पश्चिम बंगाल में दिसंबर से अब तक निपाह के सिर्फ दो मामले सामने आए: एनसीडीसी

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के केवल दो मामले, सरकार का दावा, सभी संपर्कों की निगरानी और जांच पूरी, अफवाहों से सावधान रहने को कहा गया
196 संपर्कों की पहचान, निगरानी और परीक्षण किया गया, सभी लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई, किसी में वायरस नहीं मिला।
196 संपर्कों की पहचान, निगरानी और परीक्षण किया गया, सभी लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई, किसी में वायरस नहीं मिला।फोटो साभार: आईस्टॉक
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सारांश
  • पश्चिम बंगाल में केवल दो निपाह वायरस के मामले दर्ज, स्वास्थ्य मंत्रालय ने अफवाहों को गलत बताया और स्पष्ट जानकारी दी।

  • 196 संपर्कों की पहचान, निगरानी और परीक्षण किया गया, सभी लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई, किसी में वायरस नहीं मिला।

  • सरकार ने तुरंत स्वास्थ्य उपाय शुरू किए, प्रोटोकॉल के अनुसार निगरानी, इलाज, और संक्रमण रोकथाम के लिए कदम उठाए गए।

  • संपर्क में आए लोगों और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह, अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने कहा।

  • निपाह वायरस गंभीर लेकिन नियंत्रित बीमारी है, स्वास्थ्य विभाग सतर्क है, संक्रमण फैलाव रोकने के लिए तैयार और निगरानी लगातार जारी।

भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि हाल के दिनों में कुछ मीडिया रिपोर्टों में निपाह वायरस को लेकर गलत और भ्रामक आंकड़े सामने आए थे। इन खबरों के कारण लोगों में डर और भ्रम की स्थिति बन गई। इसी को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने निपाह वायरस को लेकर सही जानकारी सार्वजनिक की है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पिछले साल दिसंबर से अब तक पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के केवल दो मामलों की पुष्टि हुई है। इसके अलावा कोई अन्य मामला सामने नहीं आया है। मंत्रालय ने कहा कि कुछ मीडिया संस्थानों द्वारा फैलाई गई संख्या पूरी तरह गलत और अटकलों पर आधारित थी।

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मंत्रालय के अनुसार, जैसे ही इन दो मामलों की पुष्टि हुई, सरकार ने तुरंत सभी जरूरी स्वास्थ्य उपाय शुरू कर दिए। निपाह वायरस एक गंभीर बीमारी है, इसलिए इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। इसी कारण तय नियमों और प्रोटोकॉल के अनुसार काम किया गया।

इन दोनों मरीजों के संपर्क में आए लोगों की पहचान की गई। कुल 196 लोगों को कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के तहत चिन्हित किया गया। इन सभी लोगों की निगरानी की गई और उनके सैंपल लेकर जांच की गई। राहत की बात यह रही कि इन सभी 196 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई, यानी किसी में भी निपाह वायरस नहीं पाया गया।

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स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी बताया कि अब तक निपाह वायरस का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सरकार लगातार इस पर नजर बनाए हुए है। राज्य और केंद्र स्तर पर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

विज्ञप्ति में मंत्रालय ने जनता से अपील की है कि वे डरें नहीं और अफवाहों पर ध्यान न दें। साथ ही मीडिया से भी अनुरोध किया गया है कि वे केवल सरकारी और आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें। बिना पुष्टि के खबरें फैलाने से लोगों में अनावश्यक घबराहट फैलती है, जो समाज के लिए ठीक नहीं है।

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निपाह वायरस एक संक्रामक बीमारी है, जो आमतौर पर जानवरों से इंसानों में फैलती है। लेकिन सही समय पर पहचान, इलाज और सावधानी से इसके फैलाव को रोका जा सकता है। भारत में पहले भी निपाह वायरस के मामलों को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अस्पतालों, लैब और स्वास्थ्य कर्मियों को पूरी तरह सतर्क रखा गया है। जांच, इलाज और निगरानी की सभी व्यवस्थाएं पहले से मौजूद हैं। इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

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अंत में, सरकार ने सभी नागरिकों से सहयोग की अपील की है। यदि कोई आधिकारिक सूचना जारी की जाती है तो उस पर ध्यान दें। सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैल रही अपुष्ट खबरों को आगे न बढ़ाएं।

निष्कर्ष रूप में कहा जा सकता है कि पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस को लेकर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, केवल दो मामले सामने आए हैं और फिलहाल कोई खतरा नहीं है।

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