

पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, उत्तर भारत में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का असर, कई राज्यों में ओलावृष्टि और तापमान में गिरावट दर्ज
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा समेत उत्तर भारत में छह मई को बारिश और आंधी-तूफान के आसार, मौसम विभाग ने चेतावनी की जारी
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश के आसार, कई राज्यों में येलो अलर्ट, तेज हवाओं से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका
मध्य और दक्षिण भारत में भी मौसम बदला, हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक जारी, कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान
किसानों को फसल बचाने की सलाह, आम लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी, आंधी, बिजली और जलभराव से बचने के निर्देश
नई दिल्ली, 4 मई 2026। उत्तर भारत के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में ऊपरी हवाओं का चक्रवाती प्रसार जारी है। जिनके कारण कई राज्यों में बारिश, आंधी, बिजली व ओले गिरने और तेज हवाओं का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ अभी उत्तर पाकिस्तान और आसपास के इलाकों में जारी है और इसका असर आने वाले कुछ दिनों तक बना रहेगा। इसके चलते पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक मौसम अस्थिर बना हुआ है।
उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम का बदला मिजाज
उपरोक्त मौसमीय प्रणालियों के चलते जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में चार मई से आठ मई, 2026 तक रुक-रुक कर बारिश और ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी होने की संभावना है। इन राज्यों में गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 30 से 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। खासकर चार और पांच मई को मौसम ज्यादा खराब रह सकता है।
वहीं मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में चार और पांच मई, 2026 को तेज हवाओं के साथ बारिश व तूफान जैसे हालात बन सकते हैं। इन राज्यों में इसी तरह की मौसमी गतिविधि के छह मई को भी जारी रहने के आसार हैं। राजस्थान में भी चार से सात मई के बीच मौसम खराब रहेगा और कहीं-कहीं धूल भरी आंधी चल सकती है। जबकि चार मई को राजस्थान में तेज आंधी और तूफान की चेतावनी दी गई है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश
पूर्वोत्तर के राज्यों में भी मौसम सक्रिय बना हुआ है। चार और पांच मई, 2026 को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बरस सकते हैं बादल। इसके साथ ही नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी चार से छह मई, 2026 के बीच बारिश और गरज-चमक के आसार हैं। विभाग ने कहा है इन राज्यों में तेज हवाएं भी चलेंगी, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
पूर्वी भारत में भी असर
पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार और ओडिशा में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा। छह और सात मई को पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अच्छी बारिश होने की संभावना है। बिहार और ओडिशा में छह से नौ मई के बीच बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। चार और पांच मई को इन राज्यों में तेज तूफान और ओले गिरने का अंदेशा जताया गया है।
मध्य भारत में हल्की बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। यहां भी गरज-चमक और तेज हवाओं का असर रहेगा। चार और पांच मई को कुछ हिस्सों में आंधी और ओले गिरने की भी आशंका है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है।
दक्षिण भारत में बारिश लेकिन उमस बरकरार
दक्षिण भारत के राज्यों में भी मौसम सक्रिय बना हुआ है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक कहीं-कहीं बारिश और आंधी आने का अंदेशा है। तटीय इलाकों में गर्मी और उमस भी बनी रहेगी। कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने के आसार हैं, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी राहत भी मिल सकती है, लेकिन जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
मौसम में बदलाव के कारण तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। उत्तर-पश्चिम भारत में पांच मई, 2026 तक तापमान में तीन से सात डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इसके बाद छह मई से फिर तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी। मध्य भारत में भी तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जाएगी। बाकी हिस्सों में तापमान में ज्यादा बदलाव होने की संभावना नहीं है।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, तीन मई, 2026 को तेलंगाना के आदिलाबाद में अधिकतम तापमान 45.3 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के हरदोई में न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
किसानों के लिए सलाह
इस मौसम को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जिन फसलों की कटाई हो चुकी है, उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखें और बारिश से बचाने के लिए ढककर रखें। जिन फसलों की कटाई तैयार है, उन्हें जल्दी काट लें ताकि नुकसान से बचा जा सके। तेज हवाओं और ओलावृष्टि से बचाने के लिए खेतों में उचित व्यवस्था करें।
पशुपालकों को भी अपने पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए और उन्हें बारिश और आंधी से बचाना चाहिए। खेतों में जलभराव न हो, इसके लिए पानी निकासी की व्यवस्था करना जरूरी है।
आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
मौसम खराब होने के दौरान लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। आंधी और बिजली के समय घर के अंदर रहें और खुले स्थानों से दूर रहें। पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें, क्योंकि बिजली गिरने का खतरा रहता है। तेज हवाओं के दौरान ढीली वस्तुओं को सुरक्षित कर लें।
बारिश के दौरान सड़क पर फिसलन हो सकती है, इसलिए वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें और अनावश्यक यात्रा से परहेज करें। धूल भरी आंधी के समय बाहर निकलते समय मुंह और आंखों को ढककर रखें।
पिछले 24 घंटे में कहां कितने बरसे बादल?
पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है। आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में 4 सेमी, देहरादून में 4 सेमी और हरियाणा के हिसार में 3 सेमी बारिश हुई है। इसके अलावा त्रिपुरा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है।
कुल मिलाकर, आने वाले दिनों में देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सक्रिय रहेगा। लोगों और किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है ताकि किसी भी प्रकार के नुकसान से बचा जा सके।