

उत्तर भारत में लू का कहर, दिल्ली समेत कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री पहुंचने का अंदेशा।
पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी, कई इलाकों में जलभराव और भूस्खलन का खतरा बढ़ा।
दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में तेज धूलभरी हवाओं की चेतावनी, लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई।
केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में मानसून पूर्व बारिश तेज, कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया।
मौसम विभाग ने किसानों को बारिश और गर्मी के बीच फसलों व पशुओं की विशेष देखभाल की सलाह दी।
देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम तेजी से बदल रहा है। मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, यानी 19 मई, 2026 को जारी ताजा अपडेट के अनुसार, उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी और लू चलने की आशंका है, जबकि पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ और अलग-अलग क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण मौसम में यह बदलाव देखा जा रहा है।
उत्तर भारत में बारिश और आंधी
पश्चिमी विक्षोभ के चलते जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू और कश्मीर में 19 से 22 मई तक गरज के साथ बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में 20 से 22 मई तक बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 21 और 22 मई को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
इन राज्यों में लोगों को पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं से बचने के लिए खुले स्थानों में रुकने से मना किया गया है।
दिल्ली-एनसीआर में और बढ़ेगी गर्मी
मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में अगले तीन दिनों तक भीषण गर्मी पड़ने का अंदेशा जताया है। आज यहां अधिकतम तापमान के 44 डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान लगाया गया है। कई इलाकों में तापमान के 45 डिग्री तक पहुंचने की भी आशंका जताई गई है। दोपहर के समय गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं। विभाग ने लोगों को दोपहर में बिना जरूरी काम के बाहर न निकलने की सलाह दी है।
वहीं, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 19 से 24 मई तक तेज सतही हवाएं चल सकती हैं। इन हवाओं की गति 20 से 30 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है और कई बार यह 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती है। इससे धूलभरी आंधी जैसी स्थिति भी बन सकती है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट
अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है। अरुणाचल प्रदेश में 22 मई को भारी बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 21 और 22 मई को तेज बारिश का अनुमान है।
वहीं आज 19 मई, 2026 को नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश होने के आसार हैं। विभाग ने यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
दक्षिण भारत में मानसून जैसी स्थिति
दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का असर दिखाई दे रहा है। केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। केरल और लक्षद्वीप में 19 से 22 मई तक तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। तमिलनाडु और दक्षिण कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है। इन राज्यों में भी 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। यहां भी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी है।
कहां पहुंचा मानसून?
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। अगले तीन से चार दिनों में मानसून दक्षिण अरब सागर, अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। इससे दक्षिण भारत के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
पूर्वी भारत में आंधी और तेज हवाएं
बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा। बिहार में 19 से 21 मई तक तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं जिनकी गति 50 से 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। ओडिशा में भी गरज-चमक और बारिश का अनुमान है।
इन राज्यों में किसानों और आम लोगों को बिजली गिरने और तेज हवाओं से सावधान रहने को कहा गया है। मौसम खराब होने पर पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
तापमान में तेज छलांग
मौसम विभाग के अनुसार, 19 से 24 मई के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने के आसार हैं। इससे दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में गर्मी और अधिक बढ़ सकती है।
महाराष्ट्र और गुजरात में 19 मई तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा, लेकिन 20 से 24 मई के बीच अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना जताई गई है। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में 21 मई तक तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद 21 से 24 मई के दौरान तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 18 मई, 2026 को उत्तर प्रदेश के बांदा में अधिकतम तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में असम के हाफलोंग में न्यूनतम तापमान 17.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कई राज्यों में लू व उमस भरे मौसम का खतरा
मौसम विभाग ने बिहार, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, तेलंगाना और विदर्भ में लू चलने की चेतावनी जारी की है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में गंभीर लू की स्थिति बन सकती है। इन में से कई राज्यों में गर्मी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राजस्थान, पश्चिम उत्तर प्रदेश और विदर्भ में रात के समय भी गर्मी बनी रह सकती है, जिससे लोगों को राहत नहीं मिलेगी। वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कुछ हिस्सों में मौसम के गर्म और उमस भरा रहने के प्रबल आसार हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को अधिक पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। डॉक्टरों का कहना है कि तेज धूप में लंबे समय तक रहने से हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।
किसानों के लिए विशेष सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को भी मौसम को देखते हुए जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है वहां खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखने को कहा गया है। तेज हवाओं वाले इलाकों में केले, मक्का और सब्जियों जैसी फसलों को सहारा देने की सलाह दी गई है।
लू प्रभावित राज्यों में किसानों को सुबह या शाम के समय सिंचाई करने की सलाह दी गई है ताकि पानी की बचत हो सके। पशुओं को पर्याप्त पानी और छाया में रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। बारिश वाले इलाकों में कटाई की गई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने को कहा गया है।
देशभर में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। कहीं भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही है तो कहीं बारिश राहत लेकर आ रही है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।