मौसम का मिला-जुला असर: कहीं उमस भरी गर्मी, गर्म हवाएं, कहीं बारिश-बर्फबारी

उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत में दिन का तापमान सामान्य से चार से छह डिग्री तक अधिक रह सकता है, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी व ओले गिरने की आशंका।
उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में तापमान सामान्य से चार से छह डिग्री अधिक रहने का अंदेशा।
उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में तापमान सामान्य से चार से छह डिग्री अधिक रहने का अंदेशा।फोटो साभार: सीएसई
Published on
सारांश
  • राजकोट, गुजरात में तापमान 42 डिग्री पार, कोंकण-गोवा, विदर्भ और पश्चिम राजस्थान में लू की चेतावनी।

  • जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड में बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि के आसार।

  • झारखंड और छत्तीसगढ़ के ऊपर चक्रवाती प्रसार, पूर्वी भारत में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की आशंका।

  • अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय समेत पूर्वोत्तर राज्यों में गरज के साथ बारिश और वज्रपात की चेतावनी।

  • उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में तापमान सामान्य से चार से छह डिग्री अधिक रहने का अंदेशा।

आज सुबह, 11 मार्च, 2026 को भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने देश के कई हिस्सों के लिए मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है। इस पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है, जबकि कुछ पश्चिमी और मध्य हिस्सों में गर्मी और लू या हीटवेव चलने के आसार जताए गए हैं। इसके पीछे मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ, जेट स्ट्रीम और चक्रवाती प्रसार है।

विभाग की मानें तो इस समय उत्तर भारत के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। यह एक ऐसा मौसम तंत्र है जो पश्चिम से नमी लेकर आता है और हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी करवाता है। साथ ही उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर इस समय एक मजबूत उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम भी सक्रिय है। यह लगभग 12.6 किमी की ऊंचाई पर बह रही है और इसकी हवा की गति लगभग 85 नॉट है।

उपरोक्त मौसमी गतिविधियों के कारण 11 और 12 मार्च को जम्मू और कश्मीर के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। जबकि आज, 11 मार्च को राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में जमकर बर्फबारी होने का अनुमान है

इसी तरह हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी 11 से 16 मार्च के बीच हल्की बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। 11 और 12 मार्च को हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि होने का भी अंदेशा जताया गया है। साथ ही इन सभी राज्यों में गरज के साथ बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। हवा की गति 30 से 50 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है।

दूसरी ओर पूर्वी और मध्य भारत के ऊपर एक चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। यह गतिविधि झारखंड और छत्तीसगढ़ के आसपास जारी है। इससे एक ट्रफ रेखा बनी हुई है जो मराठवाड़ा की ओर तक फैली हुई है। इस कारण पूर्वी भारत के कई राज्यों में गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।

आज, 11 मार्च को ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और आंधी-तूफान आ सकता है। इसके अलावा 13 मार्च को विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत भारत में गरज के साथ बारिश और वज्रपात

पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने के आसार हैं। इनमें अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा शामिल हैं। इन राज्यों में लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

विभाग ने कहा है कि आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में बदलाव देखने को मिल सकता है। पश्चिमी हिमालयी इलाकों में अगले सात दिनों में अधिकतम तापमान में पांच से छह डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी धीरे-धीरे तापमान में दो से चार डिग्री तक कमी आ सकती है।

हालांकि देश के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक भी बना रह सकता है। विशेष रूप से उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत में दिन का तापमान सामान्य से चार से छह डिग्री तक अधिक रह सकता है। दक्षिण भारत में अगले कुछ दिनों में तापमान में धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी होने के आसार हैं।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 10 मार्च, 2026 को गुजरात के राजकोट में अधिकतम तापमान 42.0 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में राजस्थान के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

लू या हीटवेव की चेतावनी

मौसम विभाग ने कुछ हिस्सों में हीटवेव यानी लू चलने की चेतावनी भी दी है। यह स्थिति खासकर कोंकण और गोवा, विदर्भ और पश्चिम राजस्थान में बन सकती है। इसके अलावा गुजरात के कुछ हिस्सों में भीषण हीटवेव चलने का अंदेशा जताया गया है। यहां मौसम गर्म और उमस भरा भी रह सकता है। ऐसे मौसम में लोगों को धूप से बचने और ज्यादा पानी पीने की सलाह दी जाती है।

स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां

बहुत अधिक गर्मी के कारण लोगों को थकान, चक्कर या हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग इसके प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। इसलिए लोगों को सलाह दी जाती है कि वे तेज धूप में लंबे समय तक बाहर न रहें। पर्याप्त पानी पीते रहें और शरीर को ठंडा रखने की कोशिश करें।

किसानों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने किसानों के लिए भी कुछ जरूरी सलाह जारी की है। हिमाचल प्रदेश में ओलावृष्टि से फसलों को बचाने के लिए बागानों में जाल या सुरक्षा कवर का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

अरुणाचल प्रदेश में किसानों को गोभी, मटर, सरसों और देर से पकने वाली धान की फसलों की कटाई जल्द करने और सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। इसी तरह उत्तर बंगाल के किसानों को साफ मौसम के दौरान जल्दी से परिपक्व आलू की खुदाई करने की सलाह दी गई है।

इस प्रकार देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग मौसम की स्थिति देखने को मिल सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी, पूर्वी भारत में गरज-चमक के साथ बारिश और पश्चिमी क्षेत्रों में लू जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। लोगों और किसानों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करना चाहिए ताकि वे संभावित नुकसान से बच सकें।

Related Stories

No stories found.
Down to Earth- Hindi
hindi.downtoearth.org.in