"कार्बन व जल उत्सर्जन को 95 प्रतिशत तक कम करता है केले से बना लेदर"

सितंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने मुंबई की जिनाली मोदी को यंग चैंपियन ऑफ द अर्थ घोषित किया। जिनाली मटेरियल साइंस आधारित स्टार्टअप बनोफी लेदर की संस्थापक हैं। तीन साल पहले शुरू हुआ बनोफी लेदर केले के कचरे से वीगन लेदर तैयार करता है और कई बड़े फैशन ब्रांड्स के साथ साझेदारी कर चुका है। दाक्षीआणी पलीचा से बातचीत में जिनाली मोदी फैशन उद्योग में बढ़ते टिकाऊपन के रुझान पर बात करती हैं
जिनाली मोदी
फोटो सौजन्य: बनोफी लेदर
Published on
Q

बनोफी लेदर का विचार कैसे आया?

A

बनोफी की शुरुआत सामग्री के प्रति मेरे जुनून और फैशन उद्योग में मेरी रुचि से हुई। आज चमड़े के ज्यादातर विकल्पों को वीगन कहा जाता है, लेकिन वह बड़े पैमाने पर प्लास्टिक या पेट्रोकेमिकल उत्पादों से बने होते हैं। हमने मटेरियल को नए सिरे से डिजाइन करने का फैसला किया और इसी प्रक्रिया में केले का कचरा एक उच्च गुणवत्ता वाला कच्चा माल बनकर सामने आया। केले के रेशे से बने उत्पाद पिछले कुछ वर्षों से मौजूद हैं और इनमें से कई स्वयं सहायता समूहों द्वारा छोटे पैमाने पर बनाए और बेचे जाते हैं।

Q

बनोफी के उत्पाद उनसे कैसे अलग हैं?

A

स्थानीय स्तर पर बनाए जाने वाले केले आधारित उत्पाद आमतौर पर कच्चे केले के रेशे से टोकरी या कालीन बनाने तक सीमित रहते हैं। इस प्रक्रिया में रेशे की सफाई और फिर हाथों व मशीनों से प्रसंस्करण किया जाता है। हमारे लेदर में भी केला कचरा एक अहम घटक है, लेकिन हम इसे रबर, गोंद और स्टार्च के साथ मिलाकर एक जालीदार संरचना बनाते हैं, जिससे एक टिकाऊ सामग्री तैयार होती है, जो नरम और लचीली भी होती है।

तकनीकी स्तर पर हम फल से सेल्यूलोज और लिग्निन को रासायनिक रूप से अलग करते हैं और फिर वांछित गुणों के लिए बाइंडर और एडिटिव्स यानी मजबूती और लचीलापन देने वाले तत्व बनाते हैं। वास्तव में अंतिम सामग्री में केला रेशा केवल 25 से 30 प्रतिशत होता है। इसके अलावा बाकी का हिस्सा काफी सावधानी से तैयार की गई रसायन प्रक्रिया से आता है।

Q

आपका लेदर पर्यावरण के लिए कैसे फायदेमंद है?

A

केले से बने लेदर का निर्माण पारंपरिक पशु लेदर की तुलना में कार्बन और जल उत्सर्जन दोनों को 95 प्रतिशत से अधिक कम करता है। इस प्रक्रिया में कोई विषैला कचरा भी नहीं निकलता। सबसे अहम बात यह है कि यह चमड़ा उद्योग से निकलने वाले क्रोमियम और भारी धातुओं जैसे जहरीले अपशिष्ट को पूरी तरह खत्म करता है, जो आमतौर पर जल स्रोतों में छोड़े जाते हैं। हम सीधे 100 छोटे किसानों के साथ काम करते हैं और उन स्थानीय लोगों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर पैदा किए हैं, जो केले के कचरे को काटने और ढोने का काम करते हैं।

Q

क्या फैशन ब्रांड पर्यावरण अनुकूल उत्पादों और तरीकों को लेकर अधिक जागरूक हो रहे हैं?

A

बड़े फैशन ब्रांड्स की सस्टेनेबिलिटी टीमें अब अपने प्रभाव का आकलन करती हैं और जानती हैं कि उत्सर्जन के मुख्य स्रोत कहां हैं, जिनमें लेदर एक बड़ा कारक है। जब उन्हें कोई ऐसा विकल्प मिलता है जो उच्च गुणवत्ता वाला हो और अच्छा प्रदर्शन करता हो, जिसे बड़े पैमाने पर अपनाया जा सके और कीमत में भी प्रतिस्पर्धी हो तो वह उसे लेकर उत्साहित होते हैं। उद्योग में बड़े बदलाव अब अपरिहार्य हैं, खासकर यूरोपियन यूनियन में मटेरियल पर प्रमाणन और नियम तेजी से सख्त हो रहे हैं। ब्रांड्स अब इस बदलाव को आगे बढ़ाने के लिए बड़ी सस्टेनेबिलिटी टीमें बना रहे हैं। मौजूदा समय में केवल केले का कचरा ही, जिसकी स्थानीय आपूर्ति लगभग असीमित है, हमारी कल्पना से कहीं अधिक संभावनाएं रखता है।

Related Interviews

No stories found.
Down to Earth- Hindi
hindi.downtoearth.org.in