दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के बीचपोर्ट में मृत मिली सील में वायरस मिला, जबकि शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं थे। फोटो साभार: आईस्टॉक
स्वास्थ्य

ऑस्ट्रेलिया में समुद्री जीवों तक पहुंचा बर्ड फ्लू, सील में मिला एच5एन1 वायरस

ऑस्ट्रेलिया में एच5एन1 का बढ़ता खतरा : सील में पहली बार मिला घातक बर्ड फ्लू वायरस, समुद्री पक्षियों के बाद अब स्तनधारी जीवों में संक्रमण से बढ़ी वन्यजीवों की चिंता।

Dayanidhi

  • ऑस्ट्रेलिया में पहली बार एक लंबे मुंह वाली फर सील में एच5एन1 बर्ड फ्लू वायरस मिलने से चिंता बढ़ी है।

  • दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के बीचपोर्ट में मृत मिली सील में वायरस मिला, जबकि शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं थे।

  • ऑस्ट्रेलिया में जून से बर्ड फ्लू फैल रहा है और अब समुद्री पक्षियों के बाद स्तनधारी जीव भी संक्रमित हो रहे हैं।

  • हर्ड आइलैंड में एच5एन1 से पहले ही 13,000 से अधिक सील बच्चों की मौत होने की खबर सामने आई थी।

  • सरकार के अनुसार, वायरस अभी ऑस्ट्रेलिया के मुर्गी पालन और कृषि क्षेत्र में नहीं पहुंचा है, लेकिन निगरानी जारी है।

ऑस्ट्रेलिया में बर्ड फ्लू का खतरा अब समुद्री जीवों तक पहुंच गया है। देश में पहली बार एक स्तनधारी जीव में घातक एच5एन1 बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि हुई है। दक्षिण ऑस्ट्रेलिया राज्य के बीचपोर्ट इलाके में एक लंबे मुंह वाली फर सील मृत मिली थी। जांच के बाद उसके शरीर में एच5एन1 वायरस पाया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, सील के शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं थे। उसकी मौत किसी दूसरी बीमार या मृत समुद्री जीव की मौत से भी जुड़ी हुई नहीं दिखाई दी। यह घटना ऑस्ट्रेलिया में फैल रहे बर्ड फ्लू को लेकर चिंता बढ़ाने वाली है।

जून से बढ़ रहा है बर्ड फ्लू का प्रकोप

ऑस्ट्रेलिया में एच5एन1 का प्रकोप जून से बढ़ रहा है। शुरुआत में यह वायरस प्रवासी समुद्री पक्षियों में पाया गया था। इसके बाद यह देश के दूसरे जंगली पक्षियों और स्थानीय वन्यजीवों में भी फैलने लगा।

इस महीने ऑस्ट्रेलिया में बड़ी संख्या में समुद्री पक्षियों की मौत भी हुई है। इसे बर्ड फ्लू के बढ़ते खतरे का बड़ा संकेत माना जा रहा है। अब एक समुद्री स्तनधारी जीव में वायरस मिलने से अधिकारियों और वैज्ञानिकों की चिंता और बढ़ गई है। दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों ने बताया कि यह सील बीचपोर्ट में मिली थी। यह जगह राज्य की राजधानी एडिलेड से करीब 310 किलोमीटर दक्षिण में है।

सील को क्यों है ज्यादा खतरा?

दक्षिण ऑस्ट्रेलिया की मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी स्काई फ्रुएन ने बताया कि सील के लिए एच5एन1 का खतरा ज्यादा हो सकता है। इसका एक बड़ा कारण यह है कि सील समुद्र के किनारे उन चट्टानी इलाकों के पास रहती हैं, जहां बड़ी संख्या में जंगली पक्षी भी आते हैं।

जंगली पक्षियों में वायरस होने के कारण सील अपने आसपास के वातावरण में वायरस के संपर्क में आ सकती हैं। समुद्र के किनारे रहने वाले इन जीवों के लिए संक्रमित पक्षियों के संपर्क से बचना आसान नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जब एच5एन1 प्राकृतिक वातावरण में फैल जाता है, तो वन्यजीवों को होने वाले बड़े नुकसान को रोकना बहुत मुश्किल हो जाता है।

ऑस्ट्रेलिया में हजारों सील पहले भी मरीं

ऑस्ट्रेलिया के मुख्य भू-भाग में पहली बार किसी स्तनधारी जीव में एच5एन1 मिला है, लेकिन देश से जुड़े क्षेत्र में यह वायरस पहले भी गंभीर नुकसान कर चुका है।

देर 2025 में ऑस्ट्रेलिया के अधीन आने वाले सब-अंटार्कटिक क्षेत्र हर्ड आइलैंड में एच5एन1 पाया गया था। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, वहां वायरस के कारण 13,000 से ज्यादा सील के बच्चों की मौत हुई थी। हर्ड आइलैंड की घटना ने पहले ही यह दिखा दिया था कि एच5एन1 समुद्री स्तनधारी जीवों के लिए कितना खतरनाक हो सकता है। अब मुख्य ऑस्ट्रेलिया में सील के संक्रमित मिलने से वन्यजीव विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है।

अभी मुर्गियों के फार्म में नहीं पहुंचा वायरस

ऑस्ट्रेलिया में बर्ड फ्लू के मामले बढ़ने के बावजूद एक महत्वपूर्ण बात यह है कि अभी तक एच5एन1 देश के मुर्गी पालन या कृषि क्षेत्र में नहीं पाया गया है।

संघीय सरकार के अनुसार, शुक्रवार तक देश में एच5एन1 के 297 मामले सामने आ चुके थे। सरकार और स्वास्थ्य अधिकारी लगातार जंगली पक्षियों और दूसरे वन्यजीवों पर नजर रख रहे हैं।

वन्यजीवों की सुरक्षा बनी बड़ी चुनौती

ऑस्ट्रेलिया दुनिया का आखिरी महाद्वीप था जहां बर्ड फ्लू का प्रसार हुआ। अब यह वायरस जंगली पक्षियों से दूसरे जीवों तक पहुंच रहा है। इससे वन्यजीवों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि एच5एन1 का प्राकृतिक वातावरण में फैलना केवल एक जगह की समस्या नहीं है। यह अलग-अलग प्रजातियों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए संक्रमित और मृत वन्यजीवों की निगरानी, वैज्ञानिक जांच और समय पर जानकारी देना बेहद जरूरी है।

फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में एच5एन1 का सबसे बड़ा असर वन्यजीवों पर दिखाई दे रहा है। सील में वायरस का मिलना इस प्रकोप का एक नया और गंभीर चरण माना जा रहा है। अधिकारियों की नजर अब इस बात पर है कि वायरस आगे किन-किन प्रजातियों तक पहुंचता है और इससे वन्यजीवों को कितना नुकसान होता है।