डब्ल्यूएचओ रिपोर्ट 2025 के अनुसार करोड़ों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलीं, लेकिन सभी देशों में समान प्रगति अभी भी नहीं हो पाई है।
ट्रिपल बिलियन लक्ष्यों में प्रगति हुई, खासकर स्वस्थ जीवन क्षेत्र में, फिर भी कई अहम स्वास्थ्य लक्ष्य अभी तक पूरे नहीं हो सके।
फंडिंग की कमी और संसाधनों की सीमाओं के कारण कई देशों में स्वास्थ्य कार्यक्रमों की गति धीमी हुई और प्रभाव भी सीमित रहा।
महामारी तैयारी, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और टीकाकरण में सुधार देखा गया, जिससे भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने की क्षमता बढ़ी है।
स्वच्छ हवा, पानी और पर्यावरण सुधार से लोगों के स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव आया, लेकिन प्रदूषण और असमानता अब भी बड़ी समस्या बनी हुई है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपनी नई “रिजल्ट्स रिपोर्ट 2025” जारी की है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनिया भर में लोगों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी कई चुनौतियां बाकी हैं। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब स्वास्थ्य क्षेत्र को फंडिंग की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद कई देशों ने मिलकर अच्छे परिणाम हासिल किए हैं।
दुनिया भर में स्वास्थ्य में सुधार
रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 तक दुनिया में करोड़ों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिली हैं। कई देशों में अस्पताल, दवाइयां और इलाज की सुविधा पहले से बेहतर हुई है। इससे लोगों को गंभीर बीमारियों से बचने और इलाज पाने में मदद मिली है।
साल 2025 में 2018 की तुलना में लगभग 56.7 करोड़ अधिक लोगों को जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं मिलीं और उन्हें भारी इलाज खर्च नहीं उठाना पड़ा, जो 2024 से 13.6 करोड़ की वृद्धि है।
इसी तरह, 2025 में करीब 69.8 करोड़ अतिरिक्त लोग स्वास्थ्य आपात स्थितियों से बेहतर सुरक्षित हुए, जो 2024 के मुकाबले 6.1 करोड़ अधिक हैं।
वहीं, 2025 में लगभग 1.75 अरब अधिक लोग पहले की तुलना में स्वस्थ जीवन जी रहे हैं, जो 2024 से 30 करोड़ की वृद्धि को दर्शाता है।
हालांकि यह भी सच है कि सभी लोग अभी भी बराबर सुविधाएं नहीं हासिल कर रहे हैं। कुछ गरीब और संघर्ष कर रहे देशों में स्थिति अभी भी कमजोर है।
“ट्रिपल बिलियन” लक्ष्य क्या है
डब्ल्यूएचओ ने 2019 से 2025 के लिए तीन बड़े लक्ष्य तय किए थे, जिन्हें “ट्रिपल बिलियन” कहा जाता है। इनका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देना और उन्हें सुरक्षित रखना है।
पहला लक्ष्य था कि अधिक लोगों को जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। इस दिशा में प्रगति हुई है और करोड़ों लोगों को अब बिना ज्यादा खर्च के इलाज मिल पा रहा है।
दूसरा लक्ष्य था लोगों को स्वास्थ्य आपात स्थितियों से सुरक्षित रखना। इसमें महामारी, बीमारी फैलना और आपदा जैसी स्थितियां शामिल हैं। इस क्षेत्र में भी सुधार हुआ है, लेकिन अभी और काम करने की जरूरत है।
तीसरा लक्ष्य था लोगों को स्वस्थ और बेहतर जीवन जीने में मदद करना। इसमें साफ हवा, स्वच्छ पानी और अच्छी जीवनशैली शामिल है। इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा प्रगति देखी गई है।
अभी भी क्यों हैं चुनौतियां
रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रगति के बावजूद कई लक्ष्य पूरे नहीं हो पाए हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह फंडिंग की कमी है। जब पैसों की कमी होती है तो स्वास्थ्य सेवाओं को सही तरीके से चलाना मुश्किल हो जाता है।
कई जगहों पर डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी भी देखी गई है। इससे लोगों तक सही समय पर इलाज नहीं पहुंच पाता। इसके अलावा, कुछ देशों में संसाधनों की कमी के कारण स्वास्थ्य कार्यक्रम धीमे पड़ गए हैं।
बीमारियों से लड़ाई में प्रगति
रिपोर्ट में बताया गया है कि एचआईवी, टीबी और अन्य संक्रामक बीमारियों के इलाज में सुधार हुआ है। ज्यादा लोगों तक दवाइयां और जांच की सुविधा पहुंची है।
लेकिन कुछ बीमारियों जैसे डायबिटीज और खसरा के मामले में अभी भी कमी देखी गई है। इन बीमारियों की पहचान और इलाज को और मजबूत करने की जरूरत है।
महामारी और आपात स्थिति की तैयारी
कोरोना महामारी के बाद दुनिया ने यह सीखा कि स्वास्थ्य आपात स्थितियों के लिए तैयार रहना बहुत जरूरी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अब कई देशों ने अपनी तैयारी मजबूत की है।
नई नीतियां और नियम बनाए गए हैं ताकि भविष्य में आने वाली महामारी से बेहतर तरीके से निपटा जा सके। फिर भी, कुछ देशों में संसाधनों की कमी के कारण यह तैयारी अभी पूरी नहीं है।
मानसिक स्वास्थ्य और टीकाकरण
रिपोर्ट में मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया गया है। पहले की तुलना में अब ज्यादा देशों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। यह एक सकारात्मक बदलाव है। इसके अलावा, एचपीवी जैसे टीकों की पहुंच भी बढ़ी है। इससे महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार होगा।
पर्यावरण और स्वास्थ्य
स्वच्छ हवा, साफ पानी और अच्छा वातावरण भी स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। रिपोर्ट के अनुसार, कई देशों ने इस दिशा में काम किया है। हवा प्रदूषण को कम करने और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे भविष्य में बीमारियों को कम किया जा सकता है।
डब्ल्यूएचओ की यह रिपोर्ट दिखाती है कि दुनिया में स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रगति हो रही है। करोड़ों लोगों का जीवन बेहतर हुआ है। लेकिन अभी भी बहुत काम बाकी है।
अगर सरकारें और संगठन मिलकर काम करें और पर्याप्त निवेश करें, तो आने वाले वर्षों में और बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। स्वास्थ्य को मजबूत बनाना जरूरी है, क्योंकि यह हर व्यक्ति के जीवन से जुड़ा हुआ है।