

पश्चिमी राजस्थान में गर्मी तेज, बाड़मेर में 43.6 डिग्री तापमान दर्ज, लोगों को धूप से बचने की सलाह दी गई।
असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहा, गर्मी से सतर्क रहने की जरूरत।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया।
किसानों को फसलों में पर्याप्त नमी बनाए रखने और पशुओं को गर्मी से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह।
मौसम विभाग ने लोगों से पर्याप्त पानी पीने, दोपहर में धूप से बचने और स्थानीय मौसम चेतावनियों पर ध्यान देने कहा।
देश के कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदल गया है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी जारी है, वहीं ओडिशा और आसपास के इलाकों में बना डीप डिप्रेशन बारिश और तेज हवाओं का कारण बन रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, यह प्रणाली अगले कुछ घंटों में कमजोर पड़ कर डिप्रेशन में बदल सकती है। इसके बाद भी अगले 24 घंटे तक इसका असर बने रहने के आसार हैं।
ओडिशा में सक्रिय मौसम प्रणाली
मौसम विभाग के मुताबिक, 24 सितंबर की शाम को डीप डिप्रेशन दक्षिण ओडिशा और उससे सटे उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर बना हुआ था। यह पिछले छह घंटों में करीब 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है। इसके आगे भी उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है।
इस मौसम प्रणाली का असर ओडिशा के साथ छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और आसपास के राज्यों में देखने को मिल सकता है। कई जगहों पर तेज बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।
कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम तथा विदर्भ में कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है। इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक पानी बरस सकता है।
वहीं, असम और मेघालय, बिहार, तटीय आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, झारखंड, केरल और माहे, तेलंगाना, उत्तराखंड, पश्चिमी मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने यहां भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बरस सकते हैं बादल।
बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और कच्ची सड़कों पर भी पानी जमा होने की आशंका है।
आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी
कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है। छत्तीसगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने के आसार हैं।
वहीं आज, आंध्र प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज और बिजली गिर सकती है। केरल, रायलसीमा और तेलंगाना समेत कुछ अन्य क्षेत्रों में भी आंधी और बिजली का असर देखने को मिल सकता है।
लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
राजस्थान में गर्मी का असर
मानसून की वापसी के बीच राजस्थान के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार देश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर में दर्ज किया गया। वहीं असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी अधिक रहा।
इससे साफ है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की स्थिति एक जैसी नहीं है। कहीं भारी बारिश और आंधी का खतरा है, तो कहीं गर्मी अभी भी परेशान कर रही है।
लोगों और किसानों के लिए खास सावधानी
बारिश का असर खेती पर भी पड़ सकता है। जिन किसानों की फसल तैयार है, उन्हें खेतों की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए और संभव हो तो कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए। अनाज, बीज, खाद और कृषि उपकरणों को बारिश से बचाना जरूरी है।
पश्चिमी राजस्थान में अधिक तापमान को देखते हुए लोग दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और धूप में सिर ढककर निकलें। बुजुर्गों, बच्चों और पशुओं को गर्मी से बचाने का विशेष ध्यान रखें। असम-मेघालय, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से अधिक न्यूनतम तापमान को देखते हुए खेतों और पशुओं की स्थिति पर नजर रखें।
किसान फसलों में नमी बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार सिंचाई करें, लेकिन जलभराव से बचें। पशुओं को छायादार, हवादार स्थान में रखें और पीने के लिए पर्याप्त साफ पानी उपलब्ध कराएं।