को अपने पौधों को जाल या कवर से बचाना चाहिए।

आम लोगों के लिए सावधानियां

मौसम विभाग ने कहा है कि आम लोगों को भी इस बदलते मौसम में सावधान रहने की जरूरत है। तेज आंधी और बारिश के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए। बिजली गिरने के समय खुले स्थानों से दूर रहना जरूरी है। पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। साथ ही ढीली वस्तुओं को सुरक्षित रखना चाहिए ताकि वे हवा में उड़कर नुकसान न पहुंचाएं।

इस समय देश के कई हिस्सों में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण बारिश, आंधी, बिजली और ओलावृष्टि की स्थिति बनी हुई है। यह मौसम कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। लोगों और किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है। सही समय पर सावधानी बरतकर नुकसान को कम किया जा सकता है। मौसम के इस बदलाव को समझना और उसके अनुसार तैयारी करना ही सबसे अच्छा उपाय है।

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