

पश्चिमी विक्षोभ के कारण देशभर में मौसम बदला, कई राज्यों में बारिश, आंधी, तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका।
बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में 31 मार्च को ओलावृष्टि का खतरा, किसानों को सतर्क रहने की सलाह।
उत्तर-पश्चिम भारत में दिल्ली सहित कई राज्यों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार।
पूर्वोत्तर भारत में 31 मार्च से तीन अप्रैल तक भारी बारिश का अलर्ट, कुछ हिस्सों में 155 मिमी तक बारिश संभव।
तेज हवाओं और ओलावृष्टि से फसलों, पेड़ों, बिजली लाइनों और कमजोर मकानों को नुकसान होने की आशंका।
भारत के तमाम राज्यों में इस समय मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। मौसम विभाग ने इसके पीछे का मुख्य कारण एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ को माना है, जो उत्तर ईरान और कैस्पियन सागर के आसपास बना हुआ है। इसका असर भारत के बड़े हिस्से पर दिखाई दे रहा है। इसके साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में चक्रवाती प्रसार और तेज जेट स्ट्रीम भी सक्रिय हैं, जो मौसम को और अधिक अस्थिर बना रहे हैं।
उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम की स्थिति
आज, 31 मार्च 2026 को उत्तर-पश्चिम भारत, जिसमें दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान शामिल हैं, यहां बारिश और आंधी-तूफान की आशंका जताई गई है। इन राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, साथ ही बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी अंदेशा है।
हवाओं की गति 30 से 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं और कमजोर ढांचे को नुकसान हो सकता है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी भी हो सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आने का अनुमान है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश
31 मार्च से तीन अप्रैल 2026 के बीच पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय और त्रिपुरा में तेज हवाएं चलने, वज्रपात के साथ भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। यहां 64.5 से 155.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। भारी बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।
पूर्वी भारत में आंधी और ओलावृष्टि
पूर्वी भारत के राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी मौसम खराब रहने वाला है। यहां गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
कुछ हिस्सों में हवाओं की गति 60 से 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अलावा 31 मार्च को इन राज्यों के कई इलाकों में ओलावृष्टि होने की भी आशंका जताई गई है, जो फसलों के लिए नुकसानदायक हो सकती है।
मध्य और पश्चिम भारत में प्रभाव
मौसम विभाग की मानें तो मध्य भारत में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होती रहेगी। विदर्भ और छत्तीसगढ़ में ओलावृष्टि का अंदेशा है, जिससे किसानों को सावधान रहने की जरूरत है।
पश्चिम भारत, खासकर महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा। यहां 31 मार्च से तीन अप्रैल 2026 के बीच मौसम अस्थिर बना रहेगा और कुछ हिस्सों में ओले गिर सकते हैं।
दक्षिण भारत में भी मौसम सक्रिय
दक्षिण भारत में भी इस मौसमीय प्रणाली का प्रभाव दिखाई दे रहा है। केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के अलग-अलग इलाकों में बारिश और आंधी-तूफान के आसार हैं।
आज, 31 मार्च को केरल और माहे के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। यहां 64.5 से 155.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। इसके अलावा अन्य राज्यों में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा।
नुकसान के आसार व बचाव के उपाय
इस तरह के मौसम में कई तरह के नुकसान हो सकते हैं। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिर सकते हैं और उनकी शाखाएं टूट सकती हैं। इससे बिजली और संचार सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
ओलावृष्टि के कारण फसलों को भारी नुकसान हो सकता है, खासकर फल और सब्जी की खेती करने वाले किसानों को। केले और पपीते जैसे पौधे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।
तेज हवाएं और बारिश कमजोर घरों और झोपड़ियों को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं। खुले में रहने वाले लोगों और पशुओं के लिए भी यह मौसम खतरनाक हो सकता है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
मौसमी उथल-पुथल के कारण तापमान में भी बदलाव देखने को मिलेगा। उत्तर-पश्चिम भारत में पहले तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी, फिर कुछ दिनों तक बढ़ेगा और उसके बाद फिर से गिर सकता है।
मध्य भारत में एक अप्रैल के बाद तापमान में धीरे-धीरे कमी आएगी, जबकि पूर्वी भारत में तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। महाराष्ट्र और गुजरात में भी तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिलेगी।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 30 मार्च, 2026 को ओडिशा के टिटलागढ़ में अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के गुरदासपुर में न्यूनतम तापमान 15.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कुल मिलाकर, यह पश्चिमी विक्षोभ देश के बड़े हिस्से में मौसम को प्रभावित कर रहा है। 31 मार्च से अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में बारिश, आंधी, तेज हवाएं और ओलावृष्टि देखने को मिलेगी।
लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम की जानकारी पर नजर रखें और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित जगहों पर रहें। किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।
यह मौसम भले ही गर्मी से थोड़ी राहत दे, लेकिन इसके साथ आने वाले खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसलिए सावधानी और सतर्कता बहुत जरूरी है।