

पश्चिमी विक्षोभ के कारण 14 मार्च से उत्तर-पश्चिम भारत में बदलेगा मौसम, हिमालयी राज्यों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी संभव।
पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 14 से 17 मार्च के बीच बिजली गिरने और गरज के साथ हल्की बारिश की संभावना।
असम और मेघालय में चक्रवाती प्रसार के कारण आंधी, वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं।
कुछ राज्यों में बारिश से तापमान गिरेगा, जबकि गुजरात और पश्चिमी मध्य प्रदेश में लू या भीषण गर्मी की आशंका बनी रहेगी।
मौसम में बदलाव के बीच लोगों को धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और लस्सी, छाछ, नींबू पानी जैसे पेय लेने की सलाह।
भारत में इन दिनों मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। इसका मुख्य कारण एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है जो उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित कर रहा है। मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, 13 मार्च, 2026 को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 14 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में प्रवेश करेगा। इसके कारण हिमालयी राज्यों में बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। इसके साथ ही कई मैदानी राज्यों में भी आंधी, बिजली और हल्की बारिश हो सकती है।
इस मौसम प्रणाली के कारण देश के कई हिस्सों में तापमान में भी बदलाव देखने को मिलेगा। कुछ जगहों पर तापमान कम होगा जबकि कुछ हिस्सों में गर्मी और हीटवेव के आसार बने हुए है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में देखने को मिलता है। कई बार इसका असर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे मैदानी इलाकों में भी दिखाई देता है।
वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम सक्रिय है। यह लगभग 12.6 किमी की ऊंचाई पर बह रही है और इसकी हवा की गति करीब 160 किमी प्रति घंटा है। जेट स्ट्रीम पश्चिमी विक्षोभ को मजबूत बनाने में मदद करती है। जब यह तेज होती है तो पश्चिमी विक्षोभ भी ज्यादा सक्रिय हो जाता है। इसके कारण बारिश और बर्फबारी की संभावना बढ़ जाती है।
हिमालयी राज्यों में बदला मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के अनुसार 13 और 14 मार्च को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी हो सकती है।
जबकि 15 से 18 मार्च के बीच इन राज्यों में बारिश और बर्फबारी की गतिविधि और बढ़ सकती है। कुछ हिस्सों में आंधी और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। जहां हवा की गति 30 से 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
13 और 14 मार्च को उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी हो सकती है। वहीं 15 और 16 मार्च को उत्तराखंड के ज्यादातर इलाकों में बारिश होने की संभावना जताई गई है।
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में असर
पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी दिखाई देगा। 14 से 17 मार्च के बीच पंजाब के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अंदेशा जताया गया है।
15 से 17 मार्च के बीच हरियाणा और चंडीगढ़ में भी इसी तरह का मौसम रह सकता है। उत्तर प्रदेश में 15 और 16 मार्च को आंधी और बारिश के आसार हैं। 14 और 15 मार्च को राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बारिश और वज्रपात का अंदेशा जताया गया है।
पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम?
पूर्वोत्तर भारत में इस समय एक चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। यह असम के आसपास के इलाकों में सक्रिय है। इसके कारण असम और मेघालय में तेज आंधी-तूफान, बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में भी आंधी और वज्रपात तथा गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। सिक्किम और उत्तर बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों में भी इसी तरह का मौसम देखा जा सकता है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में पश्चिमी हिमालयी इलाकों में तापमान में ज्यादा बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद दो दिनों तक तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद फिर धीरे-धीरे तापमान में गिरावट आ सकती है।
उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना जताई गई है।
मध्य भारत में अगले दो दिनों तक तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है। पूर्वोत्तर भारत में अगले दो दिनों में तापमान चार से पांच डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 12 मार्च, 2026 को विदर्भ के अमरावती में अधिकतम तापमान 42.0 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कहां चलेगी लू या हीटवेव?
जहां एक ओर कई राज्यों में बारिश और ठंडक का असर देखने को मिलेगा, वहीं कुछ हिस्सों में गर्मी का प्रकोप जारी रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, गुजरात, हिमाचल प्रदेश और कोंकण-गोवा के कुछ हिस्सों में लू या हीटवेव चलने का अंदेशा जताया गया है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में भीषण लू चलने की आशंका है।
गुजरात, केरल और तटीय कर्नाटक में उमस भरी गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। सौराष्ट्र और कच्छ में रात का तापमान भी अधिक रह सकता है जिसे वार्म नाइट की स्थिति कहा जाता है।
स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां
मौसम में तेजी से बदलाव होने के कारण लोगों को अपनी सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। गर्मी वाले क्षेत्रों में लोगों को ज्यादा देर तक धूप में रहने से बचना चाहिए।
शरीर को ठंडा रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। यदि संभव हो तो ओआरएस, नींबू पानी, छाछ, लस्सी और चावल का पानी जैसे पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
लब्बोलुआब यह कि आने वाले दिनों में भारत के कई इलाकों में मौसम बदलने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण हिमालयी इलाकों में बारिश और बर्फबारी होगी जबकि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में आंधी और हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।
पूर्वोत्तर भारत में चक्रवाती प्रसार के कारण आंधी और बिजली गिरने के आसार बने हुए हैं। वहीं कुछ क्षेत्रों में गर्मी और हीटवेव का असर जारी रह सकता है। इसलिए लोगों को मौसम की जानकारी पर ध्यान देना चाहिए और बदलते मौसम के अनुसार सावधानी बरतनी चाहिए।