देश के कई हिस्सों में बारिश-आंधी व वज्रपात तथा तापमान में उतार-चढ़ाव जारी

पंजाब से छत्तीसगढ़ तक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर, कई राज्यों में बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाओं के साथ तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा
पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में भारी बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि का खतरा।
पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में भारी बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि का खतरा।
Published on
सारांश
  • पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से उत्तर-पश्चिम से मध्य भारत तक मौसम बदला, कई राज्यों में बारिश, आंधी व तेज हवाएं।

  • पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहने की संभावना।

  • पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में भारी बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि का खतरा।

  • दक्षिण भारत के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, जबकि कुछ तटीय क्षेत्रों में गर्म और उमस भरा मौसम।

  • देश के कई हिस्सों में तापमान में उतार-चढ़ाव जारी, कहीं गिरावट तो कहीं बढ़ोतरी।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के द्वारा आज सुबह, यानी 21 मार्च 2026 को जारी अपडेट में कहा गया है कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है जो उत्तर-पश्चिम भारत से लेकर मध्य भारत तक फैला हुआ है। यह मौसमीय प्रणाली पंजाब से लेकर उत्तर छत्तीसगढ़ तक एक ट्रफ के रूप में फैली हुई है। इसके कारण देश के कई हिस्सों में बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाएं देखने को मिल रही हैं।

वहीं, देश के कई इलाकों में ऊपरी हवाओं का चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। इसके साथ ही, 12.6 किमी की ऊंचाई पर एक शक्तिशाली जेट स्ट्रीम बह रही है, जिसकी गति करीब 165 किमी प्रति घंटा है। यह सभी मिलकर मौसम को अस्थिर बना रहे हैं।

उत्तर-पश्चिम भारत का मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश में आज, 21 मार्च को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। यहां तापमान की बात करें तो पहले एक से दो दिन में हल्की गिरावट आएगी, लेकिन उसके बाद धीरे-धीरे तापमान फिर बढ़ने लगेगा।

पूर्वोत्तर भारत की स्थिति

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 21 मार्च को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। यहां गरज-चमक के साथ 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अंदेशा भी जताया गया है। विभाग की मानें तो पूरे पूर्वोत्तर के इलाकों में अगले पांच दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

पूर्व और मध्य भारत में तेज मौसमी गतिविधियां

पूर्व और मध्य भारत में मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय रहने वाला है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 से 24 मार्च के बीच बादलों के जमकर बरसने के आसार हैं। आज, 21 मार्च को यहां भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

आज, 21 मार्च को पश्चिम बंगाल में तेज आंधी आ सकती है, जिसमें हवा की गति 60 से 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ओडिशा में भी आज 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इन राज्यों में ओलावृष्टि होने की भी आशंका जताई गई है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है।

दक्षिण भारत का मौसम

दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में 21 और 22 मार्च को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। यहां गरज-चमक और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी आशंका है।

तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। इसके अलावा केरल, कोंकण और गोवा तथा तटीय कर्नाटक में गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है, जिससे लोगों को असहजता महसूस होगी।

पश्चिम भारत का मौसम

पश्चिम भारत के मराठवाड़ा में 21, 23 और 24 मार्च को हल्की बारिश और गरज-चमक के आसार हैं। यहां भी 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

तापमान में उतार-चढ़ाव

विभाग की मानें तो देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 24 घंटों में तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। इसके बाद अगले पांच से छह दिनों में तापमान पांच से सात डिग्री तक बढ़ सकता है। उत्तर प्रदेश में तापमान में छह से आठ डिग्री तक की गिरावट आ सकती है, जो बाद में धीरे-धीरे बढ़ेगा।

पूर्वी भारत में भी पहले हल्की गिरावट और बाद में तीन से पांच डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है। मध्य भारत में अगले दो दिनों तक तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद इसमें तीन से पांच डिग्री की वृद्धि हो सकती है। गुजरात और महाराष्ट्र में अगले कुछ दिनों में तापमान के धीरे-धीरे बढ़ने के आसार हैं।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 20 मार्च, 2026 को पश्चिम मध्य प्रदेश के खरगोन और केरल के पुनालुर में अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के गुरदासपुर में न्यूनतम तापमान 10.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

सावधानी बरतना जरूरी

इस बदलते मौसम में लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। तेज हवाएं, बिजली और ओलावृष्टि से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों पर रहना चाहिए। किसानों को भी अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए।

कुल मिलाकर, पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसम प्रणालियों के कारण पूरे देश में मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। कई जगह बारिश, आंधी और तेज हवाएं चलेंगी, जबकि कुछ क्षेत्रों में गर्मी और उमस बनी रहेगी। आने वाले कुछ दिनों तक मौसम इसी तरह बदलता रहेगा, इसलिए सभी को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

Related Stories

No stories found.
Down to Earth- Hindi
hindi.downtoearth.org.in