भारत का ई-सफर: गुजरात ने बनाई ग्रीन मोबिलिटी पॉलिसी, केवल ईवी नहीं, एथेनॉल वाहन भी लक्ष्य में शामिल

गुजरात ने 2021 में इलेक्ट्रिक वाहन नीति बनाई थी, अब ग्रीन मोबिलिटी नीति के तहत 2031 तक नए वाहनों के पंजीकरण में 30 फीसदी ग्रीन वाहनों की हिस्सेदारी का लक्ष्य रखा है
अहमदाबाद में बसों के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसें शामिल की गई हैं। फोटो: राजू सजवान
अहमदाबाद में बसों के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसें शामिल की गई हैं। फोटो: राजू सजवान
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भारत का लक्ष्य है कि 2030 तक सभी नए वाहनों की बिक्री में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक वाहनों की हो, जो वैश्विक ईवी30@30 पहल के अनुरूप है, लेकिन गुजरात सरकार ने अपने लक्ष्य को नया रूप दे दिया है। राज्य सरकार ने गुजरात ग्रीन मोबिलिटी पॉलिसी 2026 के तहत 2031 तक नए वाहनों के पंजीकरण में "ग्रीन व्हीकल्स" की कुल हिस्सेदारी 30 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। 

ग्रीन व्हीकल्स में केवल इलेक्ट्रिक वाहन नहीं हैं, बल्कि हाइड्रोजन, जैव ईंधन और इथेनॉल को भी शामिल किया गया है। इस पॉलिसी में ग्रीन व्हीकल (जीवी) की पूरी परिभाषा इस प्रकार है:- 

ग्रीन व्हीकल ऐसा मोटर वाहन जो बिजली, हाइड्रोजन, जैव ईंधन या किसी अन्य कम-उत्सर्जन वाली और पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ तकनीक से संचालित होता है, जिसे सरकार समय-समय पर अधिसूचित कर सकती है। ऐसे वाहनों की विशेषता यह है कि पारंपरिक जीवाश्म ईंधन से चलने वाले वाहनों की तुलना में उनका पर्यावरण पर कम प्रभाव और उत्सर्जन कम होता है।

वाहन (पोर्टल) के अनुसार, नीति में ग्रीन वाहनों को निम्नलिखित श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है:

1. शुद्ध इलेक्ट्रिक वाहन (प्योर ईवी) और इलेक्ट्रिक वाहन (बीओवी)

2. फ्यूल सेल हाइड्रोजन वाहन और हाइड्रोजन (आईसीई) वाहन

3. इथेनॉल (ई100) वाहन

इस परिभाषा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि गुजरात की ग्रीन मोबिलिटी नीति में “ग्रीन वाहन” का दायरा केवल इलेक्ट्रिक वाहनों तक सीमित नहीं है। इसमें हाइड्रोजन, जैव ईंधन और इथेनॉल से चलने वाले वाहन भी शामिल हैं। यही वजह है कि नीति का “ग्रीन वाहन” लक्ष्य केवल ईवी अपनाने के लक्ष्य से अलग है।

इस पॉलिसी के तहत राज्य सरकार ने 2031 तक नए वाहनों के पंजीकरण में ग्रीन व्हीकल्स की कुल हिस्सेदारी 30 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत नए टू-व्हीलर्स में 40 प्रतिशत, पैसेंजर और गुड्स थ्री-व्हीलर्स में 30-30 प्रतिशत तथा फोर-व्हीलर कारों में 30 प्रतिशत ग्रीन व्हीकल्स का लक्ष्य है। लाइट गुड्स व्हीकल के लिए यह लक्ष्य 25 प्रतिशत, गुड्स व्हीकल के लिए 20 प्रतिशत और बसों के लिए 15 प्रतिशत रखा गया है।

ट्रैक्टरों के नए पंजीकरण में भी 10 प्रतिशत ग्रीन व्हीकल्स का लक्ष्य तय किया गया है। पॉलिसी में कई अनिवार्य प्रावधान भी किए गए हैं। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में 1 जनवरी 2029 से नए टू-व्हीलर, पैसेंजर और गुड्स थ्री-व्हीलर, फोर-व्हीलर कार तथा लाइट गुड्स व्हीकल के पंजीकरण के लिए केवल ग्रीन व्हीकल की अनुमति होगी। यानी इन श्रेणियों में नए पेट्रोल या डीजल वाहनों के पंजीकरण पर रोक लगाने का प्रस्ताव है।

स्कूल बसों के लिए भी चरणबद्ध लक्ष्य रखा गया है। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के सभी स्कूलों को अपने कुल बेड़े में इलेक्ट्रिफिकेशन का हिस्सा 31 दिसंबर 2028 तक कम से कम 10 प्रतिशत, 31 दिसंबर 2029 तक 20 प्रतिशत और 31 दिसंबर 2030 तक 30 प्रतिशत करना होगा। यह प्रावधान स्कूल के स्वामित्व वाली, किराए पर ली गई, लीज पर ली गई या हायर की गई सभी स्कूल बसों पर लागू होगा। 

गुजरात ग्रीन मोबिलिटी पॉलिसी 2026 में प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए नए वाहनों के पंजीकरण को लेकर सख्त प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत 1 जनवरी 2028 से थ्री-व्हीलर पैसेंजर कैरियर, थ्री-व्हीलर गुड्स कैरियर और फोर-व्हीलर ट्रांसपोर्ट कार के नए पंजीकरण में केवल ग्रीन व्हीकल को अनुमति दी जाएगी। वहीं टू-व्हीलर और लाइट गुड्स व्हीकल के लिए यह व्यवस्था 1 जनवरी 2029 से लागू होगी। यानी सरकार चरणबद्ध तरीके से प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में नए पेट्रोल और डीजल वाहनों की जगह ग्रीन व्हीकल को अनिवार्य करने की दिशा में बढ़ रही है।

बड़े वाहनों का लक्ष्य 

गुजरात ग्रीन मोबिलिटी पॉलिसी 2026 में ज्यादा इस्तेमाल और ज्यादा उत्सर्जन वाले वाहनों के लिए भी 2031 तक चरणबद्ध बदलाव का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत शहरी स्थानीय निकायों की नई सार्वजनिक बसों में कम से कम 80 प्रतिशत ग्रीन व्हीकल रखने का लक्ष्य है।

गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (जीएसआरटीसी) की नई बसों में यह लक्ष्य कम से कम 50 प्रतिशत रखा गया है। सरकारी वाहनों में नई चार-पहिया कारों में कम से कम 80 प्रतिशत ग्रीन व्हीकल करने का लक्ष्य है। इसी तरह शहरी स्थानीय निकायों द्वारा खरीदे, किराये या लीज पर लिए जाने वाले नए गुड्स व्हीकल में कम से कम 80 प्रतिशत ग्रीन व्हीकल रखने का लक्ष्य तय किया गया है। नीति में फ्लीट एग्रीगेटर्स और डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए भी नए वाहनों के बेड़े में ग्रीन व्हीकल शामिल करने के प्रावधान किए गए हैं।

इंसेंटिव 

गुजरात ग्रीन मोबिलिटी पॉलिसी 2026 में पुराने, अक्षम और प्रदूषण फैलाने वाले आंतरिक दहन इंजन (आईसीई) वाहनों को हटाकर ग्रीन व्हीकल अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए स्क्रैपेज इंसेंटिव का प्रावधान किया गया है।

गुजरात में पंजीकृत बीएस-4 और उससे कम श्रेणी के पात्र वाहनों को स्क्रैप करने पर दो-व्हीलर के लिए 10,000 रुपए, तीन-व्हीलर के लिए 20,000 रुपए और चार-व्हीलर के लिए 50,000 रुपए प्रति वाहन प्रोत्साहन दिया जाएगा। यह स्क्रैपेज इंसेंटिव सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (सीओडी) से जुड़ा होगा और केवल गुजरात में पंजीकृत वाहनों तथा गुजरात के निवासियों पर लागू होगा।

नीति में मौजूदा आईसीई वाहनों को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में बदलने के लिए भी वित्तीय सहायता का प्रावधान है। सरकार स्वीकृत इलेक्ट्रिक व्हीकल कन्वर्जन या रेट्रोफिटिंग किट लगाने पर पात्र वाहनों के कन्वर्जन या रेट्रोफिटिंग के लिए वित्तीय प्रोत्साहन देगी। चार-व्हीलर के लिए यह इंसेंटिव किट की लागत का 20 प्रतिशत होगा और अधिकतम 20,000 वाहनों को इसका लाभ दिया जाएगा, जिसमें प्रति वाहन अधिकतम 75,000 रुपए की सहायता मिलेगी।

ट्रक और बसों के लिए भी किट की लागत का 20 प्रतिशत इंसेंटिव तय किया गया है। इस श्रेणी में अधिकतम 1,500 वाहनों को प्रोत्साहन दिया जाएगा और प्रति वाहन अधिकतम सहायता 15 लाख रुपए होगी। यह सहायता वाहन की पात्रता, प्रमाणन और अधिकृत टेस्टिंग एजेंसी द्वारा परीक्षण सहित निर्धारित शर्तों के अधीन होगी।

इसके अलावा गुजरात सरकार ने ग्रीन व्हीकल के लिए अन्य वित्तीय और नियामकीय प्रोत्साहन भी प्रस्तावित किए हैं। नीति अवधि के दौरान गुजरात में पंजीकृत पात्र ग्रीन व्हीकल को गुजरात मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के तहत लगने वाले मोटर व्हीकल टैक्स में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी।

इसमें एकमुश्त टैक्स (लम्प सम टैक्स) और बार-बार लगने वाला टैक्स (रीकरिंग टैक्स) दोनों शामिल हैं। इस तरह नीति का उद्देश्य केवल नए इलेक्ट्रिक या अन्य ग्रीन व्हीकल की खरीद को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को स्क्रैप करने, मौजूदा आईसीई वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलने और नए ग्रीन व्हीकल पर कर संबंधी राहत देकर पूरे वाहन बेड़े को धीरे-धीरे स्वच्छ परिवहन की ओर ले जाना है।

इसके साथ गुजरात ग्रीन मोबिलिटी पॉलिसी 2026 में ग्रीन व्हीकल के लिए कुछ अतिरिक्त वित्तीय रियायतें भी दी गई हैं। पात्र ग्रीन व्हीकल के लिए रजिस्ट्रेशन फीस में 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान है, जो 18 जून 2019 को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की अधिसूचना तथा उसके बाद के संशोधनों के अनुरूप होगी। पात्र ट्रांसपोर्ट श्रेणी के ग्रीन व्हीकल को परमिट फीस में भी 100 प्रतिशत छूट मिलेगी।

इसके अलावा, गुजरात मोटर व्हीकल्स (टैक्सेशन ऑफ पैसेंजर) एक्ट, 1958 के तहत लगने वाले पैसेंजर टैक्स में नीति अवधि के दौरान गुजरात में पंजीकृत पात्र ग्रीन व्हीकल को 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। महिलाओं को ग्रीन व्हीकल खरीदने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन के रूप में टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर के लिए 5,000 रुपए तथा फोर-व्हीलर के लिए 10,000 रुपए अतिरिक्त दिए जाएंगे।

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