

पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत में बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की आशंका, कई राज्यों में अलर्ट जारी।
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में आंधी, बारिश और धूल भरी हवाओं का असर अगले कुछ दिनों तक रहेगा।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में तेज बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि की चेतावनी।
गुजरात और राजस्थान के कई हिस्सों में लू का प्रकोप जारी, लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह।
केरल, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, किसानों को फसलों की सुरक्षा के निर्देश जारी।
देश के कई इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की गतिविधियां बढ़ गई हैं। मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, 11 मई 2026 को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक उत्तर-पश्चिम, पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण भारत के कई राज्यों में मौसम खराब बना रह सकता है। वहीं राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों में गर्मी और लू का असर भी जारी रहेगा।
मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी स्तरों पर पछुआ हवाओं में ट्रफ के रूप में सक्रिय है। इसके प्रभाव से पहाड़ी क्षेत्रों सहित मैदानी इलाकों में भी मौसम बदल रहा है। साथ ही देश के कई इलाकों में ऊपरी हवाओं का चक्रवाती प्रसार जारी है। इन मौसमीय प्रणालियों के चलते कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में बारिश के आसार
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 11 से 14 मई 2026 के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है जिनकी रफ्तार 30 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश के कारण लोगों को कुछ समय के लिए गर्मी से राहत मिलेगी।
दिल्ली में अचानक तेज हवाएं और धूल भरी आंधी भी चल सकती है। इससे यातायात प्रभावित होने की आशंका है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
राजस्थान में धूल भरी आंधी और लू
राजस्थान में 11 और 12 मई को बारिश और गरज-चमक के आसार हैं। कुछ इलाकों में धूल भरी आंधी चल सकती है। मौसम विभाग ने राज्य के कई इलाकों में लू या हीटवेव चलने का अंदेशा जताया है। पश्चिम राजस्थान में रात के समय भी गर्म मौसम बना रह सकता है।
पूर्वी राजस्थान में 11 से 13 मई तक गर्म हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने और अधिक पानी पीने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि
जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी हो सकती है जबकि मैदानी इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग की मानें तो जम्मू और कश्मीर में 11 और 12 मई को ओले गिरने की आशंका है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 12 और 13 मई को ओलावृष्टि का अंदेशा जताया गया है। तेज हवाओं की रफ्तार 40 से 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश के आसार
मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है। इन राज्यों में 11 से 14 मई के बीच गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। आज, 11 मई 2026 को मेघालय के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मेघालय में 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।
बिहार, झारखंड और ओडिशा में गरज-चमक
पूर्वी भारत के कई राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 11 से 14 मई के बीच हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके साथ तेज हवाएं और बिजली चमकने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
मध्य भारत में बदलता मौसम
मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में भी बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, इन राज्यों में 30 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
हालांकि मध्य भारत में अगले कुछ दिनों में तापमान के धीरे-धीरे बढ़ने के आसार हैं। दिन के तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।
दक्षिण भारत में बारिश का दौर
दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी बारिश और आंधी की गतिविधियां जारी रहेंगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
केरल और तमिलनाडु में कुछ हिस्सों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कहा कि तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
गुजरात में लू, कोंकण और गोवा में गर्म और उमस भरा मौसम
गुजरात में 11 से 14 मई के बीच हीटवेव या लू चलने के आसार हैं। सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में तापमान अधिक रहने का अनुमान है। वहीं आज, 11 मई 2026 को कोंकण और गोवा के अलग-अलग इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की बहुत अधिक आसार हैं।
तापमान में उतार-चढ़ाव जारी
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में अगले 24 घंटों के दौरान तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन 11 और 12 मई को दो से तीन डिग्री तक गिरावट आ सकती है। इसके बाद फिर तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी। पूर्वी भारत में भी 12 मई के बाद तापमान बढ़ने के आसार हैं। वहीं गुजरात में 14 मई तक गर्मी बढ़ेगी और उसके बाद थोड़ी राहत मिल सकती है।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 10 मई, 2026 को राजस्थान के बाड़मेर में अधिकतम तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में झारखंड के रांची में न्यूनतम तापमान 16.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
लोगों के लिए मौसम संबंधी सलाह
देश के कई हिस्सों में बारिश, आंधी, बिजली गिरने, तेज हवाओं, ओलावृष्टि और लू की स्थिति को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। गरज-चमक के समय पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहें। तेज आंधी और बारिश के दौरान वाहन सावधानी से चलाएं क्योंकि दृश्यता कम हो सकती है।
पहाड़ी राज्यों में रहने वाले लोग भूस्खलन और ओलावृष्टि को लेकर सतर्क रहें। पर्यटन स्थलों पर जाने वाले यात्रियों को मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करनी चाहिए।
गुजरात, राजस्थान और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति को देखते हुए लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचना चाहिए। अधिक पानी पिएं और शरीर में पानी की कमी न होने दें। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और बच्चों तथा बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
किसानों के लिए मौसम संबंधी सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को बदलते मौसम को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड में ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए फल बागानों और सब्जियों की सुरक्षा के लिए ओला रोधी जाल या कवर का उपयोग करें। पके हुए फलों की जल्द तुड़ाई कर सुरक्षित स्थान पर रखें।
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें ताकि फसलों में पानी जमा न हो। केले, नारियल और सब्जियों की फसलों को तेज हवाओं से बचाने के लिए सहारा दें।
तमिलनाडु और केरल में किसानों को दालों, गन्ना और सब्जियों की खेती वाले खेतों में पानी निकासी पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। लगातार बारिश के दौरान उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव फिलहाल टालने की सलाह दी गई है।
अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में भी किसानों को सिंचाई और खेतों में अन्य कार्य कुछ समय के लिए रोकने की सलाह दी गई है ताकि भारी बारिश से नुकसान कम हो सके।
गुजरात और सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र में गर्मी और लू के कारण सब्जियों, मूंगफली, मूंग और उड़द की फसलों में सुबह या शाम के समय हल्की और बार-बार सिंचाई करने की सलाह दी गई है। नर्सरी और छोटे पौधों को तेज धूप से बचाने के लिए 50 से 75 प्रतिशत हरे शेड नेट लगाने चाहिए।
आम के बगीचों में नियमित अंतराल पर हल्की सिंचाई करें ताकि फलों पर गर्मी का असर कम हो। सब्जियों की तुड़ाई सुबह या शाम के समय करें ताकि गुणवत्ता बनी रहे।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर लगातार नजर रखें और मौसम के अनुसार खेती से जुड़े फैसले लें।
कुल मिलाकर देश के कई हिस्सों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसम प्रणालियों के कारण अगले कुछ दिनों तक मौसम अस्थिर बना रहने की संभावना है। उत्तर भारत में बारिश, आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि का असर देखने को मिलेगा, जबकि राजस्थान और गुजरात के कई इलाकों में लू और गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं। पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।