

उत्तर भारत में भीषण लू का कहर जारी, दिल्ली, यूपी और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट।
बांदा देश का सबसे गर्म शहर बना, तापमान 48.2 डिग्री पहुंचा, लोगों को दिनभर झुलसाने वाली गर्म हवाओं ने परेशान किया।
दिल्ली में सीजन का सबसे गर्म दिन और रात दर्ज, अगले छह दिनों तक लू चलने की चेतावनी जारी।
केरल, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका, मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया।
दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा, 26 मई तक केरल पहुंचने की संभावना, किसानों ने खरीफ तैयारियां शुरू कीं।
देश के कई हिस्सों में इन दिनों भीषण गर्मी, लू, उमस और बदलते मौसम का असर लगातार देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के द्वारा आज सुबह, 20 मई, 2026 को जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि उत्तर भारत, मध्य भारत और पश्चिम भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
वहीं कुछ राज्यों में तेज बारिश, आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं का दौर भी जारी रहेगा। मौसम में इस बदलाव का असर आम लोगों के साथ-साथ किसानों और पशुपालकों पर भी पड़ रहा है। ऐसे में सावधानी बरतना बेहद जरूरी हो गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, महाराष्ट्र और गुजरात में 20 से 25 मई के दौरान अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। इससे इन राज्यों के लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि देश के बाकी हिस्सों में 25 मई तक तापमान में किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं।
उत्तर व मध्य भारत और कई अन्य क्षेत्रों में गर्मी का असर लगातार बना हुआ है। तेज धूप और लू के कारण लोगों को दिन के समय भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 19 मई, 2026 को उत्तर प्रदेश का बांदा देश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विभाग ने उत्तर प्रदेश के अधिकतर इलाकों में गर्मी के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
वहीं मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान की बात करें तो असम के हाफलोंग में कल, सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश और बादलों के कारण तापमान अपेक्षाकृत कम बना हुआ है।
कई राज्यों में लू का प्रकोप जारी
मौसम विभाग ने हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और विदर्भ में भीषण लू चलने का अंदेशा जताया है। इसके अलावा राजस्थान, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मराठवाड़ा के कुछ इलाकों में भी तेज गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर सकती हैं। दिन के समय तापमान काफी अधिक रहने के कारण लोगों को घर से बाहर निकलने में परेशानी हो सकती है।
दिल्ली में सीजन का सबसे गर्म दिन और रात, अगले छह दिनों तक लू का ऑरेंज अलर्ट
राजधानी दिल्ली में 19 मई का दिन इस सीजन का सबसे गर्म दिन और सबसे गर्म रात दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक, अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 4.7 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 1.7 डिग्री ज्यादा रहा। लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।
दिल्ली-एनसीआर में दिनभर तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम दिखाई दी। मौसम विभाग ने बताया है कि दिन के समय यहां 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी और बेहद गर्म सतही हवाएं चल सकती हैं। कुछ जहगों पर हवा की गति बढ़कर 40 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं।
मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में अगले छह दिनों तक लगातार लू चलने की आशंका को देखते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। आज 20 मई, 2026 को राजधानी का अधिकतम तापमान 46 डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान के 28 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे लू और गर्म हवाओं से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां अपनाएं तथा मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखें। लगातार गर्मी में रहने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इससे चक्कर आना, सिर दर्द, थकान और हीटस्ट्रोक जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
उमस और गर्म रातों से बढ़ी परेशानी
ओडिशा समेत कुछ राज्यों में गर्म और उमस भरा मौसम बने रहने की आशंका है। दिन के साथ-साथ रात में भी तापमान अधिक रहने से लोगों को राहत नहीं मिल रही है। मौसम विभाग ने विदर्भ में गर्म रातों की स्थिति दर्ज की है। ऐसी स्थिति में लोगों की नींद पूरी नहीं हो पाती और शरीर में थकान बनी रहती है।
उमस वाले मौसम में शरीर से ज्यादा पसीना निकलता है, जिससे कमजोरी महसूस हो सकती है। लोगों को अधिक पानी पीना चाहिए और हल्का भोजन करना चाहिए। बंद कमरों की बजाय हवा आने-जाने वाले स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी और उत्तर-पश्चिमी राज्यों में बारिश और तेज हवाएं
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। कुछ जगहों पर 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
मौसम विभाग की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर भारत के मैदानी राज्यों पर भी देखा जा सकता है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों तक तेज सतही हवाएं चल सकती हैं। इससे गर्मी थोड़ी कम महसूस हो सकती है, लेकिन धूल भरी हवाओं से परेशानी भी बढ़ सकती है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश के आसार
चक्रवाती प्रसार के चलते केरल, तमिलनाडु, लक्षद्वीप और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कई इलाकों में तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भारी बारिश भी हो सकती है। इन राज्यों में बारिश एक लिए येलो अलर्ट जारी है। यहां 64.5 से 155.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।
बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भी बदलेगा मौसम
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में 21 मई तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में और बढ़ोतरी हो सकती है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।
कुछ हिस्सों में तेज आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों से खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है। बिजली चमकने के दौरान मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सावधानी से उपयोग करने को कहा गया है।
कहां पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून?
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां लगातार अनुकूल बनी हुई हैं। अगले तीन से चार दिनों के दौरान मानसून दक्षिण-पूर्व अरब सागर, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर के शेष हिस्सों तथा पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ और भागों में आगे बढ़ सकता है।
विभाग ने बताया है कि मानसून के 26 मई तक केरल पहुंचने की संभावना है। हालांकि इसमें चार दिन आगे या पीछे का अंतर हो सकता है। सामान्य रूप से केरल में मानसून की शुरुआत जून के पहले सप्ताह में मानी जाती है, लेकिन इस बार इसके समय से पहले पहुंचने के संकेत मिल रहे हैं।
मानसून की प्रगति से दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में आने वाले दिनों में बारिश और हवाओं की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
किसानों के लिए मौसम बना चुनौती
बदलते मौसम का असर खेती पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जहां एक ओर भीषण गर्मी फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है, वहीं दूसरी ओर तेज बारिश और आंधी खेतों में खड़ी फसलों को गिरा सकती है। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे दोपहर के समय खेतों में काम कम करें और फसलों की सिंचाई सुबह या शाम के समय करें।
तेज हवाओं और आंधी को देखते हुए किसानों को खेतों में लगे टीन शेड, पॉलीहाउस और कृषि उपकरण सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है वहां खेतों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था करनी चाहिए ताकि जलभराव से फसलों को नुकसान न हो।
पशुपालकों को भी सतर्क रहने की जरूरत
भीषण गर्मी का असर पशुओं पर भी पड़ रहा है। पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे पशुओं को छायादार स्थानों पर रखें और पर्याप्त मात्रा में साफ पानी उपलब्ध कराएं। दोपहर के समय पशुओं को बाहर ले जाने से बचना चाहिए।
बारिश और बिजली चमकने के दौरान पशुओं को खुले स्थानों पर न बांधें। इससे दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है। पशुओं के चारे और दाने को भी सुरक्षित और सूखी जगह पर रखने की सलाह दी गई है।
सावधानी व बचाव
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम की ताजा जानकारी पर लगातार नजर रखें और प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें। गर्मी, बारिश, बिजली और तेज हवाओं के इस दौर में थोड़ी सी सावधानी बड़ी परेशानी से बचा सकती है।
विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में मौसम तेजी से बदल सकता है। इसलिए लोगों को सतर्क रहने, पर्याप्त पानी पीने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है। किसानों और आम नागरिकों के लिए यह समय अतिरिक्त सावधानी बरतने का है ताकि जान-माल का नुकसान रोका जा सके।