

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 03 फरवरी 2026 के आंकड़ों के मुताबिक देश के सिर्फ 2.4 फीसदी शहरों में हवा साफ है।
गाजियाबाद में एक्यूआई 337 दर्ज किया गया, जो एक दिन में 58 अंकों की बढ़ोतरी को दर्शाता है। दिल्ली में भी प्रदूषण बढ़कर 272 पर पहुंच गया।
कुल मिलाकर 65.7 फीसदी शहरों में वायु गुणवत्ता चिंताजनक, जबकि ‘खराब’ और ‘बेहद खराब’ श्रेणी वाले शहरों की संख्या में तेज इजाफा हुआ है।
विश्लेषण से पता चला है कि 03 फरवरी 2026 को देश में गाजियाबाद की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित रही, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 337 दर्ज किया गया। इससे पहले 02 फरवरी को गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 279 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण के स्तर में 58 अंकों का भारी उछाल आया है। इसके साथ ही गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता खराब से बेहद खराब हो गई है।
रुझानों में सामने आया है कि गाजियाबाद की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।
गाजियाबाद में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 2,100 फीसदी अधिक है।
दूसरी तरफ देश में शिलांग की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 22 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर गाजियाबाद की तुलना शिलांग से करें तो वहां स्थिति 15 गुणा खराब है।
इससे पहले कल देश में सिंगरौली की हवा सबसे खराब थी, जब एक्यूआई 321 दर्ज किया गया था। हालांकि आज 66 अंकों के सुधार के साथ सिंगरौली में एक्यूआई घटकर 255 पर पहुंच गया है।
राजधानी दिल्ली से जुड़े आंकड़ों को देखें तो कल से प्रदूषण में उछाल आया है। हालांकि वहां आज भी वायु गुणवत्ता खराब बनी हुई है। कल दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 210 दर्ज किया गया था, जो 03 फरवरी को 62 अंकों की बढ़ोतरी के साथ 272 पर पहुंच गया। इससे पहले 18 जनवरी को दिल्ली में 2026 का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 03 फरवरी 2026 को 245 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां महज 2.4 फीसदी शहरों में हवा साफ है।
वहीं 31.8 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 65.7 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज भी हवा चिंताजनक बनी हुई है।
बता दें कि कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 33.3 फीसदी का गिरावट आई है। इसी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में भी 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी तरफ मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में करीब 9.1 फीसदी का इजाफा हुआ है। इसी तरह खराब वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में भी कल से 17.4 फीसदी का उछाल देखा गया है। कुछ ऐसी ही स्थिति बेहद खराब हवा वाले शहरों की भी रही, जिनकी गिनती में कल से 100 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जोकि चिंता का विषय है।
फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक 170 (+7) रिकॉर्ड किया गया है।
आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में अंगुल (307) दूसरे जबकि हनुमानगढ़ (300) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह 297 अंकों के साथ नोएडा चौथे स्थान पर है। चरखी दादरी-ग्रेटर नोएडा में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो 295 और 282 अंकों के साथ पांचवें और छठे पायदान पर हैं।
दिल्ली (272) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में हाजीपुर (271), झुंझुनू (267) और गुम्मिडीपूंडी (261) भी शामिल हैं। गौरतलब है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में उत्तर प्रदेश के तीन (गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा) और राजस्थान के दो शहर (हनुमानगढ़, झुंझुनू) शामिल हैं।
विश्लेषण से यह भी पता चला है कि गाजियाबाद, नोएडा, चरखी दादरी, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली, हाजीपुर, झुंझुनू, गुम्मिडीपूंडी, सिंगरौली, चूरू, गुरुग्राम, पीथमपुर, नारनौल, बागपत, नाहरलागुन, ब्यासनगर, राजमहेंद्रवरम, गुवाहाटी, सीकर, धारूहेड़ा, तिरुमाला, टोंक, वडोदरा, भिवाड़ी, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, बहादुरगढ़, यादगीर, अमरावती (आंध्रप्रदेश), गया, विशाखापत्तनम, जयपुर, कोलकाता, फरीदाबाद, सूरत, बालासोर, पुणे, चिक्काबल्लापुर, बेलापुर, हल्दिया, वातवा, बारां, बारीपदा आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।
वहीं बीकानेर, मालेगांव, मीरा-भायंदर, बिलीपाड़ा, धनबाद, सवाई माधोपुर, नागौर, भिवंडी, सिलीगुड़ी, बदलापुर, चंद्रपुर, महाड, कल्याण, सहरसा, कटिहार, नांदेड़, सुआकाती, अलवर, श्री गंगानगर, गांधीनगर, कुंजेमुरा, बांसवाड़ा, क्योंझर, बेगूसराय, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), राजकोट, उदयपुर, अमृतसर, बारबिल, छपरा, रतलाम, भागलपुर, बोइसर, कैथल, अजमेर, यमुना नगर, कुरुक्षेत्र, अहमदनगर, कन्नूर, आगरा, भोपाल, लुधियाना, पुडुकोट्टई, लखनऊ, मदुरै, धारवाड़, खुर्जा, विरार, जलना आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।
इन शहरों के विपरीत देश के 2.4 फीसदी यानी महज छह शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में अगरतला, बागलकोट, गंगटोक, पंचगांव, शिलांग, श्रीनगर आदि शामिल हैं।
आज देश के जिन 78 शहरों में वायु गुणवत्ता सन्तोषजनक है, उनमें दमोह, दौसा, देवास, धौलपुर, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, हिसार, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जालंधर, जलगांव, जालोर, झांसी, कलबुर्गी, करौली, करनाल, कटनी, खन्ना, किशनगंज, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, मदिकेरी, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, मंगुराहा, मिलुपारा, मुरादाबाद, मैसूर, नागपट्टिनम, पाली, पलवल, पानीपत, पटियाला, पेरुंदुरई, रायपुर, रायरंगपुर, रामनाथपुरम, रोहतक, राउरकेला, सागर, सांगली, सासाराम, सतना आदि शामिल हैं।
इन शहरों के उलट आज देश के 132 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।
इन शहरों में आगरा, अहमदाबाद, अहमदनगर, अजमेर, अलवर, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अमृतसर, अंकलेश्वर, अररिया, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बद्दी, बदलापुर, बहादुरगढ़, बालासोर, बांसवाड़ा, बारां, बारबिल, बारीपदा, बेगूसराय, बेलापुर, बेंगलुरु, भागलपुर, भीलवाड़ा, भिवंडी, भोपाल, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, बिलीपाड़ा, बोइसर, बुलंदशहर, बूंदी, बक्सर, बर्नीहाट, चंद्रपुर, चेन्नई, छपरा, चिक्काबल्लापुर, चित्तौड़गढ़, कोयंबटूर, दावनगेरे, देहरादून, धनबाद, धारवाड़, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलूर, फरीदाबाद, गांधीनगर, गया, गोरखपुर, ग्वालियर, हल्दिया, हापुड़, हावड़ा, जबलपुर, जयपुर, जैसलमेर, जलना, जींद, जोधपुर, कडप्पा, कैथल, कल्याण, कन्नूर, कानपुर, काशीपुर, कटिहार, क्योंझर, खुर्जा, कोलकाता, कोल्लम, कोटा, कुंजेमुरा, कुरुक्षेत्र, लातूर, लखनऊ, लुधियाना, मदुरै, महाड, मालेगांव, मंडीदीप, मानेसर, मेरठ, मीरा-भायंदर, मोतिहारी, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नागांव, नागौर, नागपुर, नलबाड़ी, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, परभनी, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पुदुचेरी, पुडुकोट्टई, पुणे, पूर्णिया, राजगीर, राजकोट, राजसमंद, रामनगर, रतलाम, सहरसा, समस्तीपुर, सवाई माधोपुर, सिलीगुड़ी, सिरसा, सोलापुर, श्री गंगानगर, सुआकाती, सूरत, तालचेर, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, तुमकुरु, उदयपुर, उल्हासनगर, वातवा, विरार, विशाखापत्तनम, यादगीर, यमुना नगर शामिल हैं।
आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि आज देश के 27 शहरों में वायु गुणवत्ता खराब है। इन शहरों में बागपत, भिवाड़ी, बीकानेर, ब्यासनगर, चरखी दादरी, चूरू, कटक, दिल्ली, धारूहेड़ा, ग्रेटर नोएडा, गुम्मिडीपूंडी, गुरुग्राम, गुवाहाटी, हाजीपुर, हनुमानगढ़, झालावाड़, झुंझुनू, नाहरलागुन, नारनौल, नोएडा, पीथमपुर, राजमहेंद्रवरम, सीकर, सिंगरौली, तिरुमाला, टोंक, वडोदरा शामिल हैं।
वहीं गाजियाबाद, अंगुल में वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' है।
क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 245 में से महज छह शहरों में हवा 'बेहतर' है। 78 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 02 फरवरी 2026 को यह आंकड़ा 83 दर्ज किया गया था।
121 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' (101-200 के बीच) बनी हुई है।
दूसरे शहरों की तुलना में आज गाजियाबाद (337) में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां कल से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक गाजियाबाद में कल से एक्यूआई में 58 अंकों का उछाल आया है। हालांकि वहां वायु गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है। बता दें 02 फरवरी को गाजियाबाद में एक्यूआई 279 दर्ज किया गया था।
इससे पहले कल देश में सिंगरौली की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित थी, जब एक्यूआई बढ़कर 321 तक पहुंच गया था। हालांकि आज 66 अंकों के सुधार के साथ सिंगरौली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 255 पर पहुंच गया है।
दिल्ली में 03 फरवरी को एक बार फिर प्रदूषण में इजाफा दर्ज किया गया। दिल्ली में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक 210 दर्ज किया गया था, जो आज (03 फरवरी) बढ़कर 272 पर पहुंच गया। मतलब कि कल से दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में 62 अंकों का भारी उछाल आया है। चिंता की बात यह है कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता अभी भी मानकों से 1,700 फीसदी अधिक खराब है।
दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में इजाफा हुआ है, जहां सूचकांक 170 (+7) रिकॉर्ड किया गया। इसका मतलब है कि फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता आज भी मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 03 फरवरी को नोएडा चौथे स्थान पर है, वहीं अंगुल (307) दूसरे, जबकि हनुमानगढ़ (300) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 159, गाजियाबाद में 337, गुवाहाटी में 223, गुरूग्राम में 244, नोएडा में 297, ग्रेटर नोएडा में 282 पर पहुंच गया है।
इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 140 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘मध्यम‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 106, चेन्नई में 141, चंडीगढ़ में 98, हैदराबाद में 95, जयपुर में 173 और पटना में 148 दर्ज किया गया।
इन शहरों में साफ रही हवा
देश के जिन छह शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें अगरतला, बागलकोट, गंगटोक, पंचगांव, शिलांग, श्रीनगर शामिल हैं।
वहीं आइजोल, अकोला, अंबाला, अमरावती (महाराष्ट्र), अनंतपुर, आरा, बरेली, बाड़मेर, बैरकपुर, बेलगाम, बेतिया, भरतपुर, भिलाई, बिलासपुर, ब्रजराजनगर, चामराजनगर, चंडीगढ़, छाल, चिक्कमगलुरु, चित्तूर, दमोह, दौसा, देवास, धौलपुर, फतेहाबाद, फिरोजाबाद, हिसार, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जालंधर, जलगांव, जालोर, झांसी, कलबुर्गी, करौली, करनाल, कटनी, खन्ना, किशनगंज, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, मदिकेरी, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, मंगुराहा, मिलुपारा, मुरादाबाद, मैसूर, नागपट्टिनम, पाली, पलवल, पानीपत, पटियाला, पेरुंदुरई, रायपुर, रायरंगपुर, रामनाथपुरम, रोहतक, राउरकेला, सागर, सांगली, सासाराम, सतना, सिलचर, सिरोही, शिवसागर, सिवान, तंजावुर, थूथुकुडी, त्रिशूर, तिरुपति, उज्जैन, वापी, वाराणसी, विजयवाड़ा, वृंदावन आदि 83 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।
इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।
यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।
ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।
कल देश में वायु गुणवत्ता की स्थिति कैसी थी इसकी जानकारी आप डाउन टू अर्थ के एयर क्वालिटी ट्रैकर के पिछले अंक से प्राप्त कर सकते हैं:
सिंगरौली में हवा सबसे जहरीली, 321 पर पहुंचा एक्यूआई, दिल्ली में आया सुधार