मौसम के रंग: पहाड़ों पर बारिश-बर्फबारी-ओलावृष्टि, हिमाचल, राजस्थान व गुजरात में लू

10 मार्च, 2026 को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, देश में मौसम के कई रंग दिखाई देंगे, कहीं बारिश-बर्फबारी, तेज हवाएं, आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि तो कहीं लू व उमस भरी गर्मी के आसार।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में 10 से 15 मार्च तक बारिश, बर्फबारी, तेज हवाएं व ओलावृष्टि का अंदेशा जताया गया है
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में 10 से 15 मार्च तक बारिश, बर्फबारी, तेज हवाएं व ओलावृष्टि का अंदेशा जताया गया है
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सारांश
  • पश्चिमी विक्षोभ के कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में 10 से 15 मार्च तक बारिश, बर्फबारी, तेज हवाएं व ओलावृष्टि।

  • हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने का अनुमान।

  • पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में 10 से 15 मार्च के बीच बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाओं के साथ मौसम सक्रिय रहेगा।

  • राजस्थान, गुजरात, विदर्भ और हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में 10 और 11 मार्च को लू या हीटवेव चलने के आसार।

  • तेज हवाओं और ओलावृष्टि से पेड़ गिरने, बिजली लाइनों को नुकसान तथा केले, पपीते और अन्य खड़ी फसलों को क्षति की आशंका।

भारत में इन दिनों मौसम के कई अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है, जबकि कुछ क्षेत्रों में गर्मी और लू या हीटवेव की स्थिति भी बन रही है। मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, 10 मार्च, 2026 को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, कई जगहों पर तेज हवाएं, आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है।

इस समय उत्तर भारत के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। जो मध्य स्तरों के वायुमंडल में बनी हुई है और इसका असर खासतौर पर पश्चिमी हिमालयी इलाकों पर देखने को मिलेगा। पश्चिमी विक्षोभ के कारण जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम में बदलाव होगा। इसके कारण बादल बनने और बारिश या बर्फबारी हो सकती है।

इसके साथ ही उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम भी उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर सक्रिय है। इसकी हवा की गति लगभग 85 नॉट यानी बहुत तेज है। यह भी मौसम को प्रभावित करने में बड़ी भूमिका निभाती है।

उपरोक्त मौसमी गतिविधियों के चलते जम्मू और कश्मीर में आने वाले दिनों में मौसम के खराब रहने के आसार हैं। इसी क्रम में 10 से 12 मार्च के बीच जम्मू और कश्मीर में वज्रपात होने, 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाओं के साथ बारिश और बर्फबारी होने का पूर्वानुमान है। इस दौरान राज्य के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जबकि कुछ हिस्सों में भारी बारिशजमकर बर्फबारी का अंदेशा जताया गया है। इसके साथ ही 10 मार्च को प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि होने की भी आशंका जताई गई है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड का मौसम

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखाई देगा। 10 से 15 मार्च के बीच इन राज्यों के कई इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में 11 और 12 मार्च को ओले गिरने का अंदेशा जताया गया है। इसके अलावा 11, 12, 14 और 15 मार्च को गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान पहाड़ी इलाकों में मौसम अचानक बदल सकता है, इसलिए लोगों और पर्यटकों को सावधान रहने की सलाह दी गई है।

पूर्वोत्तर भारत में बारिश और आंधी

पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। अरुणाचल प्रदेश में 10 से 15 मार्च तक गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने के आसार हैं। वहीं 10 से 14 मार्च के बीच असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। इन क्षेत्रों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।

बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में कैसा रहेगा मौसम?

पूर्वी भारत के कई राज्यों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। 10 और 11 मार्च को बिहार और झारखंड में कुछ हिस्सों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश व बिजली गिरने के आसार हैं।

वहीं, पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों में 10 मार्च को बारिश हो सकती है। वहीं उत्तर बंगाल और सिक्किम में 10 से 13 मार्च के बीच बारिश और आंधी की आशंका है।

दक्षिण भारत में मौसम का मिजाज

दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। आज, 10 मार्च को केरल और माहे में कुछ हिस्सों में गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि दक्षिण भारत के अधिकतर इलाकों में मौसम के सामान्य रहने की संभावना है।

तेज हवाओं और ओलावृष्टि से नुकसान के आसार

देश के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं और ओलावृष्टि होने के आसार हैं जिससे नुकसान होने की आशंका है। विभाग ने कहा है कि तेज हवाओं से पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं और बड़े पेड़ भी गिर सकते हैं। इसके कारण बिजली और संचार लाइनों को भी नुकसान पहुंच सकता है।

कृषि क्षेत्र में भी नुकसान होने की आशंका है। खासकर केले और पपीते के पेड़ों को अधिक नुकसान हो सकता है। इसके अलावा बागवानी और खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंच सकता है।

ओलावृष्टि के दौरान खुले स्थानों पर मौजूद लोगों और पशुओं को चोट लग सकती है। तेज हवाओं के कारण कच्चे मकानों और झोपड़ियों को भी नुकसान हो सकता है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में तापमान में बदलाव देखने को मिलेगा। उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी इलाकों में अगले दो दिनों तक तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद अगले चार दिनों में तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। मैदानी इलाकों में भी अगले दो दिनों तक तापमान लगभग समान रहेगा और उसके बाद दो से तीन डिग्री की कमी आ सकती है।

उत्तर प्रदेश में अगले तीन दिनों में तापमान दो से तीन डिग्री तक बढ़ सकता है और उसके बाद धीरे-धीरे कम हो सकता है। पूर्वोत्तर भारत में तीन दिनों तक तापमान स्थिर रहेगा और उसके बाद इसमें तीन से चार डिग्री की गिरावट आ सकती है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, नौ मार्च, 2026 को गुजरात के राजकोट और सुरेंद्रनगर में अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में मध्य प्रदेश के राजगढ़ में न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

लू या हीटवेव का अंदेशा

देश के कुछ हिस्सों में गर्मी भी बढ़ रही है और लू या हीटवेव भी चल रही है। आज, 10 मार्च को हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में गंभीर लू या हीटवेव चलने की आशंका व्यक्त की गई है। वहीं, 10 और 11 मार्च को राजस्थान, गुजरात और विदर्भ में हीटवेव चलने के आसार हैं। इसके अलावा 10 मार्च को उत्तर कोंकण में भी हीटवेव से राहत मिलती नहीं दिख रही है। सौराष्ट्र और कच्छ के कई इलाकों में कल लोगों को हीटवेव का प्रकोप झेलना पड़ा।

कहां रहेगा गर्म और उमस भरा मौसम?

कुछ राज्यों में गर्म और उमस भरा मौसम भी रहने के आसार हैं। 10 मार्च को मध्य महाराष्ट्र में, मराठवाड़ा में 10 और 11 मार्च को गर्म और उमस भरा मौसम रह सकता है। जबकि 10 से 13 मार्च के बीच गुजरात के तटीय इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम रहने का अंदेशा जताया गया है

पिछले 24 घंटों में कहां हुई बारिश, कितने बरसे बादल?

पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई है। जिनमें मेघालय के शिलांग और बरापानी में लगभग 5 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कार निकोबार में 2 सेंटीमीटर बारिश हुई। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 1 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। जबकि देश के अन्य हिस्सों में मौसम शुष्क रहा।

देश के अलग-अलग हिस्सों में इन दिनों मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है, जबकि पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में आंधी और बारिश हो सकती है। वहीं पश्चिम और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में हीटवेव के आसार हैं।

ऐसे मौसम में लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। किसानों, यात्रियों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करना भी बहुत जरूरी है।

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