पूर्वोत्तर में भारी बारिश, पश्चिम बंगाल व सिक्किम में ओलावृष्टि, कई राज्यों में पारा 40 डिग्री

मौसम विभाग के अनुसार, दो पश्चिमी विक्षोभ 26 और 28 मार्च को सक्रिय होने के कारण कई राज्यों में बारिश-बर्फबारी, आंधी, बिजली और तेज हवाओं का प्रभाव देखने को मिलेगा।
आज, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के कई इलाकों में भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है,  यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।
आज, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के कई इलाकों में भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है, यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।
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सारांश
  • दो पश्चिमी विक्षोभ 26 और 28 मार्च को सक्रिय होकर उत्तर भारत में बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाओं का असर बढ़ाएंगे।

  • जम्मू-कश्मीर, हिमाचल व उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी, जबकि मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ आंधी के आसार।

  • अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश, जबकि पश्चिम बंगाल और सिक्किम में ओलावृष्टि का खतरा बना रहेगा।

  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक, बिजली और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।

  • कई राज्यों में तापमान 36 से 40 डिग्री पहुंचा, केरल और गोवा में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा।

मार्च के आखिरी दिनों में उत्तर भारत के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, यानी 24 मार्च, 2026 को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, दो पश्चिमी विक्षोभ एक के बाद एक सक्रिय हो रहे हैं। पहला पश्चिमी विक्षोभ 26 मार्च से असर दिखाएगा, जबकि दूसरा 28 मार्च की रात से सक्रिय होगा। इन दोनों मौसमीय प्रणालियों के कारण कई राज्यों में बारिश-बर्फबारी, आंधी, बिजली और तेज हवाओं का प्रभाव देखने को मिलेगा।

पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी

पहाड़ी क्षेत्रों में इस मौसम बदलाव का असर सबसे पहले दिखाई देगा। जम्मू और कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 26 मार्च को हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। इसके साथ ही तेज हवाएं भी चलेंगी जिनकी गति 30 से 50 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है। 27 मार्च को यह असर उत्तराखंड में भी देखने को मिलेगा। 28 मार्च को फिर से जम्मू और कश्मीर और आसपास के इलाकों में मौसम खराब हो सकता है। इन इलाकों में लोगों को ठंड और खराब मौसम के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।

मैदानी इलाकों में आंधी और गरज-चमक

मैदानी इलाकों में भी मौसम तेजी से बदलेगा। 26 मार्च को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में गरज-चमक के साथ आंधी आने का अंदेशा है। इस दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ जगहों पर हल्की बारिश भी हो सकती है। दिल्ली में अचानक तेज हवा और धूल भरी आंधी आ सकती है। 28 मार्च को राजस्थान में भी इसी तरह का मौसम देखने को मिल सकता है।

पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश के आसार

पूर्वोत्तर असम और उसके आस-पास के इलाकों में ऊपरी हवा का चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। इसकी वजह से यहां मौसम और ज्यादा सक्रिय रहने वाला है। आज, 24 मार्च 2026 को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के कई इलाकों में भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।

इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में तेज आंधी, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की भी आशंका है। यहां हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। ओलावृष्टि से फसलों और पेड़ों को नुकसान हो सकता है, इसलिए किसानों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

वहीं पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों जैसे नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने का अंदेशा जताया गया है।

अन्य राज्यों में भी मौसम का असर

साथ ही पश्चिमी भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम सक्रिय है। जिसकी वजह से 24 और 25 मार्च के दौरान मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में बिजली गिरने तथा तेज हवाओं के साथ कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने का पूर्वानुमान है।

उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और उसके आस-पास के इलाकों में ऊपरी हवा का चक्रवाती प्रसार जारी है। इसके कारण दक्षिण और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम बदल सकता है। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कुछ इलाकों में तेज हवा और बिजली गिरने के साथ बारिश हो सकती है।

नुकसान और खतरे का अंदेशा

इस तरह के मौसम में कुछ नुकसान भी हो सकता है। तेज हवाओं के कारण पेड़ों की टहनियां टूट सकती हैं और कई जगहों पर पेड़ गिर सकते हैं। इससे बिजली और संचार सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। खासकर केले और पपीते जैसे पेड़ तेज हवा और ओलों से जल्दी प्रभावित होते हैं। कच्चे घरों और झोपड़ियों को भी आंशिक नुकसान हो सकता है। ओलावृष्टि के दौरान खुले में रहने वाले लोगों और पशुओं को चोट लग सकती है, इसलिए सभी को सतर्क रहना चाहिए।

बढ़ता तापमान और गर्मी

मौसम में इस बदलाव के साथ-साथ तापमान में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने का पूर्वानुमान है। उत्तर भारत में अगले चार दिनों में तापमान तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इसके बाद तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। मध्य भारत में भी दो से चार डिग्री तक तापमान बढ़ने के आसार हैं। पूर्वी भारत में चार से छह डिग्री तक तापमान बढ़ सकता है।

दक्षिण और पश्चिम भारत में भी तापमान बढ़ेगा। महाराष्ट्र, तेलंगाना, रायलसीम, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, गुजरात, केरल, दक्षिण मध्य प्रदेश, दक्षिण छत्तीसगढ़, पश्चिम ओडिशा, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, दक्षिण राजस्थान, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में तापमान पहले से ही 36 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है। ऐसे में लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ेगा। खासकर केरल और गोवा में गर्म और उमस भरा मौसम रहने के आसार हैं

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 23 मार्च, 2026 को महाराष्ट्र के अकोला में अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में हरियाणा के भिवानी में न्यूनतम तापमान 12.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कुल मिलाकर, मार्च के आखिरी दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदलने वाला है। उत्तर भारत में जहां आंधी, बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा, वहीं पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश और ओलावृष्टि का अंदेशा जताया गया है।

इसके साथ ही तापमान भी धीरे-धीरे बढ़ेगा, जिससे गर्मी का असर बढ़ेगा। ऐसे में लोगों को मौसम की जानकारी पर गौर करने और सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि किसी भी तरह के नुकसान से बचा जा सके।

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