विस्तार से जानें - पूरे देश में कहां होगी भारी बारिश, आंधी-तूफान, ओलावृष्टि व कहां चलेगी लू

देश के कई हिस्सों में बारिश, आंधी, बिजली, ओले गिरने की आशंका, कुछ राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, विदर्भ में लू व तटीय इलाकों में उमस भरी गर्मी
कुछ राज्यों में लू का असर जारी, विदर्भ और राजस्थान में गर्मी बढ़ेगी, लोगों को सतर्क रहने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह
कुछ राज्यों में लू का असर जारी, विदर्भ और राजस्थान में गर्मी बढ़ेगी, लोगों को सतर्क रहने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह
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सारांश
  • पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, उत्तर भारत में बारिश और आंधी, दिल्ली सहित कई राज्यों में तेज हवाएं, तापमान में गिरावट की संभावना

  • पूर्वोत्तर भारत में अगले कुछ दिन भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाएं, जलभराव और भूस्खलन के खतरे का अंदेशा

  • पूर्वी भारत में आंधी-तूफान का असर, बिहार, ओडिशा, बंगाल में तेज हवाएं, कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और भारी बारिश की आशंका

  • मध्य और दक्षिण भारत में भी बदला मौसम, कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक, तेज हवाएं, कुछ जगहों पर भारी बारिश के आसार

  • कुछ राज्यों में लू का असर जारी, विदर्भ और राजस्थान में गर्मी बढ़ेगी, लोगों को सतर्क रहने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसका असर जम्मू और कश्मीर से लेकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान तक दिखाई दे रहा है। इसके साथ ही देश के अन्य हिस्सों में भी अलग-अलग मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। जिसमें ऊपरी हवाओं का चक्रवाती प्रसार, ट्रफ और हवाओं का असंतुलन के साथ देश के कुछ हिस्सों में ऊपरी हवाओं का उल्टा चक्रवात सक्रिय हैं।

इन मौसमीय प्रणालियों के कारण कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं और कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, यानी एक मई 2026 को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों में देश के अधिकतर इलाकों में मौसम इसी तरह अस्थिर रहेगा।

उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम का बदला मिजाज

उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम लगातार बदल रहा है। जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में एक मई से छह मई के बीच हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

वहीं मैदानी इलाकों की बात करें तो दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में भी मौसम का असर साफ दिखेगा। राजधानी दिल्ली में एक मई और फिर तीन मई से छह मई के बीच हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाएं भी चलेंगी, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। वहीं उत्तर प्रदेश में चार से छह मई के बीच बारिश होने के आसार हैं। राजस्थान के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में भी दो से छह मई के बीच बारिश और आंधी चलने का अंदेशा जताया गया है।

पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वोत्तर भारत में अगले चार से छह दिनों तक मौसम काफी सक्रिय रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक रूप से बारिश होने की संभावना है। इन राज्यों के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। खासकर अरुणाचल प्रदेश में एक मई को और असम तथा मेघालय में दो और तीन मई को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश होने का पूर्वानुमान है।

साथ इन राज्यों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिनकी गति 30 से 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन की आशंका भी जताई गई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पूर्वी भारत में आंधी और तेज हवाएं

पूर्वी भारत के राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी मौसम सक्रिय बना रहेगा। इन राज्यों में अगले सात दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। कुछ हिस्सों में तेज हवाएं चलने की भी आशंका है, जिनकी गति 50 से 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

ओडिशा में आज, एक मई को ओलावृष्टि का अंदेशा जताया गया है, जबकि बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी तेज आंधी चल सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में एक से तीन मई के बीच भारी बारिश होने के आसार हैं। इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। विभाग ने यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

मध्य भारत में हल्की बारिश और आंधी-तूफान

मध्य भारत के राज्यों जैसे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ आंधी चलने के आसार हैं। यहां हवाओं की गति 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है। विदर्भ में दो से चार मई के बीच इसी तरह का मौसम बना रहेगा।

छत्तीसगढ़ में चार मई को तेज आंधी या तूफान आने का अंदेशा जताया गया है, जिसमें हवाओं की गति 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर

दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी मौसम बदला हुआ नजर आएगा। तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में एक से चार मई के बीच हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, एक और दो मई को तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश हो सकती है। यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी है। इन दोनों राज्यों में बादलों के 64.5 से 115.5 मिमी तक बरसने के आसार हैं।

दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में एक मई को ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। इसके अलावा तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं

तापमान में उतार-चढ़ाव

मौसम में बदलाव के कारण तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। उत्तर-पश्चिम भारत में दो मई तक तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन इसके बाद तीन से छह मई के बीच तापमान में तीन से पांच डिग्री तक गिरावट आने की संभावना है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।

मध्य भारत में तापमान में हल्की गिरावट के बाद स्थिति सामान्य बनी रहेगी, जबकि देश के बाकी हिस्सों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 30 अप्रैल, 2026 को महाराष्ट्र के चंद्रपुर में अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के बलोवाल में न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कहां चलगी लू या हीटवेव और कहां रहेगा उमस भरा मौसम?

हालांकि कई जगहों पर बारिश हो रही है, फिर भी कुछ राज्यों में गर्मी का असर बना हुआ है। विदर्भ में एक मई को और पश्चिमी राजस्थान में दो और तीन मई को लू चलने की आशंका व्यक्त की गई है। इसके अलावा ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे धूप में ज्यादा देर तक बाहर न रहें और शरीर को हाइड्रेट रखें। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

किसानों के लिए विशेष सलाह

मौसम विभाग ने किसानों के लिए भी कई जरूरी सलाह जारी की हैं। जिन इलाकों में ओलावृष्टि की आशंका है, वहां फसलों को बचाने के लिए जाल या कवर का उपयोग करने की सलाह दी गई है। साथ ही खेतों में पानी जमा न हो, इसके लिए उचित जल निकासी की व्यवस्था करने को कहा गया है।

गर्मी और लू से प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को हल्की और बार-बार सिंचाई करने की सलाह दी गई है, ताकि फसलों में नमी बनी रहे। इसके अलावा फसलों को बचाने के लिए मल्चिंग और छाया जाल का उपयोग करने की भी सलाह दी गई है।

सतर्क रहने की जरूरत

कुल मिलाकर आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदलने वाला है। कहीं बारिश, कहीं आंधी, तो कहीं तेज गर्मी लोगों को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में जरूरी है कि लोग मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें और सावधानी बरतें।

विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम के इस दौर में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। सही समय पर जानकारी और तैयारी से किसी भी प्रकार के नुकसान को कम किया जा सकता है।

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