आज का मौसम: पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, कहीं तेज हवाएं, ओलावृष्टि तो कहीं भारी बारिश

जम्मू में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, कई राज्यों में बारिश-बर्फबारी, आंधी, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी, तापमान में उतार-चढ़ाव जारी
विभाग ने कहा है कि देश के कुछ हिस्सों में, खासकर असम, मेघालय, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और झारखंड में ओलावृष्टि और तेज आंधी आने के आसार हैं।
विभाग ने कहा है कि देश के कुछ हिस्सों में, खासकर असम, मेघालय, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और झारखंड में ओलावृष्टि और तेज आंधी आने के आसार हैं।
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सारांश
  • पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी जारी रहने की संभावना

  • 27 से 30 मार्च के बीच कई राज्यों में तेज हवाएं, गरज-चमक और बारिश के साथ मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिलेगा

  • असम, मेघालय और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और 70 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं की चेतावनी जारी

  • बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड में ओलावृष्टि और बिजली गिरने की आशंका, जिससे फसलों और आम जनजीवन पर असर पड़ सकता है

  • देशभर में तापमान में उतार-चढ़ाव जारी, कहीं गिरावट तो कहीं बढ़ोतरी, जिससे मौसम ठंडा, सुहावना और अस्थिर बना रहेगा

मौसम विभाग के 27 मार्च 2026 के ताजा बुलेटिन के अनुसार, एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय है, जिसके चलते पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी है।

उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर जारी है। इन इलाकों में ठंड भी महसूस की जा रही है। विभाग ने कहा है कि इन राज्यों में 27 और 28 मार्च को 30-50 किमी प्रति घंटे की दर से तेज हवाएं चलने, तथा वज्रपात की भी आशंका जताई गई है

इन मौसमी गतिविधियों के चलते पहाड़ी इलाकों में तापमान में गिरावट आ रही है और ठंड का अहसास बढ़ गया है। जो लोग इन इलाकों में यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं।

वहीं मैदानी इलाकों पर भी मौसमीय प्रणालियों का असर देखने को मिल सकता है। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और आंधी आने के आसार जताए गए हैं। 27 और 28 मार्च को कुछ जगहों पर तेज हवाएं चलने वज्रपात होने तथा बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया गया है

विभाग का कहना है कि 29 और 30 मार्च को भारी बारिश का दौर के शुरू होने का अनुमान है। इस दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति 30 से 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इससे धूल भरी आंधी और अचानक बारिश हो सकती है। दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी इस समय मौसम अचानक बदल सकता है।

पूर्वोत्तर भारत में तेज मौसमीय गतिविधियां

पूर्वोत्तर भारत में मौसम काफी सक्रिय बना हुआ है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई जगहों पर बारिश और आंधी देखने को मिल रही है। 27 से 30 मार्च के बीच यहां लगातार बारिश हो सकती है।

कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और तेज आंधी का भी अंदेशा जताया गया है। हवा की गति 50 से 70 मिमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। असम और मेघालय में भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई है, यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है, विभाग ने इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश के चलते यहां जलभराव की स्थिति बन सकती है।

पूर्वी भारत में बारिश और ओलावृष्टि

पूर्वी भारत के राज्यों जैसे बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में भी मौसम बदल रहा है। यहां 27 से 29 मार्च के बीच कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है। इसके अलावा गरज और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

मध्य भारत में हल्की बारिश

विभाग की मानें तो मध्य भारत में मौसम अपेक्षाकृत शांत है, लेकिन यहां भी कुछ बदलाव देखने को मिल रहे हैं। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और गरज के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। बारिश बहुत ज्यादा नहीं होगी, लेकिन इससे तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है और मौसम थोड़ा ठंडा महसूस हो सकता है।

दक्षिण भारत में मौसम का हाल

दक्षिण भारत के राज्यों जैसे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में भी कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। 27 से 30 मार्च के बीच इन राज्यों में बिजली गिरने व गरज के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है। हालांकि यहां मौसम ज्यादा गंभीर नहीं है, लेकिन अचानक बारिश लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। उत्तर-पश्चिम भारत में पहले तापमान थोड़ा बढ़ेगा, फिर गिरावट आएगी और फिर से बढ़ सकता है। इसके बाद फिर हल्की ठंडक महसूस हो सकती है।

पूर्वी भारत में भी ऐसा ही बदलाव देखने को मिलेगा। वहीं मध्य और दक्षिण भारत में तापमान ज्यादा नहीं बदलेगा, लेकिन कुछ जगहों पर हल्की गिरावट आ सकती है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 26 मार्च, 2026 को महाराष्ट्र के अकोला में अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में उत्तर प्रदेश के अयोध्या में न्यूनतम तापमान 14.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कहां रहेगा गर्म और उमस भरा मौसम?

मौसम विभाग के मुताबिक आज, केरल और माहे में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा। यहां लोगों को ज्यादा गर्मी और चिपचिपाहट महसूस हो सकती है। इस तरह के मौसम में शरीर जल्दी थक जाता है और पानी की कमी हो सकती है। इसलिए लोगों को ज्यादा पानी पीना चाहिए और धूप में कम निकलना चाहिए।

लोगों और किसानों के लिए ओलावृष्टि और तेज आंधी से बचाव के उपाय

विभाग ने कहा है कि देश के कुछ हिस्सों में, खासकर असम, मेघालय, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और झारखंड में ओलावृष्टि और तेज आंधी आने के आसार हैं। इस दौरान हवा की गति 50 से 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। ऐसे मौसम में कई तरह के नुकसान हो सकते हैं, इसलिए इसके प्रभाव और बचाव के उपायों को समझना बहुत जरूरी है।

ओलावृष्टि और तेज हवा का सबसे ज्यादा असर पेड़ों और फसलों पर पड़ता है। तेज हवाओं के कारण पेड़ों की टहनियां टूट सकती हैं और कई बार बड़े पेड़ जड़ से उखड़ सकते हैं। सूखी और कमजोर शाखाएं टूटकर गिर सकती हैं, जिससे आसपास खड़े लोगों को खतरा हो सकता है।

खेती पर भी इसका गंभीर असर पड़ता है। खेतों में खड़ी फसलें तेज हवा और ओलों की मार से खराब हो सकती हैं। खासकर केले और पपीते के पेड़ों को ज्यादा नुकसान होने की आशंका रहती है क्योंकि ये पौधे कमजोर होते हैं और तेज हवा में आसानी से गिर सकते हैं। बागवानी और अन्य पौधों को भी नुकसान हो सकता है। ओले गिरने से पत्तियां और फल खराब हो जाते हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है

तेज हवा और गिरती शाखाओं के कारण बिजली और संचार की लाइनों को भी नुकसान हो सकता है। इससे बिजली कट सकती है और मोबाइल या इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

खुले में मौजूद लोगों और पशुओं के लिए भी यह मौसम खतरनाक हो सकता है। ओले गिरने से चोट लग सकती है और तेज हवा में संतुलन बिगड़ सकता है।

कमजोर और कच्चे घरों पर भी इसका असर पड़ सकता है। तेज हवा के कारण झोपड़ियों या कच्ची दीवारों को नुकसान हो सकता है। कुछ जगहों पर आंशिक रूप से घरों की छत भी उड़ सकती है। इसके अलावा, खुले में रखी हल्की वस्तुएं जैसे बाल्टी, टीन की चादर, प्लास्टिक की चीजें आदि हवा में उड़ सकती हैं, जिससे आसपास नुकसान हो सकता है।

कुल मिलाकर, इस समय भारत के कई हिस्सों में मौसम काफी सक्रिय और बदलता हुआ दिख रहा है। पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसम प्रणालियों के कारण बारिश, बर्फबारी, आंधी और तापमान में बदलाव देखने को मिल रहा है। आने वाले कुछ दिनों तक यह स्थिति बनी रह सकती है। इसलिए जरूरी है कि लोग मौसम की जानकारी लेते रहें और उसके अनुसार अपनी दिनचर्या में बदलाव करें, ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

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