

दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, देशभर में मौसम अस्थिर, कई राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान की चेतावनी जारी।
असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश, ऑरेंज अलर्ट, जलभराव और भूस्खलन का खतरा बढ़ा।
उत्तर भारत में तीन मई से तापमान गिरेगा, दिल्ली समेत कई राज्यों में आंधी, हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना।
दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु में भारी बारिश, तटीय क्षेत्रों में उमस बढ़ेगी, लोगों को गर्म और चिपचिपे मौसम से परेशानी।
देशभर में फिलहाल लू का खतरा नहीं, लेकिन कई राज्यों में बिजली गिरने और 40-50 किमी प्रति घंटे तक की हवाओं की चेतावनी।
देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। मौसम विभाग के द्वारा आज, दो मई 2026 को जारी ताजा अपडेट के अनुसार, वर्तमान में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ जम्मू और कश्मीर तथा उसके आसपास के इलाकों में बना हुआ है।
इसके साथ ही एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ मध्य स्तरों पर पछुआ हवाओं में ट्रफ के रूप में सक्रिय है। इसके कारण देश के कई हिस्सों में ऊपरी हवा में चक्रवाती प्रसार और हवा के असंतुलन की स्थिति बनी हुई है, जिससे व्यापक स्तर पर मौसम में अस्थिरता देखी जा रही है।
उत्तर भारत में बदलेगा मौसम का मिजाज
उत्तर के पहाड़ी राज्यों पर इन दोनों पश्चिमी विक्षोभों का असर दिखाई देगा। दो से पांच मई के दौरान जम्मू और कश्मीर में बिजली चमकने, 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। इन राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश तथा ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी होने की संभावना है।
वहीं उत्तर भारत के मैदानी इलाकों, खासकर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। हालांकि अभी अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन तीन मई से सात मई के बीच तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि इन क्षेत्रों में हल्की बारिश, धूल भरी आंधी और तेज हवाएं चल सकती हैं।
पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मौसम अधिक गंभीर बना हुआ है। असम और मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलग-अलग इलाकों भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। इन राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। यहां विभाग ने बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी है। इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन की आशंका भी बढ़ गई है।
दक्षिण भारत में भी बारिश और उमस का असर
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी मौसम सक्रिय बना हुआ है। केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी बारिश के आसार हैं। इन राज्यों में बादलों के 64.5 से 115.5 मिमी तक बरसने के आसार हैं। यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इसके साथ ही इन क्षेत्रों में गर्म और उमस भरे मौसम की स्थिति भी बनी रह सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कुछ इलाकों में भी उमस भरी गर्मी से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
कई राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका
मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों में गरज के साथ बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, खासकर खुले स्थानों पर जाने से बचने और बिजली गिरने के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की गई है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
देश के अधिकतर इलाकों में अभी तापमान सामान्य बना रहेगा, लेकिन आने वाले दिनों में इसमें गिरावट देखने को मिलेगी। मध्य प्रदेश में दो मई तक तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन इसके बाद तीन से पांच डिग्री की गिरावट दर्ज की जाएगी। गुजरात, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी शुरुआती दिनों में तापमान स्थिर रहेगा, लेकिन बाद में इसमें कमी आएगी। बाकी हिस्सों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, एक मई, 2026 को राजस्थान के बाड़मेर में अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हरदोई में न्यूनतम तापमान 17.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
देशभर में हीटवेव से राहत
मौसम विभाग के अनुसार, राहत की बात यह है कि फिलहाल देश के किसी भी हिस्से में हीटवेव यानी लू चलने के आसार नहीं हैं। यह स्थिति आम लोगों के लिए राहत भरी है, क्योंकि मई के महीने में आमतौर पर भीषण गर्मी का सामना करना पड़ता है। हालांकि कुछ तटीय इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम लोगों को परेशान कर सकता है।
किसानों के लिए अहम सलाह
मौसम में इस बदलाव का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ता है। भारी बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अरुणाचल प्रदेश में धान की नर्सरी की बुवाई को फिलहाल टालने की सलाह दी गई है। असम और मेघालय में खेतों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करने को कहा गया है, ताकि फसलों को नुकसान न हो।
मणिपुर और मिजोरम में सोयाबीन और मूंगफली की बुवाई रोकने की सलाह दी गई है। वहीं, नागालैंड और त्रिपुरा में सब्जियों और अन्य फसलों को जलभराव से बचाने के लिए खेतों में जल निकासी सुनिश्चित करने को कहा गया है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अदरक, टमाटर और अन्य फसलों की सुरक्षा के लिए पॉलीथीन या जाल से ढकने की सलाह दी गई है।
तेज हवाओं से फसलों को खतरा
तेज हवाओं और आंधी के कारण खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए किसानों को केले, गन्ने और अन्य ऊंची फसलों को सहारा देने की सलाह दी गई है। साथ ही, कटाई के बाद खेतों में रखी उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने या तिरपाल से ढकने को कहा गया है, ताकि तेज हवाओं और बारिश से नुकसान न हो।
देशभर में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। कहीं भारी बारिश तो कहीं आंधी-तूफान और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं।
हालांकि तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिलेगी। ऐसे में आम जनता और किसानों दोनों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की आवश्यकता है।