26 मई को केरल में दस्तक दे सकता है मानसून; जानें कहां चलेगी लू, कहां होगी भारी बारिश

केरल में मानसून की एंट्री करीब, उत्तर, पूर्वी व दक्षिण भारत में बारिश,आंधी-तूफान का अलर्ट, कई राज्यों में हीटवेव जारी, मध्य प्रदेश व विदर्भ में गर्म रातें
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के 26 मई के आसपास केरल पहुंचने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के 26 मई के आसपास केरल पहुंचने की संभावना है।फोटो साभार: आईस्टॉक
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सारांश
  • 26 मई तक केरल पहुंच सकता है मानसून, कई राज्यों में बारिश और आंधी, उत्तर भारत में लू जारी रहने के आसार

  • बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवाओं और बिजली गिरने की भी चेतावनी

  • उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में हीटवेव का खतरा, लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह

  • अंडमान-निकोबार में मानसून की हलचल तेज, समुद्र में ऊंची लहरों के चलते मछुआरों को चेतावनी जारी की गई

  • केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश और गरज-चमक की आशंका जताई गई

देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने वाला है। मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, यानी 16 मई, 2026 को जारी ताजा अपडेट में कहा गया है कि पश्चिमी विक्षोभ, ऊपरी हवा के चक्रवाती प्रसारकम दबाव के कारण उत्तर, पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक के आसार हैं। वहीं कुछ राज्यों में गर्मी और लू का असर भी बना रहेगा।

उत्तर भारत में बारिश और तेज हवाओं का असर

मौसम विभाग ने बताया है कि जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में आज, 16 मई, 2026 को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में भी आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

पश्चिमी हिमालयी इलाकों में अगले कुछ दिनों में तापमान में धीरे-धीरे चार से छह डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि बीच-बीच में होने वाली बारिश से लोगों को कुछ राहत भी मिलेगी।

पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 16 और 17 मई को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश में 16, 17, 20 और 21 मई को भारी बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में भी 21 मई तक कई इलाकों में तेज बारिश होने की आशंका है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।

बिहार, झारखंड और बंगाल में आंधी-तूफान का अंदेशा

पूर्वी भारत के राज्यों में भी मौसम सक्रिय बना रहेगा। बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। बिहार और झारखंड के कुछ हिस्सों में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी आने की आशंका जताई गई है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 16 से 18 मई के बीच भारी बारिश हो सकती है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। साथ ही कम दबाव के चलते समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

मध्य और पश्चिम भारत में भी बदलेगा मौसम

छत्तीसगढ़ में 16 और 17 मई को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। वहीं महाराष्ट्र के कई हिस्सों जैसे कोंकण, गोवा, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश और तेज हवाओं के आसार हैं।

गुजरात में तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जबकि महाराष्ट्र में 19 मई के बाद तापमान में दो से तीन डिग्री की कमी आने की उम्मीद है।

दक्षिण भारत में गरज-चमक और भारी बारिश

दक्षिण भारत के राज्यों में भी मौसम विभाग ने बारिश का अनुमान जताया है। केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और लक्षद्वीप में 16 से 19 मई के बीच गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। यहां बादलों के 64.5 से 115.5 मिमी तक बरसने के आसार हैं। इन राज्यों में भी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी है। लगातार बारिश से किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

केरल में 26 मई तक मानसून पहुंचने की संभावना, अंडमान में दस्तक के लिए मौसम अनुकूल

देशभर में गर्मी के बीच अब दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर अच्छी खबर सामने आई है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के 26 मई के आसपास केरल पहुंचने की संभावना है। हालांकि इसमें चार दिन आगे या पीछे होने की संभावना भी जताई गई है। यदि अनुमान सही रहता है तो इस बार मानसून सामान्य समय के आसपास ही भारत में प्रवेश करेगा।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बन रही अनुकूल मौसम परिस्थितियों के कारण मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से दक्षिण भारत के कई हिस्सों में पहले से ही बादल, बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है।

अंडमान-निकोबार में मानसून की शुरुआत के संकेत

मौसम विभाग ने बताया है कि आज यानी 16 मई 2026 से दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो गई हैं। इन क्षेत्रों में लगातार बादल छाए रहने, तेज हवाएं चलने और बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।

आमतौर पर मानसून सबसे पहले अंडमान-निकोबार क्षेत्र में पहुंचता है और उसके बाद धीरे-धीरे केरल की ओर बढ़ता है। इसके बाद मानसून पूरे देश में फैलता है

मानसून के समय पर आने की संभावना से किसानों में राहत की उम्मीद बढ़ गई है। खरीफ फसलों की बुवाई के लिए मानसून बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। अच्छी बारिश होने से खेती, जलस्तर और बिजली उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ता है।

दूसरी ओर भीषण गर्मी से परेशान लोगों को भी मानसून के आगमन का इंतजार है। पिछले कुछ दिनों से कई राज्यों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और लू का असर बना हुआ है। ऐसे में मानसून आने से मौसम में राहत मिलने की उम्मीद है।

कई राज्यों में लू या हीटवेव का खतरा

एक ओर जहां कई राज्यों में बारिश हो रही है, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड और विदर्भ में लू चलने की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग ने कहा है कि इन इलाकों में लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।

कोंकण और गोवा में गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है। मध्य प्रदेश और विदर्भ में रात के समय भी गर्मी का असर महसूस होगा।

किसानों और आम लोगों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम को देखते हुए फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएं। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज हवाओं के आसार हैं वहां किसान पकी हुई फसल की कटाई जल्द पूरी कर लें और उसे सुरक्षित स्थान पर रखें।

बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। तेज गर्मी वाले इलाकों में लोगों को अधिक पानी पीने और धूप से बचने की जरूरत है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से मौसम संबंधी ताजा जानकारी पर ध्यान देने की अपील की है।

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