

2025 में भारत ने अपने अब तक के रिकॉर्ड में आठवां सबसे गर्म साल अनुभव किया। इस वर्ष राष्ट्रीय औसत तापमान 1991-2020 के दीर्घकालिक औसत (एलपीए) से 0.28 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। भारत के चार मौसम में से दो में सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया गया। सर्दी (जनवरी-फरवरी) और पूर्व-मॉनसून (मार्च-मई) के मौसम सामान्य से अधिक गर्म रहे। सर्दी के मौसम में +1.17 डिग्री सेल्सियस की रिकॉर्ड-तोड़ विसंगति देखी गई जो 1901 के बाद से सबसे अधिक थी। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून (जून-सितंबर) सामान्य से थोड़ा अधिक (+0.09 डिग्री सेल्सियस) रहा, जबकि मॉनसून बाद की अवधि का मौसम (अक्टूबर-दिसंबर) सामान्य से थोड़ा कम (−0.10 डिग्री सेल्सियस) रहा