

अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के कई इलाकों में लगभग एक सप्ताह से जंगलों में आग लगी हुई है। हालात को देखते हुए भारतीय वायु सेना ने ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हवाई अग्निशमन अभियान शुरू किया है।
आग दूरदराज और पहाड़ी इलाकों में फैली है, जहां बचाव दल खराब मौसम और कठिन पहुंच मार्गों के बीच आग बुझाने में जुटे हैं।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हवाई अग्निशमन
भारतीय वायु सेना ने 9,500 फुट से अधिक ऊंचाई पर हेलीकॉप्टरों की तैनाती कर लगातार पानी गिराने की कार्रवाई की। अरुणाचल प्रदेश की लोहित घाटी में आग पर काबू पाने के लिए 12,000 लीटर से अधिक पानी गिराया गया। राज्य में आग 13 फरवरी के आसपास शुरू हुई बताई गई है, जिससे कई इलाके प्रभावित हुए और कुछ स्थानों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर वायु सेना के अधिकारियों ने बताया कि घाटी के ऊपर संकरी पहाड़ी धारों (रिज लाइन) के पास मौजूद हॉटस्पॉट्स को निशाना बनाने के लिए कई उड़ान मिशन किए गए। खराब मौसम और ऊंचाई पर कम ऑक्सीजन (रेरिफाइड एयर) की चुनौती के बावजूद सटीक पानी गिराकर आग को सीमित करने और नाजुक हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा की गई।
लोहित घाटी में अभियान के साथ-साथ वायु सेना अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में एक अन्य जंगल की आग से भी एक साथ निपट रही है और कठिन भूभाग में लगातार हवाई मिशन चला रही है।
वायु सेना के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश के वालोंग में कुल 1,39,800 लीटर पानी गिराकर आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया गया। वहीं नागालैंड की द्ज़ुकोउ घाटी में अभियान जारी है, जहां एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर दीमापुर के पदुमपोखिरी झील से पानी लेकर जाप्फू पीक के पास लगी आग बुझाने में लगे हैं। यहां तीखी ढलान, कम दृश्यता और ऊंचाई की चुनौती बनी हुई है।
नागालैंड के एक वन अधिकारी ने बताया कि जारी आग से निपटने के लिए वायु सेना की अतिरिक्त सहायता हेतु जिला कलेक्टर को अनुरोध भेजा गया है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश के अंजाव जिले के दूरस्थ इलाकों (लगभग 3,000–3,500 फीट ऊंचाई) में आग बुझाने के प्रयासों में भारतीय सेना के जवान भी वायु सेना की टीमों के साथ शामिल हो गए हैं।
गुवाहाटी स्थित एक रक्षा प्रवक्ता के हवाले से बताया गया कि क्षेत्र में शुष्क मौसम और कुछ पहाड़ी समुदायों द्वारा प्रचलित झूम खेती (स्लैश-एंड-बर्न) जंगल की आग के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि पिछले पांच दिनों से चौबीसों घंटे हवाई निगरानी और हेलीकॉप्टरों द्वारा पानी गिराने का काम किया जा रहा है। बेहद कठिन भूभाग और मौसम के बावजूद प्रयास जारी हैं ताकि आग को पूरी तरह बुझाया जा सके।