

आज, 19 फरवरी को उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 48 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट संभव।
दक्षिण भारत में कम दबाव के क्षेत्र के असर से तमिलनाडु और केरल में बारिश की संभावना।
अंडमान व नोकोबार द्वीप समूह में गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं।
मन्नार की खाड़ी और आसपास समुद्री क्षेत्रों में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
वर्तमान में देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग तरह की मौसमी गतिविधियां चल रही हैं। कहीं बारिश और बर्फबारी की संभावना है तो कहीं तापमान में गिरावट या बढ़ोतरी हो सकती है।
मौसम विभाग एक द्वारा आज सुबह, यानी 19 फरवरी, 2026 को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर राजस्थान और उसके आसपास के पंजाब तथा हरियाणा के इलाकों में सक्रिय है। यह जमीन से लगभग तीन से सात किमी की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके कारण उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। इसी के प्रभाव से कुछ जगहों पर हल्की बारिश हुई है और आगे भी हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।
इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर बना चक्रवाती प्रसार अब उत्तर-पूर्व राजस्थान के आसपास पहुंच गया है। एक ट्रफ रेखा भी उत्तर कोंकण से लेकर गुजरात और पूर्वी राजस्थान होते हुए उत्तर-पूर्व राजस्थान तक फैली हुई है। इन सभी मौसमी गतिविधियों के कारण उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम थोड़ा अस्थिर बना हुआ है।
उत्तर भारत के पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में आज, 19 फरवरी को कहीं-कहीं हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ सकती है।
पूर्वोत्तर भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम बहुत तेज गति से चल रही है। इसकी रफ्तार लगभग 115 नॉट है। इससे ऊपरी हवा का दबाव बना हुआ है, जिससे मौसम में बदलाव की स्थिति बनी रहती है।
दक्षिण भारत और समुद्री इलाकों में कैसा रहेगा मौसम?
अब दक्षिण भारत की बात करें। भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के पास एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। यह प्रणाली धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए श्रीलंका की ओर जा सकती है। इसके कारण दक्षिण भारत और द्वीपीय क्षेत्रों में बारिश की संभावना है।
अंडमान व नोकोबार द्वीप समूह में 19 फरवरी को कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। हवा की रफ्तार 30 से 40 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके बाद 20 से 22 फरवरी के बीच तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में भी कहीं-कहीं बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
समुद्री इलाकों में भी मौसम थोड़ा खराब रह सकता है। मन्नार की खाड़ी और कोमोरिन क्षेत्र के आसपास 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के और तेज होकर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और श्रीलंका के पूर्वी तट के पास 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने ऐसे में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
अब तापमान की बात करते हैं। उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 48 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। इसके बाद लगभग पांच दिनों तक कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। इससे सुबह और रात में ठंड बढ़ सकती है।
पूर्वी भारत में अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। उसके बाद दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। महाराष्ट्र और गुजरात में अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री तक बढ़ सकता है।
अधिकतम तापमान की बात करें तो उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अगले 24 घंटों में दो से चार डिग्री की गिरावट हो सकती है। इसके बाद दो दिनों तक तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है और फिर स्थिति सामान्य रहेगी। मध्य भारत में अगले पांच दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा में भी दो दिनों तक तापमान स्थिर रहेगा, फिर धीरे-धीरे बढ़ सकता है।
कल कहां बरसे बादल?
पिछले 24 घंटों में पश्चिम मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख तथा छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। इंदौर और जयपुर में एक सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। जबकि देश के बाकी हिस्सों में मौसम शुष्क रहा।
कुल मिलाकर, उत्तर भारत में हल्की ठंड बढ़ सकती है, पहाड़ी इलाकों में हल्की बर्फबारी संभव है, जबकि दक्षिण भारत और समुद्री क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। आने वाले कुछ दिनों में मौसम धीरे-धीरे बदलता रहेगा, इसलिए नियमित मौसम अपडेट देखते रहना जरूरी है।