पूर्वी व पूर्वोत्तर भारत में बहुत भारी बारिश के आसार, पहाड़ों में अगले छह दिन सतर्क रहने की जरूरत

कमजोर पड़ा कम दबाव, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, हिमाचल-उत्तराखंड में छह दिन सतर्कता, दिल्ली में हल्की बारिश के आसार पर उमस भरी गर्मी बरकरार, तमिलनाडु में लू की चेतावनी
अरुणाचल, असम-मेघालय और ओडिशा में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, कई अन्य राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी।
अरुणाचल, असम-मेघालय और ओडिशा में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, कई अन्य राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी।
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सारांश
  • उत्तर ओडिशा में बना कम दबाव क्षेत्र कमजोर, लेकिन कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, हिमाचल-उत्तराखंड में अगले छह दिन सतर्कता जरूरी।

  • दिल्ली-एनसीआर में बादल और हल्की बारिश के आसार, लेकिन पर्याप्त नमी नहीं मिलने से फिलहाल अच्छी बारिश के आसार कम।

  • अरुणाचल, असम-मेघालय और ओडिशा में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, कई अन्य राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी।

  • तमिलनाडु में लू का अलर्ट, जबकि दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी और उमस रहेगी।

  • किसानों को जल निकासी की व्यवस्था, दवा छिड़काव टालने, फसलों की सुरक्षा और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों के ऊपर बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर होकर सामान्य कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गया है। आज, शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को सुबह 5:30 बजे यह प्रणाली इसी क्षेत्र के आसपास बनी हुई थी। कम दबाव का क्षेत्र ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर झुका हुआ है। अगले 24 घंटों के दौरान इसके धीरे-धीरे और कमजोर पड़ने की संभावना है।

हालांकि यह प्रणाली कमजोर पड़ रही है, लेकिन इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। मौसम विभाग के अनुसार, इस कम दबाव के क्षेत्र से एक ट्रफ छत्तीसगढ़, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात होते हुए पूर्व-मध्य अरब सागर तक बनी हुई है। इसके कारण इन इलाकों में बादल छाने, गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना बनी हुई है।

देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता बनी हुई है। समुद्र तल पर बना मानसून ट्रफ अभी भी जम्मू, बरेली, बस्ती, डाल्टनगंज होते हुए उत्तर ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के केंद्र से गुजर रहा है। इसके बाद यह उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रहा है।

दिल्ली-एनसीआर में बादल, लेकिन अच्छी बारिश क्यों नहीं?

शुक्रवार, 17 जुलाई की सुबह दिल्ली-एनसीआर में आसमान बादलों से ढका रहा। कई जगहों पर हल्की बारिश और बूंदाबांदी भी दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इससे उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

राजधानी में अधिकतम तापमान 38 से 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 से 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। विभाग के अनुसार, अरब सागर से आने वाली नम हवाएं दिल्ली तक पहुंच रही हैं, जिससे बादल तो बन रहे हैं, लेकिन पर्याप्त नमी नहीं मिलने के कारण फिलहाल अच्छी बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां नहीं बन पा रही हैं।

राजस्थान में भी मानसून की गतिविधियां तेज होने के संकेत हैं। 17 से 22 जुलाई के बीच बारिश बढ़ने की संभावना है। वहीं 20 से 22 जुलाई के दौरान पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश हो सकती है।

हिमाचल, उत्तराखंड व जम्मू और कश्मीर में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, जम्मू और आसपास के इलाकों के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। मानसून ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख में अगले छह दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। 17 से 22 जुलाई के बीच कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है।

लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और चट्टानें गिरने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

आज इन राज्यों में होगी भारी बारिश

मौसम विभाग ने अपने ताजा अपडेट में कहा है कि आज, 17 जुलाई, 2026 को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय तथा ओडिशा में कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों में बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।

वहीं आज, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश के आसार जताए गए हैं। इन सभी राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। विभाग ने यहां भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक, आज 17 जुलाई, 2026 को पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और रायलसीमा के कुछ इलाकों में बारिश के साथ-साथ, गरज-चमक व 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं बिहार, तमिलनाडु, पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और कुछ अन्य राज्यों में भी गरज-चमक और बिजली गिरने का अंदेशा जताया है

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचने की सलाह दी है। बारिश और आंधी के समय पेड़ों तथा बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। वाहन चालकों को भी जलभराव वाले रास्तों पर सावधानी बरतने की जरूरत है।

समुद्र में खराब रहेगा मौसम

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में अगले कुछ दिनों तक समुद्र उफान पर रह सकता है। अरब सागर के कई हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं में और इजाफा होकर 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार में तब्दील होने के आसार हैं। ओडिशा और पश्चिम बंगाल तट के पास भी समुद्र में तेज हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे चेतावनी वाले समुद्री इलाकों में अगले कुछ दिनों तक न जाएं। समुद्र में जाने वाले सभी लोगों को मौसम संबंधी ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

कई राज्यों में सामान्य से अधिक तापमान

देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने के बावजूद कुछ राज्यों में तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, विदर्भ के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। वहीं हिमाचल प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और उत्तर आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों में भी दिन का तापमान सामान्य से काफी ऊपर, यानी 5 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा दर्ज किया गया।

रात के तापमान में भी कई राज्यों में बढ़ोतरी देखने को मिली। पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। इसके अलावा असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश, सौराष्ट्र-कच्छ तथा तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के कुछ हिस्सों में भी रातें सामान्य से अधिक गर्म रहीं।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 16 जुलाई, 2026 को देश के मैदानी इलाकों में हरियाणा के भिवानी में सबसे अधिक 42.0 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। वहीं महाराष्ट्र के जेऊर में 18.0 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो मैदानी क्षेत्रों में सबसे कम रहा।

तमिलनाडु में लू का अलर्ट, दिल्ली समेत कई राज्यों में गर्मी और उमस रहेगी

मौसम विभाग ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ इलाकों में लू या हीटवेव चलने की आशंका जताई है। इन राज्यों में लोगों को दोपहर के समय तेज धूप से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

इसके अलावा आंध्र प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम के बने रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने कहा है कि अधिक नमी और ऊंचे तापमान के कारण लोगों को बेचैनी और अधिक पसीने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को मौसम को ध्यान में रखते हुए खेती के कार्य करने की सलाह दी है। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश के आसार हैं, वहां खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था रखें ताकि फसलों में जलभराव न हो। बारिश के दौरान कीटनाशकों और उर्वरकों का छिड़काव फिलहाल टाल देना चाहिए।

केला, पपीता और अन्य ऊंची फसलों को सहारा देकर सुरक्षित रखें ताकि तेज हवाओं से नुकसान कम हो। सब्जी और बागवानी वाली फसलों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखें। पक चुकी फसलों की कटाई केवल साफ मौसम में करें और उपज को सूखी एवं सुरक्षित जगह पर रखें।

पशुपालकों को पशुओं को सूखे और सुरक्षित स्थान पर रखने, साफ पानी उपलब्ध कराने तथा सूखे चारे का प्रबंध करने की सलाह दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों के किसानों को भूस्खलन की आशंका वाले स्थानों से दूर रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

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