

यादिल्ली-एनसीआर में बारिश के बाद तापमान गिरा, मौसम हुआ सुहावना, ठंडी हवाओं से लोगों को गर्मी से मिली राहत।
मानसून की वापसी जारी, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों से गुजर रही वापसी रेखा।
उत्तराखंड, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और अंडमान-निकोबार में भारी बारिश का पूर्वानुमान, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट।
अंडमान-निकोबार में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक, कई राज्यों में आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई गई।
दिल्ली-रिज में न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री, जबकि राजस्थान के फलोदी में अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सितंबर के आखिरी दिनों में दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में मौसम बदल गया है। दिल्ली-एनसीआर में पिछले दिनों हुई हल्की बारिश के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिली है। 27 सितंबर 2026 को दिल्ली में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसमें 2.2 डिग्री की गिरावट रिकॉर्ड की गई। यह 2001 के बाद सितंबर में दर्ज सबसे कम न्यूनतम तापमान रहा। यह सामान्य से 2.9 डिग्री कम था। वहीं अधिकतम तापमान भी 1.4 डिग्री गिरकर 30.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 3.7 डिग्री कम रहा।
सोमवार सुबह दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में ठंडी हवा चलती रही। मौसम विभाग की ओर से 28 सितंबर, 2026 की सुबह जारी पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। आसमान में बादल छाए रह सकते हैं, हालांकि बीच-बीच में धूप भी निकलने की संभावना है।
मानसून की वापसी जारी
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी लगातार जारी है। मानसून की वापसी की रेखा पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों से होकर गुजर रही है। इसका असर आने वाले दिनों में उत्तर भारत के मौसम पर दिखाई दे सकता है।
उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने का अनुमान है। हालांकि स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
उत्तर प्रदेश के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र पड़ा कमजोर
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, उत्तरी मध्य उत्तर प्रदेश के ऊपर अच्छी तरह से बना कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) कमजोर पड़ गया है। इसके कारण उत्तर प्रदेश और आसपास के कुछ इलाकों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ भी ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय है। इससे उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम पर कुछ असर पड़ सकता है।
बंगाल की खाड़ी में भी मौसम सक्रिय
दक्षिणी तटीय म्यांमार के पास बना कम दबाव का क्षेत्र अब उत्तर अंडमान सागर और म्यांमार के तट के पास पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, इसके अगले 24 घंटे में डिप्रेशन में बदलने के आसार हैं। इसके बाद यह उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए म्यांमार और बांग्लादेश के तटों के पास से उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ सकता है।
इस मौसम प्रणाली के कारण अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और आसपास के समुद्री इलाकों में तेज बारिश और आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। इसलिए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
कई राज्यों में बारिश और आंधी-बिजली का अलर्ट
मौसम विभाग ने आज, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की आशंका जताई है। विभाग ने इन राज्यों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।
आज, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की आशंका भी जताई गई है। वहीं असम और मेघालय, हिमाचल प्रदेश, पूर्वोत्तर के कई राज्यों, राजस्थान तथा तमिलनाडु और पुडुचेरी में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी और बिजली गिरने की भी आशंका है।
आज, 28 सितंबर, 2026 को आंध्र प्रदेश, बिहार, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, ओडिशा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, असम और मेघालय, तटीय आंध्र प्रदेश तथा यनम में कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रहा। वहीं अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, असम और मेघालय, हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया।
27 सितंबर, 2026 को राजस्थान के फलोदी में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं दिल्ली-रिज में न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो मैदानी इलाकों में सबसे कम था।
किसानों और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह
बदलते मौसम को देखते हुए किसानों को फसलों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। बारिश वाले इलाकों में खेतों से पानी की निकासी की व्यवस्था करें और तैयार फसल को सुरक्षित, सूखी जगह पर रखें। बारिश और तेज हवा के दौरान खेतों में काम करने से बचें। बिजली चमकने पर पेड़, खुले खेत और बिजली के खंभों से दूर रहें।
लोगों को भी बारिश के दौरान वाहन धीरे चलाने और फिसलन वाली सड़कों पर सावधानी बरतने की सलाह है। आंधी और बिजली चमकने के समय खुले स्थानों पर जाने से बचें। किसानों और आम लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए।