

विश्व सतत परिवहन दिवस सुरक्षित, सस्ता और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन के महत्व पर जोर देता है।
सतत परिवहन दशक (2026 से 2035) वैश्विक समाधान, संसाधन और साझेदारी को बढ़ावा देगा।
इलेक्ट्रिक वाहन, साइकिलिंग और पैदल चलना कार्बन उत्सर्जन कम करने के प्रभावी तरीके हैं।
हाई-स्पीड रेल, स्वच्छ विमानन और हरित शिपिंग भविष्य की पर्यावरण-अनुकूल यात्रा प्रणालियां हैं।
सतत परिवहन समानता, बेहतर सार्वजनिक सेवाओं और स्वस्थ शहरों के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है।
हर साल 26 नवंबर को विश्व सतत परिवहन दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि सुरक्षित, सस्ता, सबके लिए सुलभ और पर्यावरण के अनुकूल यातायात प्रणाली, हमारी आर्थिक प्रगति और सामाजिक कल्याण के लिए कितनी महत्वपूर्ण है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मई 2023 में प्रस्ताव ए/आरईएस /77/286 के माध्यम से इस दिन को हर साल मनाने की घोषणा की। इस प्रस्ताव के तहत देशों, संगठनों और सिविल सोसाइटी को प्रोत्साहित किया गया है कि वे यातायात के क्षेत्र में जागरूकता फैलाएं और सतत परिवहन से जुड़े प्रयासों को बढ़ावा दें।
अब जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय संयुक्त राष्ट्र सतत परिवहन दशक (2026 से 2035) की तैयारी कर रहा है, यह दिन और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। यह पूरा दशक दुनिया भर में यह समझ बढ़ाने का अवसर होगा कि सतत परिवहन, सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में कितनी बड़ी भूमिका निभाता है।
यह नया दशक नए समाधान, संसाधन और वैश्विक साझेदारी विकसित करने के लिए एक मजबूत मंच भी बनेगा।
पर्यावरण के लिए परिवहन में बदलाव की जरूरत
आज दुनिया एक बड़ी चुनौती का सामना कर रही है, हमारा अत्यधिक निर्भर होना प्रदूषण फैलाने वाले जीवाश्म ईंधन (फॉसिल फ्यूल) पर। लेकिन मानवता के पास क्षमता और नवाचार दोनों मौजूद हैं, जिनकी मदद से हम ऐसे परिवहन मॉडल बना सकते हैं जो ऊर्जा-कुशल हों और कार्बन उत्सर्जन को कम करें।
नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग से चलने वाले वाहन भविष्य का रास्ता दिखा रहे हैं। इलेक्ट्रिक वाहन, सौर-ऊर्जा से चलने वाले वाहन, जैव ईंधन से उड़ने वाले विमान और कम-कार्बन ईंधन पर मिलने वाली सब्सिडी ये सभी बदलाव हमें एक स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य की ओर ले जा सकते हैं।
कार्बन उत्सर्जन कम करने में परिवहन की बड़ी भूमिका
दुनिया भर में प्रति व्यक्ति औसत वार्षिक कार्बन फुटप्रिंट लगभग 5.9 टन है।
यदि कोई व्यक्ति कार-फ्री जीवन अपनाता है, तो उसका कार्बन फुटप्रिंट हर साल लगभग 3.6 टन तक कम हो सकता है।
साधारण कार की जगह इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) अपनाने से सालाना लगभग दो टन कार्बन उत्सर्जन कम किया जा सकता है।
यह आंकड़े बताते हैं कि छोटी-छोटी आदतें भी बड़े बदलाव ला सकती हैं।
पैदल चलना और साइकिल चलाना: साधारण लेकिन प्रभावशाली समाधान
पैदल चलना और साइकिल चलाना मानव इतिहास के सबसे पुराने परिवहन साधन हैं, लेकिन आज भी ये आधुनिक शहरों के लिए बिल्कुल उपयुक्त हैं।
वे शहर जहां सुरक्षित फुटपाथ, छायादार रास्ते और अलग साइकिल लेन बनाए जाते हैं, वहां प्रदूषण कम होता है और लोगों का स्वास्थ्य बेहतर होता है। इससे न केवल पर्यावरण सुधरता है बल्कि लोगों की जीवनशैली भी स्वास्थ्यकारी बनती है।
लंबी दूरी के लिए नवीन समाधान
विश्व के कई देश अब लंबी दूरी के लिए भी स्वच्छ परिवहन की ओर बढ़ रहे हैं।
हाई-स्पीड रेल कार और हवाई जहाज की तुलना में कम प्रदूषण फैलाती है और तेज यात्रा का विकल्प प्रदान करती है। फ्रांस, चीन और स्पेन जैसे देश घरेलू उड़ानों को कम करने के लिए रेल नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं।
एविएशन क्षेत्र भी बदलाव की तरफ बढ़ रहा है - जैव ईंधन, इलेक्ट्रिक विमान और हल्के डिजाइन वाले विमान विकसित किए जा रहे हैं।
शिपिंग उद्योग में भी स्वच्छ ईंधनों, हाइड्रोजन इंजन और हवा की मदद से चलने वाले जहाजों का परीक्षण हो रहा है, जिससे ईंधन की खपत कम हो सके।
सतत परिवहन: केवल मशीनों का नहीं, लोगों का मुद्दा
सतत परिवहन सिर्फ तकनीक या वाहनों के बारे में नहीं है, यह न्याय और समानता का मुद्दा भी है। दुनिया भर में करोड़ों लोग रोजाना बसों, ट्रेनों और अन्य सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहते हैं। यदि ये साधन सुरक्षित, समय पर और सुविधाजनक हों, तो लोगों को शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिलती है।
एक सचमुच सतत शहर वही है जहां हर व्यक्ति आसानी से यात्रा कर सके, चाहे उसके पास निजी वाहन हो या न हो।
चुनौतियां और आगे का रास्ता
बेशक, परिवर्तन आसान नहीं है।
नई परिवहन व्यवस्था बनाने में समय और धन दोनों लगते हैं।
कई क्षेत्रों में अभी भी स्वच्छ ऊर्जा की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है।
तेजी से बढ़ते शहरों में भीड़भाड़ और संसाधनों की कमी एक बड़ी चुनौती बन सकती है।
फिर भी, दुनिया भर में प्रगति तेजी से हो रही है। कई देश जलवायु समझौते कर रहे हैं, शहर स्वच्छ परिवहन योजनाएं अपना रहे हैं, और युवाओं का बढ़ता जागरूकता आंदोलन नए अवसरों को जन्म दे रहा है।
विश्व सतत परिवहन दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं है। यह हमें याद दिलाता है कि परिवहन केवल एक यात्रा का साधन नहीं बल्कि हमारी पृथ्वी के भविष्य का मार्ग है। यदि हम स्वच्छ, सुरक्षित और समानता पर आधारित परिवहन प्रणाली तैयार करें, तो हम न केवल पर्यावरण को बचा सकते हैं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर जीवन सुनिश्चित कर सकते हैं।
सतत परिवहन का रास्ता चुनौतीपूर्ण है, लेकिन असंभव नहीं और आज ही से शुरू किया गया हर छोटा कदम हमें एक हरित, स्वस्थ और सुरक्षित कल की ओर ले जाता है।